कर्नाटक में डीके शिवकुमार के नेतृत्व में नई सरकार बनी है। कांग्रेस ने कर्नाटक विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान गृह लक्ष्मी और गृह ज्योति योजना का ऐलान किया था और इसे लागू भी किया। इन योजनाओं के लिए लाभार्थियों को दोबारा अप्लाई करने के लिए कहा गया है। इसके बाद से इस पर संशय के बादल मंडराने लगे। हालांकि अब मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने स्पष्टीकरण दिया है। डी के शिवकुमार ने रविवार को इन स्कीमों को बंद करने के किसी भी प्लान से इनकार किया।
डीके शिवकुमार ने कहा कि सरकार लाभार्थियों को वेरिफाई करना चाहती है। गृह लक्ष्मी योजना परिवार की महिला मुखिया को हर महीने 2,000 रुपये देती है और गृह ज्योति योजना हर महीने 200 यूनिट तक फ्री बिजली देती है। ये दोनों योजनाएं उन पांच चुनावी गारंटी में से हैं जिन्हें कांग्रेस ने राज्य में लागू किया है।
डीके शिवकुमार ने क्या कहा?
डीके शिवकुमार ने एक बयान में कहा, “गृह लक्ष्मी और गृह ज्योति कांग्रेस सरकार की शान हैं। उन्हें किसी भी हालत में नहीं रोका जाएगा। जनता को इस बारे में विपक्षी पार्टियों द्वारा फैलाई जा रही झूठी खबरें नहीं सुननी चाहिए।” शिवकुमार के मुताबिक, कुछ लोगों ने स्कीमों का फायदा उठाने के लिए मरे हुए लोगों के नाम पर जाली डॉक्यूमेंट बनाए थे। इसलिए लाभार्थियों को सिर्फ इसलिए दोबारा अप्लाई करने के लिए कहा गया है ताकि गारंटी स्कीमों के लिए उनके नाम, पते और अकाउंट नंबर को वेरिफाई और ऑथेंटिकेट किया जा सके। इससे ज्यादा कुछ नहीं है।”
डीके शिवकुमार ने एक दिन पहले कहा था कि सरकार को पता चला है कि गृह लक्ष्मी के कुछ लाभार्थियों की मौत हो गई है और दूसरों ने अपने नाम पर 100 करोड़ रुपये से ज़्यादा निकाले हैं। उन्होंने शनिवार को कहा, “इसलिए, सरकार यह वेरिफाई करने की योजना बना रही है कि यह स्कीम योग्य लाभार्थियों तक पहुंच रही है या नहीं। सभी लाभार्थियों को फिर से अप्लाई करना होगा। हम इस स्कीम को रोक नहीं रहे हैं। सरकार का किसी को हटाने का कोई इरादा नहीं है।”
गृह लक्ष्मी योजना के 1.64 करोड़ लाभार्थी
गृह लक्ष्मी योजना के 1.64 करोड़ लाभार्थी हैं। मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने तब कहा, “हमें यह वेरिफाई करने की ज़रूरत है कि यह स्कीम हमारे राज्य के लोगों तक पहुंच रही है या दूसरे राज्यों के लोगों तक। हमें लाभार्थियों को पहचान पत्र जारी करने होंगे। एप्लीकेशन कुछ ही दिनों में उपलब्ध करा दी जाएगी।”
हालांकि विपक्ष के नेता आर अशोक ने आरोप लगाया कि नए आवेदन के पीछे का मकसद लाभार्थियों की संख्या कम करना है। उन्होंने रविवार को X पर लिखा, “मृत लाभार्थियों का नाम हटाने के लिए क्या सभी लाभार्थियों को नए आवेदन जमा करने चाहिए? जनविरोधी नीतियों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। गारंटी स्कीम के नाम पर लोगों को लाइन में लगने के लिए कहकर परेशान करना बंद करें और सरकार अपने वादे पूरे करे।”
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