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कर्नाटक संकट: ‘किसी कीमत पर वापस नहीं होगा इस्तीफा’, कांग्रेस MLA नागराज के मुंबई पहुंचते बोले बागी विधायक, मान-मनौव्वल जारी

बागी नेता ने साफ किया कि वह अपना इस्तीफा किसी भी कीमत पर वापस नहीं लेंगे। कांग्रेस और जेडीएस बागी विधायकों को मनाने में जुटे।

कर्नाटक के बागी एमएलए एसटी सोमशेखर। फोटो: ANI

कर्नाटक में कांग्रेस-जेडीएस के बागी विधायकों के इस्तीफे के बाद सियासी संकट जस का तस जारी है। यहां रविवार (14 जुलाई 2019) को बागी नेताओं ने साफ किया कि वह अपना इस्तीफा किसी भी कीमत पर वापस नहीं लेंगे। बागी विधायक एसटी सोमशेखर ने कहा ‘हम किसी भी कीमत पर अपना इस्तीफा वापस नहीं लेंगे। के. सुधाकर दिल्ली में हैं और वह भी हमारा समर्थन कर रहे हैं। वो मुंबई में जल्द ही हमारे पास आ सकते हैं। बीजेपी नेता आर. अशोक से हमारा कोई लेनादेना नहीं है। हमें नहीं पता कि वो यहां क्यों हैं।’

उन्होंने दावा किया कि, 12 विधायक अपना इस्तीफा वापस नहीं लेंगे। सभी 12 विधायक मुंबई में हैं। हमने होटल के अधिकारियों से अनुरोध किया है कि जो भी व्यक्ति हमसे मिलने के लिए यहां आए उसे अंदर आने की इजाजत ना दी जाए। इस बीच कांग्रेस और जेडीएस बागी विधायकों को मनाने में जुटे हैं। सूत्रों के मुताबिक मुख्यमंत्री एचडी कुमारास्वामी ने बागी विधायक रामलिंग रेड्डी से मुलाकात कर उन्हें मनाने की कोशिश की है। सीएम ने उन्हें विश्वास मत के दौरान कांग्रेस-जेडीएस के पक्ष में वोट करने के लिए कहा। इसके अलावा कुमारस्वामी और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता डीके शिवकुमार ने अस्पताल में बेल्लारी से कांग्रेस विधायक नागेंद्र से भी मुलाकात की। उनका हालचाल जाना और उनसे जानना चाहा कि क्या वो विश्वास मत में हिस्सा लेने आ सकते हैं?

वहीं कर्नाटक में सरकार के खिलाफ वोटिंग करने पर बागी विधायकों के अयोग्य घोषित होने के डीके शिवकुमार के बयान पर कर्नाटक बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष बीएस येदियुरप्पा ने कहा है कि, ‘सुप्रीम कोर्ट के निर्णय की वजह से स्पीकर को किसी को अयोग्य घोषित करने का अधिकार नहीं है।’

इस बीच गठबंधन सरकार के लिए उम्मीद जगाने वाले बागी विधायक एमटीबी नागराज ने पलटी मार ली। नागराज येदियुरप्पा के नजदीकी संग प्राइवेट प्लेन से मुंबई पहुंचे। उन्होंने स्पष्ट किया कि त्यागपत्र वापस लेने का सवाल ही नहीं उठता है । नागराज मौजूदा गठबंधन सरकार के उन 16 बागी विधायकों में से एक हैं जिन्होंने राज्य विधानसभा से अपना इस्तीफा दिया हुआ है।

मुंबई के लिए रवाना होने से पहले नागराज ने पत्रकारों से कहा, ‘‘सुधाकर ने अपना फोन बंद कर लिया है और पिछले दो दिन से उनसे कोई सम्पर्क नहीं हो पाया है। सुधाकर को समझा-बुझाकर, मैं उन्हें वापस लाने की कोशिश करूंगा। क्योंकि हम दोनों ने इस्तीफा दिया था इसलिए हम एक साथ रहना चाहते हैं। मैंने कांग्रेस नेताओं को इसकी जानकारी दे दी है।’’ कुमारस्वामी द्वारा विधानसभा में विश्वास मत हासिल करने को लेकर अचानक घोषणा करने के एक दिन बाद गठबंधन के नेताओं ने नागराज के साथ एक के बाद एक बैठकें की। इन बैठकों में सिद्धरमैया, कुमारस्वामी और मंत्री डी के शिवकुमार भी थे।

उल्लेखनीय है कि सत्तारूढ़ गठबंधन में अध्यक्ष को छोड़कर कुल 116 विधायक (कांग्रेस के 78, जद(एस) के 37 और बसपा के एक) हैं। दो निर्दलीय विधायकों के समर्थन के साथ 224 सदस्यीय सदन में भाजपा के विधायकों की संख्या 107 है। बागी विधायकों का इस्तीफा मंजूर करने के भय के चलते कांग्रेस-जद (एस) गठबंधन सरकार पर खतरे के बादल मंडरा रहे हैं। अगर 16 विधायकों के इस्तीफे मंजूर किए जाते हैं तो गठबंधन के विधायकों की संख्या घटकर 100 रह जाएगी।

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