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कंगना रनौत बोलीं- नरेंद्र मोदी पीएम पद के सबसे योग्‍य उम्‍मीदवार, दोबारा सत्‍ता में लौटेंगे

कंगना ने कहा, ''नरेंद्र मोदी पूरी तरह योग्‍य हैं क्‍योंकि उन्‍होंने अपनी कड़ी मेहनत से प्रधानमंत्री पद हासिल किया है। तो, प्रधानमंत्री के तौर पर उनकी साख पर कोई संदेह नहीं होना चाहिए।''

Author Updated: July 29, 2018 12:40 PM
बॉलीवुड अभिनेत्री कंगना रनौत। (Express photo by Oinam Anand)

फिल्‍म अभिनेत्री कंगना रनौत ने शनिवार (28 जुलाई) को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जमकर तारीफ की। कंगना ने कहा कि मोदी 2019 लोकसभा चुनाव में सत्‍ता में लौटने के पूरी तरह योग्‍य हैं क्‍योंकि वह ”लोकतंत्र के लिए सच्‍चे नेता” हैं। राष्‍ट्रीय अवार्ड से सम्‍मानित अभिनेत्री ने यह बातें शॉर्ट फिल्‍म ‘चलो जीते हैं’ की स्‍क्रीनिंग पर कही। यह फिल्‍म प्रधानमंत्री मोदी की शुरुआती जिंदगी से प्रेरित है। कंगना ने स्‍क्रीनिंग के बाद मीडिया से कहा, ”फिल्‍म खूबसूरती से बनाई गई है। यह दिखाती है कि कैसे एक संवेदनशील बच्‍चे के रूप में प्रधानमंत्री दुर्गम परिस्थितियों से गुजरे। लेकिन मुझे लगता है कि यह फिल्‍म उनके बारे में नहीं है बल्कि यह हमारे में है कि कैसे समाज को एक साथ उठने की जरूरत है। यह फिल्‍म उनकी जिंदगी का एक छोटा सा हिस्‍सा है।”

जब कंगना से मोदी सरकार के पिछले चार सालों के प्रदर्शन पर सवाल किया गया तो उन्‍होंने कहा, ”वह (मोदी) सबसे योग्‍य उम्‍मीदवार हैं। ऐसा नहीं है कि वह यहां तक अपने माता या पिता की वजह से पहुंचे हैं। हमने वोट देकर उन्‍हें अपना प्रधानमंत्री चुना है। यह चीज आप उनसे छीन नहीं सकते। वह उसके (प्रधानमंत्री पद) पूरी तरह योग्‍य हैं क्‍योंकि उन्‍होंने अपनी कड़ी मेहनत से उसे हासिल किया है। तो, प्रधानमंत्री के तौर पर उनकी साख पर कोई संदेह नहीं होना चाहिए।”

कंगना 2019 में फिर नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री बनते देखना चाहती हैं। उन्‍होंने कहा, ”हां, क्‍यों नहीं? देश को गड्ढे से निकालने के लिए पांच साल बहुत कम हैं। हमारा देश खाई में है, हमें खींचकर इसे बाहर निकालना होगा।” मंगलवार को इस शॉर्ट फिल्‍म की स्‍क्रीनिंग राष्‍ट्रपति भवन के कल्‍चरल सेंटर में हुई थी, जहां कई मंत्रियों ने इसकी सराहना की थी। फिल्‍म को आनंद एल राय और महावीर जैन ने सह निर्देश‍ित किया है। यह फिल्‍म 29 जुलाई को रिलीज होगी।

ट्रेलर में पता चलता है कि य‍ह एक ऐसे बच्‍चे की कहानी है तो अपने माता-पिता और दूसरों से यह पूछता रहता है कि वह किसके लिए जीते हैं। ऐसा वह एक वाक्‍यांश (विजेता वह है जो दूसरों के लिए जीता है) पढ़ने के बाद करता है।

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