कन्हैया कुमार और जिग्नेश मेवाणी हुए कांग्रेस में शामिल, BJP का वार- कांग्रेस का हाथ देश विरोधियों के साथ

राज्यसभा सांसद मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि जहां टुकड़े-टुकड़े गैंग को जोड़ने की कोशिश की जा रही है, जहां नेतृत्व और नीतियां नहीं होती है, वहां ऐसे नेताओं को शामिल किया जाता है।

Kanhaiya kumar, jignesh mevani
कन्हैया कुमार (बाएं), जिग्नेश मेवाणी (दाएं)। Photo Source- Indian Express

Kanhaiya Kumar Jignesh Mevani Congress: जेएनयू के पूर्व अध्यक्ष कन्हैया कुमार और गुजरात के दलित नेता जिग्नेश मेवाणी मंगलवार (28 सितंबर) को कांग्रेस में शामिल हो गए। शहीद-ए-आजम भगत सिंह की जयंती के अवसर पर दोनों युवा नेताओं ने कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी की मौजूदगी में देश की सबसे पुरानी पार्टी की सदस्यता ग्रहण की। इस दौरान कांग्रेस मुख्यालय पर राहुल गांधी के अलावा कई अन्य वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।

पूर्व सीपीआई नेता कन्हैया कुमार ने कांग्रेस में शामिल होने के बाद संवाददाता सम्मेलन में कहा, “मैं कांग्रेस में शामिल हो रहा हूं क्योंकि यह सिर्फ एक पार्टी नहीं है, यह एक विचार है। यह देश की सबसे पुरानी और सबसे लोकतांत्रिक पार्टी है, और मैं ‘लोकतांत्रिक’ पर जोर दे रहा हूं… सिर्फ मैं ही नहीं कई लोग सोचते हैं कि देश कांग्रेस के बिना नहीं रह सकता…।”

कांग्रेस मुख्यालय नई दिल्ली में कन्हैया कुमार और जिग्नेश मेवानी को पार्टी में शामिल करते राहुल गांधी

जिग्नेश मेवानी ने कहा, “मैं तकनीकी कारणों से औपचारिक रूप से कांग्रेस में शामिल नहीं हो सका। मैं एक निर्दलीय विधायक हूं, अगर मैं किसी पार्टी में शामिल होता हूं, तो मैं विधायक के रूप में नहीं रह सकता… मैं वैचारिक रूप से कांग्रेस का हिस्सा हूं, आगामी गुजरात चुनाव कांग्रेस के चुनाव चिह्न से लड़ूंगा।”

पार्टी की सदस्यता लेने के बाद कांग्रेस संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल, पार्टी के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला और कांग्रेस के बिहार प्रभारी भक्त चरण दास ने संवाददाता सम्मेलन में दोनों नेताओं का परिचय कराया और पार्टी में स्वागत किया।

बीजेपी का वार: कन्हैया कुमार के कांग्रेस में शामिल होने पर भारतीय जनता पार्टी ने निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस का हाथ देश विरोधियों के साथ रहा है। राज्यसभा सांसद मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि जहां टुकड़े-टुकड़े गैंग को जोड़ने की कोशिश की जा रही है, जहां नेतृत्व और नीतियां नहीं होती है, वहां ऐसे नेताओं को शामिल किया जाता है।

मूल रूप से बिहार से ताल्लुक रखने वाले कन्हैया जेएनयू में कथित तौर पर देशविरोधी नारेबाजी के मामले में गिरफ्तारी के बाद सुर्खियों में आए थे। वह पिछले लोकसभा चुनाव में बिहार की बेगूसराय लोकसभा सीट से केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह के खिलाफ भाकपा के प्रत्याशी के तौर पर चुनाव मैदान में उतरे थे, हालांकि उन्हें हार का सामना करना पड़ा था। दूसरी तरफ, दलित समुदाय से ताल्लुक रखने वाले जिग्नेश गुजरात के वडगाम विधानसभा क्षेत्र से निर्दलीय विधायक हैं।

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