कर्नाटक में सात विधान परिषद सीटों के लिए हुए चुनाव में भाजपा को झटका लगा है। मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार की अगुवाई में कांग्रेस ने जहां पांच सीटों पर जीत हासिल की, वहीं, बीजेपी दो सीटों पर ही जीत दर्ज कर सकी।
सूत्रों ने न्यूज एजेंसी ANI को बताया कि कर्नाटक में भाजपा विधायकों की क्रॉस-वोटिंग से भाजपा हाईकमान नाराज है। हाई कमान ने राज्य भाजपा अध्यक्ष बी.वाई. विजयेंद्र, विधानसभा में विपक्ष के नेता आर. अशोका और स्टेट इंचार्ज राधामोहन दास को 23 तारीख को दिल्ली बुलाया गया है। खास बात यह है कि कर्नाटक में एनडीए के 11 विधायकों ने क्रॉस-वोटिंग की, जिससे भाजपा टॉप लीडरशिप नाराज़ है।
कर्नाटक में विधान परिषद की सात सीटों पर मतदान हुआ था। कांग्रेस को पहले संख्या बल के हिसाब से चार सीटें जीतने का अनुमान लगाया जा रहा था, लेकिन क्रॉस वोटिंग की वजह उसे एक सीट अतिरिक्त फायदा मिल गया है। इस वोटिंग में कुल 222 विधायकों ने वोटिंग की थी।
सूत्रों के मुताबिक, बीजेपी और जनता दल (सेक्युलर) दोनों ही दलों के विधायकों की ओर से ‘क्रॉस-वोटिंग’ की गई, क्योंकि कांग्रेस उम्मीदवारों को उम्मीद से ज्यादा वोट मिले।
सात विधान परिषद की सीटों के लिए चुनाव में कुल आठ प्रत्याशी मैदान में थे। चुनाव लड़ रहे उम्मीदवारों में कांग्रेस के थिप्पन्नप्पा कामकनूर, पी.वी. मोहन, शिवन्ना बी एस, बी.के. हरिप्रसाद (प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष) और विनय कार्तिक प्रकाश के नाम थे।
वहीं, भाजपा के लिंगराज पाटिल और रघु आर और जेडी (एस) के गोविंदराजू मैदान में थे। कांग्रेस के पांचों उम्मीदवारों और भाजपा के दोनों उम्मीदवारों ने इस चुनाव में जीत दर्ज की जबकि जेडी(एस) के गोविंदराजू को हार का सामना करना पड़ा।
खबरों के मुताबिक, भाजपा से निकाले गए तीन में से दो विधायकों (एस टी सोमशेखर और शिवराम हेब्बार) ने क्रास वोटिंग की है। वोटिंग खत्म होने के दोनों विधायकों ने कहा कि उन्होंने अपने अंतरात्मा की आवाज सुनकर वोट दिया है।
राज्यसभा चुनाव: क्रास वोटिंग के आरोपों को लेकर कांग्रेस पर भड़की CPI(ML), कहा- आप झूठ बोल रहे हो
झारखंड में राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार की हार को लेकर इंडिया ब्लॉक के भीतर तनाव बढ़ गया है। कांग्रेस ने CPI(ML) के दो विधायकों पर क्रॉस-वोटिंग का आरोप लगाया था। जिसके बाद सीपीआई (एमएल) लिबरेशन ने कड़ा विरोध दर्ज कराया है। पढ़ें पूरी खबर।
