राज्यसभा सांसद और वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने शनिवार को बीजेपी और केंद्र की मोदी सरकार पर निशाना साधा। कपिल सिब्बल ने आरोप लगाया कि भाजपा ‘हॉर्स ट्रेडिंग’ के जरिए संसद में दो-तिहाई बहुमत हासिल करने की कोशिश कर रही है ताकि वह मनचाहा कानून पारित कर सके। उन्होंने कहा कि तृणमूल कांग्रेस, एनसीपी और शिवसेना यूबीटी के सांसदों को एनडीए गठबंधन में शामिल किया गया है ताकि उसकी संख्या बढ़ाई जा सके।

खरीद-फरोख्त में क्यों लगी है बीजेपी?- कपिल सिब्बल

समाचार एजेंसी एएनआई से बात करते हुए कपिल सिब्बल ने कहा, “भाजपा इस तरह की खरीद-फरोख्त में क्यों लगी है? तृणमूल कांग्रेस के बीस सांसदों ने पूर्वोत्तर की एक ऐसी पार्टी के साथ अपना समूह बना लिया, जिसके बारे में हमने कभी सुना भी नहीं था और संसद में बैठना शुरू कर दिया। स्पीकर ने अभी तक उनके बैठने की व्यवस्था पर कोई फैसला नहीं सुनाया है। ये बीस सांसद हैं। फिर खबरें आईं कि उन्होंने एनसीपी के कुछ सदस्यों को भी अपने पक्ष में कर लिया है। आम आदमी पार्टी के सात सदस्य, साथ ही शिवसेना के कुछ सदस्य भी उनके साथ हो गए हैं।”

कपिल सिब्बल की ये टिप्पणी संसद के मानसून सत्र से पहले आई है। मानसून सत्र 20 जुलाई से शुरू होकर 13 अगस्त तक चलने वाला है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने चार हफ्ते के सत्र के लिए दोनों सदनों को बुलाने की सरकार की सिफारिश को मंजूरी दे दी है।

कौन से विधेयक पेश कर सकती है सरकार?

आगामी सत्र में आयकर (संशोधन) विधेयक, 2026 और सर्वोच्च न्यायालय (न्यायाधीशों की संख्या) संशोधन विधेयक, 2026 को भी पेश किए जाने की उम्मीद है। इसके अलावा सरकार जन्म और मृत्यु पंजीकरण (संशोधन) विधेयक, 2026, राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम (संशोधन) विधेयक, 2026 और सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम विकास (संशोधन) विधेयक, 2026 पर भी विचार करेगी।

हाल ही में टीएमसी के 20 सांसदों ने बगावत कर दी थी और वह नॉर्थ ईस्ट की पार्टी नेशनल सिटीजंस पार्टी ऑफ इंडिया में शामिल हो गए। संसद में लोकसभा स्पीकर ने उन्हें अलग बैठने की इजाजत भी दे दी है। इसके अलावा शिवसेना उद्धव गुट के 6 सांसद शिंदे गुट में शामिल हो गए हैं। लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने उनके विलय को मंजूरी भी दे दी है। एनसीपी के भी कुछ सांसद सरकार का साथ दे सकते हैं।

महाराष्ट्र में वेरिफिकेशन के बाद ‘लाडकी बहिन’ योजना से काटे गए 92 लाख से ज्यादा लाभार्थियों के नाम

महाराष्ट्र की ‘मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहिन योजना’ से 92 लाख से ज्यादा महिलाओं के नाम कट गए हैं। एक महीना पहले ई-केवाईसी प्रक्रिया के बाद करीब 80 लाख महिलाओं के नाम काटे जाने की जानकारी सरकार ने सार्वजनिक की थी। पढ़ें पूरी खबर