कांग्रेस नेता डीके शिवकुमार ने बुधवार को कर्नाटक के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। शपथ ग्रहण के दौरान शिवकुमार हाथ में संविधान की प्रति लिए हुए थे। शपथ ग्रहण समारोह में पार्टी के वरिष्ठ नेता जीपरमेश्वर और 12 अन्य नेताओं ने मंत्री पद की शपथ ली। वहीं, शपथ ग्रहण के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस कर शिवकुमार ने अपनी कैबिनेट का पहला फैसला सुनाया।

कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने कहा, “यह युवाओं का युग है। छात्र पूछ रहे थे कि लड़कियों के लिए मुफ्त बस क्यों है? हम सभी छात्रों को मुफ्त बस पास दे रहे हैं। यह सभी स्कूल और कॉलेज के छात्रों के लिए मुफ्त है। डीके शिवकुमार की कैबिनेट का यह पहला फैसला है। छात्रों को इसके लिए आवेदन करना होगा, हम परिवहन विभाग से इस बारे में चर्चा करेंगे।”

इसके साथ ही डीके शिवकुमार ने कहा, “नौकरी की तलाश कर रहे बेरोजगार लोगों को सरकार के साथ रजिस्ट्रेशन कराना चाहिए। हम कंपनियों से बात करेंगे और उन्हें उनकी जरूरत के अनुसार नौकरियां उपलब्ध कराने की व्यवस्था करेंगे।” उन्होंने आगे कहा, “”गांवों में ‘भारत जोड़ो’ युवा क्लब बनाने का निर्णय लिया गया है। सरकार इसके लिए 10 लाख रुपये देगी। यह इसलिए किया जा रहा है ताकि युवा क्लबों का गठन अन्य बुरी आदतों का सहारा लिए बिना हो सके। हमारा लक्ष्य 10,000 ‘भारत जोड़ो’ युवा क्लब बनाना है।”

सिद्धारमैया के साथ 13 नेताओं ने ली मंत्री पद की शपथ

उपमुख्यमंत्री जी परमेश्वर के अलावा जिन 12 नेताओं ने मंत्रीपद की शपथ ली उनमें केएच मुनियप्पा, के जे जॉर्ज, एमबी पाटिल, रामलिंगा रेड्डी, सतीश जारकीहोली, कृष्णा बायरेगौड़ा, प्रियंक खरगे, यू टी खादर, ईश्वर खंड्रे, यतींद्र सिद्धरमैया, बिरथी सुरेश और शरण प्रकाश पाटिल शामिल हैं। खादर और यतींद्र को छोड़कर अन्य सभी नेता पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के नेतृत्व वाली मंत्रिपरिषद में मंत्री रह चुके हैं।

शिवकुमार मंत्रिपरिषद में मुख्यमंत्री समेत अब कुल 14 सदस्य हैं। विधानसभा के संख्याबल के आधार पर राज्य में मंत्रिपरिषद में अधिकतम 34 सदस्य हो सकते हैं। इस महीने होने वाले राज्यसभा और विधान परिषद चुनाव के बाद शिवकुमार मंत्रिमंडल का विस्तार होने की संभावना है। शपथ लेने से पहले, शिवकुमार ने मल्लिकार्जुन, राहुल गांधी और कांग्रेस शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों का गुलदस्ता देकर और कांग्रेस का ‘अंगवस्त्रम’ पहनाकर स्वागत किया।

किस केस की वजह से डीके शिवकुमार ने तिहाड़ जेल में काटे थे 50 दिन?

डीके शिवकुमार की ये राजनीतिक यात्रा काफी उतार-चढ़ाव वाली रही है। एक दौर ऐसा आया था, कि जब वे तिहाड़ जेल में थे। 50 दिन के बाद जमानत मिली तो डीके को कांग्रेस ने कर्नाटक प्रदेश अध्यक्ष बनाया। पूरी खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें