लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने शुक्रवार को लखनऊ में कांशीराम जयंती से जुड़े एक कार्यक्रम में शिरकत की। यहां उन्होंने दावा किया कि अगर देश के पूर्व प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू के रहते कांशीराम होते, तो वो निश्चित ही कांग्रेस पार्टी से किसी राज्य के मुख्यमंत्री होते।

राहुल गांधी ने मंच से कहा कि बीआर अंबेडकर शिक्षित और संगठित होने की बातें किया करते थे जबकि कांशीराम दलितों और पिछड़ों के लिए समान अवसरों की वकालत करते थे।

राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि आज के भारत में दलितों और पिछड़ों के लिए जगह नहीं है।

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल ने कहा, ‘भाषण देने से पहले मैं सोच रहा था कि अंबेडकर जी शिक्षा की बात करते थे, संगठित होने की बात करते थे और जब कांशीराम रात में उत्तर प्रदेश में घूमते थे, वो पेन लिए घूमते थे और वह कहते थे कि ये पेन होता है… लिखाई इस साइड से होती है, स्याही इस साइड में होती है, निभ इस साइड होता है और ऊपर से कवर लग जाता है 15% का।’

राहुल ने आगे कहा, ‘और वह यह भी कहते थे कि पेन को ऐसा होना चाहिए कि समाज का फायदा 15% को मिले, मगर 85% को भी मिलना चाहिए, उसमें शामिल वो भी होने चाहिए। अब बीजेपी ने नया सिस्टम उठाया है, बीजेपी ने पेन और इसको अलग कर दिया। इसको पता नहीं कहां फेंक दिया और इसको लिए फिर रहे हैं।’ राहुल के बयान पर कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने तालियां बजाई।

तो कांशीराम जी सफल नहीं हो पाते- राहुल

राहुल गांधी ने कहा, ‘मतलब जो पहले रास्ता था, जिसपर हम चल रहे थे और तेजी से चलना था। उसमें कांग्रेस पार्टी की भी कमियां थीं, इसीलिए कांशीराम जी सफल हुए। अगर कांग्रेस पार्टी अपना काम करती तो कांशीराम जी सफल नहीं हो पाते। मैंने किसी और से एक दिन कह दिया, पता नहीं सही कहा या गलत कहा, मगर अगर जवाहर लाल नेहरू जिंदा होते तो कांशीराम कांग्रेस के मुख्यमंत्री होते।’

राहुल गांधी ने अपनी बात को जारी रखते हुए कहा, ‘मगर कहने का क्या मतलब है, राजनीति में दो तरीके के लोग होते हैं… एक कहता है कि मुझे ऐसा पेन चाहिए, दूसरा कहता है कि मुझे ऐसा पेन चाहिए, मतलब मुझे ऐसा पेन चाहिए कि सब लोगों को फायदा हो, समाज में कोई पीछे न रहे और अगर हिंदुस्तान में प्रगति हो रही है तो गरीब से गरीब बच्चा, किसी भी वर्ग का हो, उस प्रगति में उसको शामिल होना चाहिए।’

85% कहीं नहीं है- राहुल

राहुल गांधी ने कहा, ‘अगर हम हिंदुस्तान को आज देखें, हमारी संस्थाओं को आप देखें, किसी को भी चुन लीजिए, ज्यूडिशियरी चुननी है, उसको चुन लीजिए, मंत्रिमंंडल देख लीजिए, शिक्षा का सिस्टम देख लीजिए, कॉरपोरेट इंडिया देख लीजिए, किसी एक को चुन लीजिए, थोड़ी सी गहराई में आप जाएंगे तो आपको दिखेगा कि 85% तो उसमें कहीं है ही नहीं।’

राहुल गांधी ने कहा, ‘आज घर जाएंगे आप, स्टॉक मार्केट का समय है, आप इंटरनेट पर जाइए और 500 सबसे बड़ी कंपनियों के नाम ले लीजिए। और उनके CEOs का आप नाम निकाल लीजिए… उनके सीनियर मैनेजमेंट का आप नाम निकाल लीजिए… और आप देखिए, वहां पर दलित, पिछड़ा, अल्पसंख्यक, आदिवासी वहां कितने हैं? कोई नहीं मिलेगा।’

अदाणी जी की कंपनी के सप्लायरों की लिस्ट निकाल लीजिए, वहां आपको एक भी दलित पिछड़ा आदिवासी नहीं मिलेगा।

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