ब्रेकफास्ट मीटिंग के दौरान कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने अपने कैबिनेट सहयोगियों से कहा कि वह आज दोपहर 3 बजे मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे देंगे। इससे पहले कर्नाटक के डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार ने सिद्धारमैया से मुलाकात करके उनके पैर छूकर आशीर्वाद लिया और एक-दूसरे को गले लगाया। बैठक से पहले बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री ने AICC के प्रभारी महासचिव रणदीप सुरजेवाला के साथ चर्चा की।
वहीं, कर्नाटक कांग्रेस ने अपने एक्स हैंडल पर मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार की फोटो शेयर करते हुए लिखा, “उस दिन, आज के दिन, हमेशा के लिए… एकता ही हमारी शक्ति है! जनसेवा ही हमारी शाश्वत प्रतिबद्धता है!”
विधायकों के एक गुट ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया है कि वे यह सुनिश्चित करें कि सिद्धारमैया के उत्तराधिकारी को चुनने के लिए कांग्रेस विधायक दल (CLP) की बैठक बुलाई जाए। CLP बैठक में उत्तराधिकारी का चुनाव करने से उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार की संभावनाओं को नुकसान पहुंच सकता है, क्योंकि सिद्धारमैया खेमा इस शीर्ष पद के लिए गृह मंत्री जी. परमेश्वर का समर्थन कर सकता है।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, दिल्ली में चली कई दौर की मैराथन बैठकों के बाद कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सिद्दारमैया पर मुख्यमंत्री पद छोड़ने का दबाव बनाया, जिसके बाद उन्होंने इस्तीफा देने पर सहमति जताई। कहा जा रहा है कि सिद्दारमैया ने शुरुआत में दो सप्ताह का वक्त मांगा था, ताकि वह जातीय जनगणना रिपोर्ट को कैबिनेट में पेश कर सकें, लेकिन पार्टी नेतृत्व तत्काल नेतृत्व परिवर्तन के पक्ष में था।
कांग्रेस हाईकमान ने सिद्दारमैया याद दिलाया कि 2023 में कांग्रेस की प्रचंड जीत के बाद डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार के साथ ढाई-ढाई साल के सत्ता साझेदारी फार्मूले पर सहमति बनी थी और सिद्दारमैया पहले ही तय अवधि से ज्यादा समय तक मुख्यमंत्री रह चुके हैं।
‘डेक्कन हेराल्ड’ की रिपोर्ट के अनुसार, राहुल गांधी ने बंद कमरे में हुई बैठकों के दौरान सिद्दारमैया से कहा कि पार्टी की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए पुराने वादे का सम्मान जरूरी है। इस दौरान कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, सोनिया गांधी और प्रियंका गांधी भी नेतृत्व परिवर्तन के पक्ष में बताए गए। राहुल गांधी ने दोनों नेताओं (सिद्दारमैया और डीके शिवकुमार) से संयुक्त और अलग-अलग बैठकें कर पार्टी एकता बनाए रखने की गुजारिश की।
रिपोर्ट के मुताबिक, मीटिंग के दौरान सिद्दारमैया ने कहा कि 2025 में पद छोड़ने को लेकर कोई औपचारिक समझौता नहीं हुआ था। लेकिन राहुल गांधी अपने रुख पर अडिग रहे। पार्टी हाईकमान ने यह भी कहा कि सिद्धारमैया 8 साल से ज्यादा तक मुख्यमंत्री और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष रह चुके हैं। ऐसे में अब पार्टी के दूसरे नेताओं को मौका मिलना चाहिए।
मीडिया रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि इसके बाद सिद्धारमैया ने कांग्रेस के सीनियर नेताओं केसी वेणुगोपाल, रणदीप सुरजेवाला से बात की। इन नेताओं ने सिद्धारमैया को हाईकमान का आदेश मानने की सलाह दी। इसके बाद शाम को सिद्धारमैया ने अपने करीबियों से बात की। मंत्रियों से चर्चा के बाद सिद्धारमैया ने कहा कि वह अब इंतजार नहीं करेंगे। रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से यह भी कहा गया है कि इसके बाद सिद्धारमैया ने अपने सहयोगियों से कहा कि मैंने हमेशा कहा है कि राहुल गांधी मुझसे जब भी मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के लिए कहेंगे, मैं तत्काल इस्तीफा दे दूंगा।
क्या बदलने वाला है कर्नाटक का सीएम? सवाल सुनते ही मुस्कुराने लगे डीके शिवकुमार
जब डीके शिवकुमार इंदिरा भवन के लिए अपने घर से निकल रहे थे, तब पत्रकारों ने उनसे बैठक को लेकर सवाल पूछा। डीके शिवकुमार ने कोई जवाब नहीं दिया। हालांकि जब कर्नाटक में नेतृत्व परिवर्तन को लेकर लगातार पत्रकारों ने सवाल पूछा तो डीके शिवाकुमार काफी देर तक मुस्कुराते रहे और गाड़ी में बैठकर इंदिरा भवन के लिए रवाना हो गए। पढ़ें पूरी खबर।
