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डॉक्टरों की बड़ी लापरवाही! जिस महिला को बताया था मृत, अंतिम संस्कार के समय वह उठ बैठी

तेज बुखार से पीड़ित महिला को निजी अस्पताल के डॉक्टरों ने कथित रूप से मृत घोषित कर दिया था, बाद में वह जीवित हो गई।

Author बेंगलूरु | Updated: January 10, 2020 3:19 PM
प्रतीकात्मक तस्वीर – Indian Express

कर्नाटक में एक चौंकाने वाली घटना हुई। तेज बुखार से पीड़ित एक महिला को परिजनों ने अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टरों ने काफी जांच करने के बाद उसे कथित रूप से मृत घोषित कर दिया। परिजन उसे मृत समझकर घर ले गए और अंतिम संस्कार की तैयारी में लग गए। जब महिला को अंतिम विदाई देने के लिए जुलूस के रूप में ले जाया जाने लगा तो वह उठ कर बैठ गई।

बेंगलूरु से 500 किमी दूर बेलगावी गांव की घटना : राजधानी बेंगलूरु से 500 किमी दूर बेलगावी गांव में हाल ही में 55 वर्षीय एक महिला मालती चौगले को तेज बुखार हो गया था। जब उसकी हालत खराब हो गई तो परिजन उसे निजी अस्पताल ले गए। वहां वह बेहोशी की हालत में थी। डॉक्टरों ने उसे होश में लाने की काफी कोशिश की, लेकिन सफल नहीं हुए। निजी अस्पताल के डॉक्टरों की एक टीम ने उसको कथित रूप से मृत घोषित कर दिया।

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डॉक्टरों ने कहा फीस चुकाकर लाश ले जाइए : अस्पताल प्रशासन ने परिजनों से कहा कि वह डॉक्टरों की फीस और बकाया चुकाकर महिला की लाश को यहां से ले जाएं। परिजन उसे लेकर गांव चले गए और अंतिम संस्कार की तैयारी करने लगे। परिजनों ने उसकी बॉडी को घर के बरामदे में रख दिया। वहां उसके रिश्तेदार, पड़ोसी और अन्य लोग उसको अपनी श्रद्धांजलि देने लगे। जब महिला को अंतिम संस्कार करने के लिए जुलूस की शक्ल में ले जाया जाने लगा तो वह अचानक उठ बैठी। इससे लोग हक्का-बक्का रह गए। हालांकि उसके जीवित होने से सभी को खुशी हुई।

परिजनों ने कहा अस्पताल प्रशासन पर करेंगे केस : घटना के बाद से महिला के परिजनों में अस्पताल वालों पर गुस्सा है। उनका आरोप है कि डॉक्टरों ने जीवित महिला को मृत घोषित कर उन्हें मानसिक कष्ट दिया। परिजन उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की योजना बना रहे हैं। हालांकि अस्पताल वालों ने इससे इंकार करते हुए कहा है कि उन्होंने मृत नहीं घोषित किया था, बल्कि उसे सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल ले जाने की बात कही थी।

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