कर्नाटक सरकार ने बुधवार को अपने उस आदेश को वापस ले लिया जिसमें शिक्षण संस्थानों में हिजाब सहित धार्मिक पोशाक पर प्रतिबंध लगाया गया था। स्कूल शिक्षा और साक्षरता मंत्री मधु बंगारप्पा ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि एक नए आदेश के तहत छात्रों को यूनिफॉर्म के साथ-साथ सीमित प्रतीकों को पहनने की अनुमति दी जाएगी।

नए आदेश के अनुसार, सभी सरकारी स्कूलों, सहायता प्राप्त संस्थानों, निजी स्कूलों और प्री-यूनिवर्सिटी कॉलेजों के लिए यूनिफॉर्म अनिवार्य है। हालांकि, अब छात्रों को निर्धारित वर्दी के अतिरिक्त कुछ सीमित धार्मिक या आस्था-आधारित प्रतीक पहनने की अनुमति दी गई है, बशर्ते ऐसे प्रतीक यूनिफॉर्म में कोई बदलाव न करें।

स्कूल, कॉलेज में इन प्रतीकों को स्टूडेंट्स कर सकेंगे धारण

इस आदेश में विशेष रूप से उन प्रतीकों की लिस्ट दी गई है जिन्हें विद्यार्थी आमतौर पर धारण करते हैं। इनमें पेटा, जानिवारा, शिवदरा, रुद्राक्षी, हिजाब या सिर पर बांधने वाला स्कार्फ आदि धार्मिक या आस्था से जुड़े अन्य प्रतीक शामिल हैं। आदेश में यह भी कहा गया है कि इन्हें धारण करने की अनुमति होगी लेकिन इनसे अनुशासन, सुरक्षा या विद्यार्थी की पहचान को कोई खतरा नहीं होना चाहिए।

आदेश में आगे यह भी कहा गया है कि किसी भी विद्यार्थी को केवल धार्मिक प्रतीक धारण करने के आधार पर प्रवेश, परीक्षा में बैठने या किसी भी शैक्षणिक गतिविधि में भाग लेने से वंचित नहीं किया जाएगा। साथ ही, किसी भी विद्यार्थी को ऐसा कोई प्रतीक धारण करने के लिए बाध्य नहीं किया जाएगा। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री दिनेश गुंडू राव ने कहा कि नए आदेश का उद्देश्य बच्चों को उनके धर्म का पालन करने से हतोत्साहित होने से रोकना है। उन्होंने कहा, “क्या बच्चों को बुरा नहीं लगेगा जब उनसे सिंदूर, हिजाब या पगड़ी हटाने को कहा जाएगा? यह भेदभाव को खत्म करने के लिए है।”

कर्नाटक हिजाब विवाद

दिसंबर 2021 में उडुपी में हिजाब विवाद के बाद , तत्कालीन बसवराज बोम्मई के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार ने सरकारी और सहायता प्राप्त शिक्षण संस्थानों में स्कूल और कॉलेज विकास एवं निगरानी समितियों द्वारा निर्धारित यूनिफॉर्म को अनिवार्य कर दिया था। 5 फरवरी, 2022 के आदेश में कहा गया था कि यूनिफॉर्म के हिस्से के रूप में सिर पर स्कार्फ या शॉल नहीं पहना जाना चाहिए।

यूपी के मदरसे में पाकिस्तान निर्मित पंखा, ऐसे सामने आई सच्चाई

यूपी के कुशीनगर का एक मदरसा इन दिनों विवादों में घिरा है। सोशल मीडिया पर तीन दिन पहले पंखे की तस्वीर सामने आई, जिसमें उसके मोटर पर ‘Made in Pakistan’ (पाकिस्तान में बना हुआ) लिखा दिखाई दिया। पूरी खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें