कर्नाटक सरकार ने वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी एम चंद्र शेखर पर लगे गंभीर आरोपों को लेकर राज्य के पुलिस प्रमुख से रिपोर्ट मांगी है। मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने बताया कि आरोप है कि अफसर की पत्नी और परिवार से जुड़ी कंपनियों ने सरकारी टेंडरों में हिस्सा लिया, लेकिन अपने कारोबारी हितों की जानकारी नहीं दी। सरकार ने मामले की जांच के लिए पुलिस प्रमुख से रिपोर्ट तलब की है।
ये आरोप विधानसभा में जेडी(एस) विधायक सीएन बालकृष्ण द्वारा नियम 351 के तहत एक नोटिस के माध्यम से उठाए गए थे, जिसके तहत विधायक तत्काल शिकायतों के आधिकारिक जवाब मांग सकते हैं।
बालकृष्ण ने आरोप लगाया कि शेखर की पत्नी ने एक निजी फर्म के माध्यम से कर्नाटक राज्य इलेक्ट्रॉनिक्स विकास निगम से सरकारी अनुबंध हासिल किए और अल्पसंख्यक आवासीय स्कूलों और कॉलेजों में कौशल-प्रबंधन सॉफ्टवेयर के लिए एक निविदा में भाग लिया।
उन्होंने कहा कि शेखर के परिवार के सदस्य 10 कंपनियों में निदेशक हैं, जिनमें से दो कंपनियों का सालाना कारोबार लगभग 400 करोड़ रुपये का है। उन्होंने बताया कि अखिल भारतीय सेवा (आचरण) नियमों के तहत उनके निवेश और व्यावसायिक हितों का खुलासा नहीं किया गया है। विधायक ने आरोप लगाया कि अधिकारी के अचल संपत्ति विवरण में इन हितों की जानकारी नहीं दी गई है और उन्होंने ईडी या सीबीआई से जांच की मांग की।
सरकार के अनुसार, शेखर ने 29 जून और 3 जुलाई के पत्रों के माध्यम से सूचित किया था कि उनकी पत्नी, पुत्र और पुत्री कई कंपनियों में निदेशक हैं। इसके बाद उनसे आरोपों के संबंध में स्पष्टीकरण और सहायक दस्तावेज प्रस्तुत करने को कहा गया। 1998 बैच के आईपीएस अधिकारी शेखर ने मीडिया को बताया कि ये आरोप केंद्रीय मंत्री एचडी कुमारस्वामी के खिलाफ लोकायुक्त एसआईटी की जांच के संदर्भ में लगाए गए हैं। शेखर ने ही एसआईटी का नेतृत्व किया था।
गौतम अडानी ने कर्नाटक सीएम डीके शिवकुमार से की मुलाकात
अडानी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अडानी रविवार को कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार से मुलाकात की। इस दौरान अडानी और शिवकुमार के बीच लगभग 1 घंटे तक वार्ता हुई। मुख्यमंत्री के करीबी सूत्रों ने इस मुलाकात को शिष्टाचार भेंट बताया। गौतम अडानी के साथ अपनी इस मुलाकात पर मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री बनने के बाद यह उनकी पहली मुलाकात थी। शिवकुमार ने बताया कि अडानी समूह राज्य में बड़े पैमाने पर रोजगार दे रहा है और यह मुलाकात सिर्फ शिष्टाचार भेंट थी। उन्होंने कहा कि गौतम अडानी उनसे मिले और फिर वापस चले गए। पढ़ें पूरी खबर।
