कर्नाटक के खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने होटल, रेस्तरां, कैटरिंग सेवाओं, कैंटीन और अन्य खाद्य कारोबारियों के लिए 12 सूत्रीय एडवाइजरी जारी की है। विभाग ने सभी फूड बिजनेस ऑपरेटरों को फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स एक्ट, 2011 और FSSAI के नियमों का सख्ती से पालन करने का निर्देश दिया है। यह एडवाइजरी ऐसे समय जारी की गई है, जब राज्य में खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण तेज किया गया है।
एडवाइजरी में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, कर्मचारियों की व्यक्तिगत स्वच्छता, किचन की साफ-सफाई, खाद्य भंडारण, परिवहन, पानी की गुणवत्ता और कचरा प्रबंधन समेत कई अहम बिंदुओं पर दिशा-निर्देश दिए गए हैं। विभाग ने स्पष्ट किया है कि नियमों का उल्लंघन करने वाले प्रतिष्ठानों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
साफ-सफाई और खाद्य संपर्क वाली सतहों पर विशेष जोर
विभाग ने निर्देश दिया है कि होटल और रेस्तरां के परिसर साफ, स्वच्छ और उचित तरीके से रखरखाव किए हुए होने चाहिए। भोजन के संपर्क में आने वाली सतहों, बर्तनों और उपकरणों की नियमित रूप से सफाई की जानी चाहिए। खाद्य कर्मचारियों को साफ यूनिफॉर्म, हेडगियर और दस्ताने पहनने तथा व्यक्तिगत स्वच्छता का ध्यान रखने को कहा गया है।
अच्छी गुणवत्ता के कच्चे माल का ही हो इस्तेमाल
एडवाइजरी के मुताबिक, खाना बनाने में केवल अच्छी गुणवत्ता वाले कच्चे माल का इस्तेमाल किया जाना चाहिए। सभी सामग्री को साफ और स्वच्छ परिस्थितियों में स्टोर करना होगा। एक्सपायर्ड या घटिया गुणवत्ता वाली सामग्री को तुरंत नष्ट करने और खाद्य पदार्थों की सही लेबलिंग करने के निर्देश दिए गए हैं।
कच्चे और पके भोजन को अलग रखना जरूरी
विभाग ने खाद्य पदार्थों में क्रॉस-कंटैमिनेशन रोकने के लिए कच्चे और पके भोजन को अलग रखने का निर्देश दिया है। शाकाहारी और मांसाहारी भोजन के लिए अलग-अलग बर्तन और कंटेनर इस्तेमाल करने को कहा गया है।
तापमान को लेकर भी स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए गए हैं। गर्म भोजन को 60 डिग्री सेल्सियस से ऊपर, ठंडे भोजन को 4 डिग्री सेल्सियस से नीचे और फ्रोजन खाद्य पदार्थों को -18 डिग्री सेल्सियस पर या उससे कम तापमान पर रखने को कहा गया है।
बीमार कर्मचारी नहीं संभाल सकेंगे खाना
एडवाइजरी में खाद्य कर्मचारियों के नियमित स्वास्थ्य परीक्षण पर भी जोर दिया गया है। किसी कर्मचारी के बीमार होने की स्थिति में उसे भोजन तैयार करने या संभालने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए। कर्मचारियों को बार-बार हाथ धोने और व्यक्तिगत स्वच्छता बनाए रखने की सलाह दी गई है। हर खाद्य प्रतिष्ठान में FoSTaC प्रमाणित फूड सेफ्टी सुपरवाइजर की नियुक्ति भी अनिवार्य रूप से सुनिश्चित करने को कहा गया है।
खाद्य पदार्थों के परिवहन के दौरान भी रखना होगा ध्यान
खाद्य पदार्थों को ले जाने वाले वाहनों को साफ और ढका हुआ होना चाहिए। विभाग ने कच्चे और पके भोजन के लिए अलग-अलग परिवहन व्यवस्था की सलाह दी है। इसके साथ ही, परिवहन के दौरान खाद्य पदार्थों का उचित तापमान बनाए रखना भी जरूरी होगा।
पीने योग्य पानी का ही इस्तेमाल
खाना बनाने और सफाई के लिए केवल पीने योग्य यानी सुरक्षित पानी का इस्तेमाल किया जाना चाहिए। पानी की टंकियों की नियमित सफाई और उनकी समय-समय पर जांच कराने के निर्देश भी दिए गए हैं। होटल, रेस्तरां और अन्य खाद्य प्रतिष्ठानों में कर्मचारियों और ग्राहकों के लिए साफ शौचालय तथा उचित हाथ धोने की सुविधा उपलब्ध कराने को कहा गया है।
कीट नियंत्रण और कचरा प्रबंधन पर भी सख्ती
खाद्य प्रतिष्ठानों को कीटों से मुक्त रखने और नियमित रूप से पेस्ट कंट्रोल कराने के निर्देश दिए गए हैं। कचरे के डिब्बे ढके हुए होने चाहिए और उन्हें नियमित रूप से खाली किया जाना चाहिए। खुले में कचरा फेंकने पर रोक लगाई गई है। कचरे का निपटारा केवल ऑथराइज्ड एजेंसियों के माध्यम से करने को कहा गया है।
फफूंद लगा खाना तुरंत करना होगा नष्ट
विभाग ने फफूंद लगी खाद्य सामग्री को तुरंत फेंकने का निर्देश दिया है। साथ ही, कच्चे और पके भोजन के बीच किसी भी तरह के क्रॉस-कंटैमिनेशन को रोकने के लिए जरूरी सावधानी बरतने को कहा गया है। खाद्य पदार्थों में मौजूद एलर्जी पैदा करने वाले तत्वों की जानकारी प्रदर्शित करनी होगी। जहां लागू हो, वहां पोषण संबंधी जानकारी भी उपलब्ध करानी होगी।
इस्तेमाल किए गए कुकिंग ऑयल को दोबारा इस्तेमाल करने पर रोक
एडवाइजरी में इस्तेमाल किए गए कुकिंग ऑयल को दोबारा इस्तेमाल न करने का निर्देश दिया गया है। ऐसे तेल का निपटारा केवल ऑथराइज्ड एजेंसियों के जरिए किया जाना चाहिए।
नियम तोड़े तो बंद हो सकता है प्रतिष्ठान
खाद्य सुरक्षा विभाग ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि एडवाइजरी का पालन नहीं करने वाले होटल, रेस्तरां, कैंटीन और कैटरिंग इकाइयों के खिलाफ ‘फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स एक्ट’ के तहत कार्रवाई की जाएगी। इसमें जुर्माने के साथ प्रतिष्ठान को बंद करने जैसी कार्रवाई भी शामिल हो सकती है।
विभाग ने यह एडवाइजरी सभी जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारियों को भेज दी है, ताकि इन दिशा-निर्देशों को लागू कराने के साथ-साथ खाद्य कारोबारियों और आम लोगों के बीच जागरूकता भी बढ़ाई जा सके।
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