संसद में जारी गतिरोध को लेकर बीजेपी सांसद और एक्ट्रेस कंगना रनौत ने कांग्रेस नेता एवं लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला है। कंगना ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी संसद और देश का ‘मजाक’ बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि एक तरफ विपक्ष गृह मंत्री अमित शाह से जवाब मांग रहा है और दूसरी तरफ यह कह रहा है कि वह अमित शाह की बात नहीं सुनना चाहता।

कंगना ने राहुल गांधी के नेतृत्व वाली कांग्रेस पर भी निशाना साधते हुए दावा किया कि पार्टी ने उनके नेतृत्व में ‘सौ चुनाव हारे’ हैं। उन्होंने यहां तक कहा कि राहुल गांधी का मौजूदा कार्यकाल नेता प्रतिपक्ष के तौर पर उनका ‘आखिरी कार्यकाल’ हो सकता है। कंगना ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी प्रधानमंत्री के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं, जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लगातार तीसरी बार बड़े जनादेश के साथ चुने गए हैं।

‘अमित शाह से जवाब चाहिए, लेकिन उनकी बात नहीं सुनेंगे’

कंगना का हमला संसद में छात्रों के विरोध प्रदर्शन को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच जारी टकराव के संदर्भ में आया। विपक्ष गृह मंत्री अमित शाह से 20 जुलाई को दिल्ली में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कथित पुलिस कार्रवाई पर जवाब मांग रहा है। वहीं, अमित शाह ने कहा कि सरकार छात्रों के विरोध और NEET पेपर लीक से जुड़े मुद्दे पर विस्तृत चर्चा के लिए तैयार है और वह संसद में सवालों का जवाब देने को तैयार हैं।

संसदीय कार्य मंत्री ने भी लोकसभा में कहा कि यदि विपक्ष चाहे तो छात्रों के प्रदर्शन पर चर्चा तत्काल शुरू की जा सकती है और गृह मंत्री चर्चा का जवाब देंगे। हालांकि, राहुल गांधी ने विपक्ष के रुख में बदलाव के संकेत नहीं दिए। उन्होंने कहा कि विपक्ष अमित शाह का ‘लेक्चर’ सुनने में रुचि नहीं रखता और सवाल उठाया कि छात्रों पर कार्रवाई का आदेश किसने दिया।

इसी विरोधाभास को लेकर कंगना ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि अगर सवाल संसद से जुड़े हैं तो विपक्ष को सदन में आकर अपने प्रश्न रखने चाहिए। उन्होंने तंज कसते हुए पूछा कि क्या अमित शाह संसद के आंगन में आकर नेताओं को वन-टू-वन जवाब देंगे।

जो खुद को कॉकरोच कहते हैं, उनके लिए गटर ही घर’

कंगना ने जेन जी को लेकर ‘कॉकरोच’ और ‘गटर’ वाले बयान पर सफाई देते हुए कहा कि उन्होंने सभी युवाओं को ऐसा नहीं कहा था। उनका कहना था कि जिन लोगों ने खुद को कॉकरोच कहा, उसी संदर्भ में उन्होंने गटर की बात कही थी।

कंगना ने कहा, “जो लोग खुद को कॉकरोच बोलते हैं, तो अगर हम कहें कि कॉकरोच तो गटर से निकलता है, तो इसमें क्या बुराई है?” उन्होंने कहा कि वह खुद को कॉकरोच नहीं मानतीं और अगर कोई उन्हें गटर में रहने वाला कहे तो वह इसका विरोध करेंगी। लेकिन जो खुद को कॉकरोच कहता है, उसके बारे में गटर का संदर्भ देना स्वाभाविक है।

उन्होंने इस बात से भी इनकार किया कि उनका बयान सभी युवाओं के लिए था। कंगना ने कहा कि उन्होंने कुछ युवाओं या कुछ लोगों के संदर्भ में बात की थी, खासकर ड्रग्स, सट्टेबाजी, जुए और ऑनलाइन एडिक्शन जैसी समस्याओं को लेकर। उनके मुताबिक, किसी खास वर्ग के कुछ लोगों को लेकर बात करने का मतलब पूरे युवा वर्ग को उसमें शामिल करना नहीं है।

‘मैंने कब कहा कि सारे युवा गटर हैं?’

कंगना ने अपनी सफाई में सवाल किया कि उन्होंने ऐसा कहां लिखा या कहा कि ‘सब युवा गटर हैं।’ उन्होंने कहा कि उन्होंने विशेष रूप से ‘सम पीपल’ या ‘सम वूमेन’ का जिक्र किया था। उनके मुताबिक किसी वर्ग के कुछ लोगों के व्यवहार पर टिप्पणी को पूरे वर्ग पर लागू करना सही नहीं है।

उन्होंने विपक्ष पर भी तंज कसते हुए कहा कि एक ही सांस में यह कहना कि ‘मैं अमित शाह की बात नहीं सुनना चाहता’ और साथ ही उनसे जवाब मांगना समझ से परे है। कंगना ने कहा कि अगर सवाल हैं तो उन्हें संसद में रखा जाना चाहिए और वहीं जवाब मांगा जाना चाहिए। इसी दौरान उन्होंने विपक्ष के नेताओं की समझ पर भी सवाल उठाया और कहा, “जिन लोगों का इतना IQ लो हो, उनसे आप क्या उम्मीद कर सकते हैं?”

नसीरुद्दीन शाह को ‘लोमड़ी’ कहने पर दी सफाई

कंगना ने एक्टर नसीरुद्दीन शाह को ‘लोमड़ी’ कहे जाने के सवाल पर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि फिल्म इंडस्ट्री का एक खास रवैया लंबे समय से रहा है। कंगना ने आरोप लगाया कि जब संसद और नेताओं से जुड़े विरोध प्रदर्शनों के दौरान हिंसक स्थिति बनी थी, तब फिल्म इंडस्ट्री के कुछ लोगों ने ‘घड़ियाली आंसू’ बहाए।

उन्होंने दावा किया कि उस दौरान उनके कई सांसद मित्रों की गाड़ियों पर लोग चढ़ गए थे और शीशे तोड़े गए थे। उन्होंने अपने घर के बाहर भी बड़ी संख्या में लोगों के जमा होने और भारी पुलिस बल तैनात किए जाने का दावा किया।

कंगना ने कहा कि अगर फिल्म इंडस्ट्री के लोग युवाओं के मुद्दों को लेकर चिंतित हैं तो उन्हें झारखंड में बच्चों से जुड़े अत्याचारों पर भी उसी तरह आवाज उठानी चाहिए। उन्होंने सवाल किया कि क्या वे बच्चे जेन जी का हिस्सा नहीं हैं।

‘हमें युवा विरोधी बना दिया गया’

अपने ऊपर लग रहे युवा-विरोधी होने के आरोपों पर कंगना ने कहा कि वह खुद युवा हैं, कामकाजी महिला हैं और करियर बनाने वाली महिला हैं। उन्होंने कहा कि वह खुद एक छोटे मुकाम से उठकर आगे आई हैं, इसलिए उन्हें युवा विरोधी बताना गलत है।

कंगना ने कहा कि कुछ युवाओं के बीच ड्रग्स, जुआ, सट्टेबाजी और ऑनलाइन एडिक्शन जैसी समस्याओं पर बात करना पूरे युवा वर्ग को निशाना बनाना नहीं है। उनके मुताबिक, किसी समस्या की ओर ध्यान दिलाने के लिए उसके एक खास हिस्से को संबोधित किया जा सकता है।

प्रधानमंत्री को लेकर नसीरुद्दीन शाह की टिप्पणी पर भी सवाल

नसीरुद्दीन शाह पर निशाना साधते हुए कंगना ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश के निर्वाचित नेता हैं और लोकतंत्र में संवैधानिक पदों की गरिमा का सम्मान किया जाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री को लेकर धमकी भरी या बेहद आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल सभ्य राजनीतिक या सार्वजनिक संवाद का हिस्सा नहीं होना चाहिए।

उन्होंने सवाल उठाया कि किसी निर्वाचित प्रधानमंत्री को ‘देश से निकल जाओ’, ‘जला देंगे’ या ‘मार देंगे’ जैसी धमकियां देना क्या सभ्य भाषा हो सकती है। उन्होंने इसी संदर्भ में नसीरुद्दीन शाह की कथित टिप्पणी पर अपनी नाराजगी जताई।

‘पाकिस्तान के साथ बॉलीवुड की लव स्टोरी कब खत्म होगी?’

कंगना ने इस दौरान बॉलीवुड और पाकिस्तान के रिश्ते को लेकर भी तीखी टिप्पणी की। उन्होंने सवाल किया कि विभाजन के इतने वर्षों बाद भी फिल्म इंडस्ट्री में पाकिस्तान को लेकर कथित ‘लव स्टोरी’ क्यों खत्म नहीं हो रही है।

उन्होंने पहलगाम हमले और ऑपरेशन सिंदूर का संदर्भ देते हुए कहा कि देश और भारतीय सेनाओं के सामने सुरक्षा से जुड़ी बड़ी चुनौतियां हैं, ऐसे में उन्हें लगता है कि बॉलीवुड को पाकिस्तान को लेकर अपने रवैये पर जवाब देना चाहिए।

कंगना ने कहा कि चाहे फिल्मों की बात हो, इंटरव्यू हों या सार्वजनिक बयान, पाकिस्तान का मुद्दा बार-बार सामने आता है। उन्होंने सवाल किया कि आखिर यह कथित ‘लव स्टोरी’ कब खत्म होगी।

संसद गतिरोध के बीच और तेज हुई सियासी जुबानी जंग

बता दें, संसद के मानसून सत्र के अंतिम दिन से पहले सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच टकराव और तीखा हो गया है। छात्रों के विरोध प्रदर्शन और कथित पुलिस कार्रवाई को लेकर विपक्ष लगातार सरकार पर दबाव बना रहा है, जबकि सरकार चर्चा के लिए तैयार होने की बात कह रही है।

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संसद में जारी गतिरोध को लेकर संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने बुधवार को कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने विपक्ष पर संसद में चर्चा से भागने और नारेबाजी व पोस्टर के जरिए सदन की कार्यवाही बाधित करने का आरोप लगाया। पूरी खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें।