कर्नाटक में भाजपा को कांग्रेस ने गुरुवार को सात विधान परिषद सीटों पर हुए चुनाव में खेल कर दिया है। डीके शिवकुमार की अगुवाई में सत्तारूढ़ कांग्रेस ने विधान परिषद की सात सीटों में से पांच पर जीत हासिल की है, जबकि विपक्षी भाजपा को महज दो सीट ही जीत सकी।

कांग्रेस को पहले संख्या बल के हिसाब से चार सीटें हासिल होने का अनुमान लगाया जा रहा था लेकिन क्रॉस वोटिंग के कारण उसे एक सीट अतिरिक्त फायदा मिल गया है। इस वोटिंग में कुल 222 विधायकों ने अपने मतों का इस्तेमाल किया है।

BJP और JD(S) की ओर से हुई क्रास वोटिंग

सूत्रों के मुताबिक, भाजपा और जनता दल (सेक्युलर) दोनों ही दलों के विधायकों की ओर से ‘क्रॉस-वोटिंग’ की गई, क्योंकि कांग्रेस उम्मीदवारों को उम्मीद से ज्यादा वोट मिले। कर्नाटक विधानसभा के सदस्यों ने विधानसौध में हुए चुनाव में मतदान किया। मतगणना शाम पांच बजे शुरू हुए थे।

कांग्रेस ने जीती पांच सीटें

इन सात सीटों के लिए चुनाव में कुल आठ उम्मीदवार मैदान में थे। चुनाव लड़ रहे उम्मीदवारों में कांग्रेस के थिप्पन्नप्पा कामकनूर, पी.वी. मोहन, शिवन्ना बी एस, बी.के. हरिप्रसाद (प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष) और विनय कार्तिक प्रकाश के नाम थे, जबकि भाजपा के लिंगराज पाटिल और रघु आर और जेडी (एस) के गोविंदराजू मैदान में थे। कांग्रेस के पांचों उम्मीदवारों और भाजपा के दोनों उम्मीदवारों ने इस चुनाव में जीत दर्ज की जबकि जेडी(एस) के गोविंदराजू को हार का सामना करना पड़ा।

दो विधायकों ने की क्रास वोटिंग

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, भाजपा से निकाले गए तीन में से दो विधायकों (एस टी सोमशेखर और शिवराम हेब्बार) ने क्रास वोटिंग की है। वोटिंग खत्म होने के दोनों विधायकों ने कहा कि उन्होंने अपने अंतरात्मा की आवाज सुनकर वोट दिया है।

विधान परिषद के सात सदस्यों का कार्यकाल 30 जून को समाप्त होने वाला है, ऐसे में इन सीटों पर मतदान करवाया गया। इन सीटों पर कांग्रेस के नसीर अहमद, टिप्पन्नाप्पा और बी. के. हरिप्रसाद, भाजपा के एन. नागराजू (एमटीबी), प्रताप एस. नायक के. और सुनील वल्लयापुर तथा जद (एस) के गोविंदराजू का कार्यकाल खत्म हो रहा है।

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गुरुवार को होने वाले कर्नाटक विधान परिषद (MLC) के सात सीटों के चुनाव से पहले राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। डीके शिवकुमार के राज्य के सीएम बनने के बाद एक बार फिर रिजॉर्ट पॉलिटिक्स की वापसी दिख रही है। कांग्रेस ने इस चुनाव में पांच उम्मीदवार उतारे हैं जबकि भाजपा के दो उम्मीदवार मैदान में हैं। वहीं JD(S) ने अंतिम समय में अपना उम्मीदवार उतारा है। हालांकि उसके पास जीत के लिए पर्याप्त संख्या बल नहीं माना जा रहा है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें