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CM के खिलाफ ही मंत्री-MLA! बोले- हमारे पास सर्वाधिक “हाथी-शेर”…व्यक्ति नहीं, कुर्सी का करते हैं सम्मान

विजयपुरा से भाजपा विधायक बसानागौड़ा पाटिल ने भी मुख्यमंत्री बी एस येदियुरप्पा को हटाने की मांग करते हुए कहा कि सरकार और पार्टी की भलाई के लिए उनको जल्दी ही हटाया जाना चाहिए।

KARNATAKA
कर्नाटक सरकार में मंत्री सीपी योगेश्वर ने मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा के बेटे विजयेंद्र पर सरकारी कामकाज में दखलअंदाजी का आरोप लगाया है और कहा कि बदलाव जरूरी है। (फोटो- एएनआई: ट्विटर/BSYBJP)
कर्नाटक में राजनीतिक सुगबुगाहट एक बार फिर से तेज होने लगी है। भारतीय जनता पार्टी के विधायक ही मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा के खिलाफ हो गए हैं। कर्नाटक सरकार में मंत्री सीपी योगेश्वर ने मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए कहा है कि हमारे पास भी सबसे ज्यादा हाथी और शेर हैं। हम व्यक्ति का नहीं बल्कि उनकी कुर्सी का सम्मान करते हैं।

मंत्री सीपी योगेश्वर ने मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा के बेटे विजयेंद्र पर सरकारी कामकाज में दखलअंदाजी का आरोप लगाया है। सीपी योगेश्वर ने इशारों में हमला बोलते हुए कहा कि बदलाव जरूरी है। हम सिर्फ हाथी के बेटे को इसलिए सिंहासन ढ़ोने की अनुमति नहीं दे सकते हैं क्योंकि उसके पिता इसको ढो रहे हैं।

इसके अलावा सीपी योगेश्वर ने नेतृत्व परिवर्तन की मांग करते हुए कहा कि हमारे पास हाथियों और शेरों की संख्या भी सबसे अधिक है। इसलिए अब पार्टी आलाकमान यह तय करेगा कि कौन सा हाथी मुख्यमंत्री पद के लिए सबसे उपयुक्त है। साथ ही सीपी योगेश्वर ने कहा कि हम सिर्फ कुर्सी का सम्मान करते हैं ना कि किसी व्यक्ति का।

सीपी योगेश्वर के अलावा कई और विधायक भी कर्नाटक के मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा को हटाने की मांग कर रहे हैं। विजयपुरा से भाजपा विधायक बसानागौड़ा पाटिल यतनाल ने भी मुख्यमंत्री बी एस येदियुरप्पा को हटाने की मांग करते हुए कहा कि सरकार और पार्टी की भलाई के लिए उनको जल्दी उनके पद से हटाया जाना चाहिए। डेक्कन हेराल्ड की रिपोर्ट के अनुसार एक पत्रकार ने जब उनसे पूछा कि क्या नए मुख्यमंत्री ही 15 अगस्त को झंडा फहराएंगे तो उन्होंने कहा कि आप इतनी देर क्यों चाहते हैं। अगर ऐसा रहा तो तबतक हर दिन 100 करोड़ की लूट होगी।

इसके अलावा बीजेपी एमएलसी एच विश्वनाथ ने भी पिछले दिनों बीएस येदियुरप्पा पर भाई भतीजावाद करने का आरोप लगाया था। विश्वनाथ ने कहा था कि येदियुरप्पा अपने बढ़ते उम्र और गिरते स्वास्थ्य के कारण सरकार चलाने की स्थिति में नहीं हैं। इसलिए उनकी जगह किसी और को कुर्सी संभालनी चाहिए। पारिवारिक दखलअंदाजी से प्रशासन की साख पर सवाल उठ रहे हैं।

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