ताज़ा खबर
 

SIT जांच में दावा- देश भर में आतंकी कैंप चला रहा था हिंदुत्ववादी संगठन, देता था बम बनाने की ट्रेनिंग

कर्नाटक पुलिस की एसआईटी ने पत्रकार गौरी लंकेश मामले में कोर्ट में क्लोजर रिपोर्ट दाखिल कर दी है। रिपोर्ट में जुड़े हिंदुत्ववादी संगठन के देशभर में आतंकी संगठन चलाने की बात कही गई है।

Author May 9, 2019 11:12 AM
लोकसभा चुनाव के लिए अमित शाह, शिवराज सिंह के साथ प्रचार करती साध्वी प्रज्ञा। (फोटोः पीटीआई)

कर्नाटक पुलिस की एसआईटी ने मालेगांव धमाके से जुड़े हिंदुत्वादी संगठन अभिनव भारत के देश भर में बम बनाने का खुफिया ट्रेनिंग कैंप संचालित करने का दावा किया है। एसआईटी का दावा है कि यह संगठन खुफिया ठिकानों पर बम बनाने का प्रशिक्षण भी देता था।

कर्नाटक पुलिस के विशेष जांच दल (एसआईटी) पत्रकार गौरी लंकेश की हत्या के मामले में कोर्ट में क्लोजर रिपोर्ट में ये सब बातें कही हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि हिंदुत्व संगठन अभिनव भारत के चार लापता सदस्यों ने साल 2011-2016 के बीच देश के विभिन्न हिस्सों में सनातन संस्था से संबंधित कई संदिग्ध लोगों को देश के विभिन्न खुफिया हिस्सों में बम बनाने का प्रशिक्षण दिया।

ये लोग  साल 2006 से 2008 के बीच समझौता एक्सप्रेस ब्लास्ट, मक्का मस्जिद विस्फोट, अजमेर दरगाह और मालेगांव विस्फोट मामले से जुड़े हुए थे। साल 2008 में मालेगांव विस्फोट मामले में आरोपी प्रज्ञा सिंह ठाकुर भोपाल संसदीय सीट से भाजपा की तरफ से लोकसभा का चुनाव लड़ रही हैं।

मालेगांव विस्फोट मामले में 13 अन्य लोगों समेत साध्वी प्रज्ञा भी आरोपी हैं। इसमें अभिनव भारत के दो लोग रामजी कलसांगरा और संदीप डांगे शामिल है। इन लोगों को ‘घोषित अपराधी’ ठहराया जा चुका है।

दस्तावेज के अनुसार पत्रकार गौरी लंकेश की हत्या के मामले में सनातन संस्थान से जुड़े तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इस मामले में चार गवाह भी शामिल हैं। इस मामले में गिरफ्तार किए गए लोगों ने ट्रेनिंग कैंप में शामिल हुए थे। जिस कैंप में बम बनाने की ट्रेनिंग दी जा रही थी वहां दो ‘बाबाजी’ और चार ‘गुरुजी’ मौजूद थे।

साल 2008 में हुई थी बाबाजी की गिरफ्तारीः ‘बाबाजी’ की पहचान साल 2018 में उनकी गिरफ्तारी के बाद हुई। वह गुजरात में सुरेश नायर के रूप में रह रहा था। अभिनव भारत का सदस्य सुरेश नायर 2007 अजमेर दरगाह मामले में आरोपी था।

सूत्रों ने बताया कि नायर की गिरफ्तारी के बाद ये भी सामने आया कि संस्था के साथ 3 अन्य लोग भी जुड़े हुए हैं। ये लोग डांगे, कलसांगरा और अश्विनी चौहान हैं। इन तीनों को समझौता एक्सप्रेस मामले और चार अन्य विस्फोट के मामलों में ‘घोषित अपराधी’ डिक्लेयर किया जा चुका है।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ लिंक्डइन पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App

X