मध्य प्रदेश की कमलनाथ सरकार का प्लान, बसाएगी वैदिक शहर, इंस्टिट्यूट ऑफ टेंपल मैनेजमेंट खोलने की भी योजना

अफसर ने बताया कि सरकार विभिन्न धार्मिक समूहों को म्यूजियम बनाने के लिए भूमि उपलब्ध कराएगी। ये म्यूजियम अपने अपने धर्म की विस्तार से जानकारी देंगे। उदाहरण के तौर पर जैन धर्म का म्यूजियम इसके इतिहास, साहित्य, धार्मिक मूल्यों, तीर्थस्थलों आदि की जानकारी देगा।

madhya pradesh vedic city, madhya prtadesh religious institutesमध्य प्रदेश की कांग्रेस सरकार इंस्टिट्यूट ऑफ टेंपल मैनेजमेंट खोलने पर विचार कर रही है। (twitter)

temple management institute: मध्य प्रदेश की कांग्रेस सरकार एक वैदिक शहर बसाने और इंस्टिट्यूट ऑफ टेंपल मैनेजमेंट खोलने पर विचार कर रही है। वैदिक शहर की योजना को ज्यादा तरजीह दी जा रही है, जिसकी प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार की जा रही है। वहीं, राज्य में इंस्टिट्यूट ऑफ टेंपल मैनेजमेंट खोलने का प्रस्ताव फाइनेंस डिपार्टमेंट के पास लंबित है। अडिशनल चीफ सेक्रेटरी (अध्यात्म विभाग) मनोजर श्रीवास्तव ने द संडे एक्सप्रेस को यह जानकारी दी।

अफसर ने बताया कि सरकार विभिन्न धार्मिक समूहों को म्यूजियम बनाने के लिए भूमि उपलब्ध कराएगी। ये म्यूजियम अपने अपने धर्म की विस्तार से जानकारी देंगे। उदाहरण के तौर पर जैन धर्म का म्यूजियम इसके इतिहास, साहित्य, धार्मिक मूल्यों, तीर्थस्थलों आदि की जानकारी देगा। श्रीवास्तव के मुताबिक, सरकार फिलहाल ये म्यूजियम बनाने या चलाने की स्थिति में नहीं है। ऐसे में धार्मिक संगठनों से उम्मीद है कि जमीन उपलब्ध कराए जाने के बाद वे खुद इसका ख्याल रखें।

राज्य में मंदिरों की बड़ी तादाद के मद्देनजर इंस्टिट्यूट ऑफ टेंपल मैनेजमेंट बनाने की योजना है। हालांकि, अधिकतर पुजारियों के पास इसको चलाने की योग्यता नहीं है। प्रस्तावित संस्थान में पुजारियों को मंदिर चलाने और धार्मिक रीति रिवाजों की मुफ्त में ट्रेनिंग दी जाएगी। यह इंस्टिट्यूट भोपाल में होगा और करीब 50 करोड़ रुपये का खर्च आएगा।

यह इंस्टिट्यूट मंदिरों खास तौर पर पुरातन मंदिरों के जीर्णोदार का काम भी देखेगा। फिलहाल पीडब्ल्यूडी विभाग यह जिम्मेदारी संभालता है। कांग्रेस का आरोप है कि राज्य में शासन करने वाली पिछली बीजेपी सरकार ने धार्मिक मामलों पर लोगों को सिर्फ लुभावने सपने ही दिखाए हैं।

बता दें कि विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस ने कई वादे किए थे, जिसमें राम पथ गमन का निर्माण भी शामिल था। जिस रास्ते से भगवान राम वनवास के लिए गए थे, उसे धार्मिक टूरिज्म को बढ़ावा देने के नजरिए से विकसित करने की घोषणा की गई। कुछ दूसरे ऐलान भी किए गए थे। हालांकि, बीजेपी प्रवक्ता राहुल कोठारी का आरोप है कि कमलनाथ की सरकार इस कवायद के जरिए उस पुजारियों का डेटा इकट्ठा कर रही है जो मंदिरों के मैनेजमेंट से जुड़े हैं।

बीजेपी प्रवक्ता ने कहा कि अधिकतर पुजारी विश्व हिंदू परिषद जैसे संगठनों से जुड़े हैं। इनको ट्रेनिंग देने की आड़ में कांग्रेस सरकार उन्हें पक्ष बदलने का लालच देगी। बीजेपी प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि जो सरकार के सामने नहीं झुकेंगे, उन पुजारियों को फर्जी मामलों में फंसाया जाएगा।

Next Stories
1 J&K का हाल: अपनों की खोज-खबर लेने मारे-मारे फिर रहे लोग, एक से बढ़कर एक कर रहे जतन
2 उत्तर प्रदेश: मौलवी के कहने पर दे दी 4 साल के बेटे की ‘कुर्बानी’!
3 Maharashtra, Gujarat, Kerala Floods Rains Today Updates: बाढ़ में फंसी थी बच्चियों को जवान ने ऐसे बचाया, कंधे पर बैठाकर 1.5 KM का तय किया सफर; देखें VIDEO
यह पढ़ा क्या?
X