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शाहीन स्कूल के बच्चों से फौरन बंद करें पूछताछ, आयोग ने पुलिस अधिकारियों को दिए निर्देश, कहा- भय के साए में जी रहे मासूम

पत्र में लिखा गया है कि शाहीन प्राइमरी स्कूल में पुलिस जांच के नाम पर 'डर का माहौल' बनाया गया है। पुलिस को तुरंत स्कूली बच्चों से पूछताछ बंद कर देनी चाहिए।

Author Translated By नितिन गौतम बेंगलुरू | Updated: February 8, 2020 9:56 AM
बीदर का शाहीन प्राइमरी पब्लिक स्कूल। (फाइल)

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कर्नाटक के बीदर में 9 साल के बच्चे की विधवा मां की सीएए विरोधी प्रदर्शनों के चलते देशद्रोह के मामले में पूछताछ और गिरफ्तारी के बाद इस मामले में कर्नाटक बाल अधिकार कमीशन ने कड़ा रुख अपनाया है। कमीशन ने जिला पुलिस को कई नियमों और जुवेनाइल जस्टिस एक्ट के उल्लंघन का आरोप लगाया है।

कर्नाटक स्टेट कमीशन फॉर प्रोटेक्शन ऑफ चाइल्ड राइट्स (KSPCR) के चेयरमैन डॉक्टर एंटोनी सेबेस्टियन ने बीदर पुलिस के अधिकारियों को एक पत्र लिखा है। जिसमें एसपी, डिप्टी कमिश्नर और डीजीपी स्तर के अधिकारी शामिल हैं। पत्र में लिखा गया है कि शाहीन प्राइमरी स्कूल में पुलिस जांच के नाम पर ‘डर का माहौल’ बनाया गया है। पत्र में कहा गया है कि पुलिस को तुरंत स्कूली बच्चों से पूछताछ बंद कर देनी चाहिए।

KSPCR का मानना है कि बीती 30 जनवरी को महिला औ स्कूल की हेड मिस्ट्रेस की गिरफ्तारी के बाद अधिकारियों ने महिला के 9 साल के बच्चे की निगरानी पड़ोसी से करायी और इस संबंध में स्थानीय चाइल्ड वेल्फेयर कमेटी को भी सूचित नहीं किया, जो कि नियमों का उल्लंघन है।

चाइल्ड राइट कमीशन ने इस मामले में दो सदस्यीय पैनल से जांच करायी। पैनल ने चाइल्ड राइट एक्सपर्ट डॉ. जयश्री की अध्यक्षता में बच्चों के परिजनों, स्कूल के अधिकारियों, बच्चों और पुलिसकर्मियों से बातचीत, सीसीटीवी फुटेज और फोटोग्राफ के आधार पर कहा है कि पुलिस ने स्कूल में बच्चों के अधिकारों का साफ उल्लंघन किया है।

चाइल्ड राइट कमीशन के अध्यक्ष एंटोनियो सेबेस्टियन का कहना है कि हमने पुलिसकर्मियों द्वारा बच्चों से पूछताछ करने की तस्वीरें देखी हैं। जब बच्चों से पूछताछ हो, तो उस वक्त बच्चों के परिजन मौजूद रहने चाहिए। कमीशन के अधिकारियों के मुताबिक पुलिस द्वारा पूछताछ किए जाने के बाद कई बच्चों ने स्कूल जाना बंद कर दिया है।

KSPCR ने बीदर पुलिस को कहा है कि जब अदालत में बच्चे की मां की जमानत अर्जी पर सुनवाई हो तो पुलिस बच्चे के बारे में भी कोर्ट को बताए। बता दें कि यह पूछताछ बीती 21 जनवरी को स्कूल के वार्षिक दिवस पर आयोजित हुए एक नाटक के संबंध में हुई थी, जिसे लेकर देशद्रोह के आरोप लग रहे हैं।

स्थानीय एबीवीपी कार्यकर्ता की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज किया था। शिकायतकर्ता ने बताया कि सोशल मीडिया पर उसने एक वीडियो देखा, जिसमें स्कूल में देश विरोधी भावनाओं को भड़काया गया और बच्चे सीएए के विरोध में प्रधानमंत्री की तस्वीर पर चप्पलें मार रहे थे।

बीदर पुलिस ने इस मामले में देशद्रोह की धाराओं में मामला दर्ज किया है। मामले में स्कूल हेड, मैनेजमेंट हेड मोहम्मद यूसुफ रहीम और वीडियो को स्ट्रीम करने वाले पत्रकार को आरोपी बनाया है।

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