scorecardresearch

राजस्थान के सियासी संकट में कमलनाथ की एंट्री, आलाकमान ने किया दिल्ली तलब, उधर राहुल से मिले शशि थरूर

गहलोत और पायलट के बीच में जिस तरह की रस्साकसी हो रही है उसमें कमलनाथ मध्यस्थता कर सकते हैं। मौजूदा दौर में राजस्थान का संकट बहुत बड़ा होता दिखने लगा है।

राजस्थान के सियासी संकट में कमलनाथ की एंट्री, आलाकमान ने किया दिल्ली तलब, उधर राहुल से मिले शशि थरूर
मध्य प्रदेश के पूर्व सीएम कमलनाथ (Source- Express file photo)

राजस्थान के सियासी संकट में मध्य प्रदेश के दिग्गज नेता कमलनाथ की एंट्री हो गई है। कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी ने उन्हें तत्काल प्रभाव से दिल्ली तलब किया है। माना जा रहा है कि अशोक गहलोत और सचिन पायलट के बीच में जिस तरह की रस्साकसी हो रही है उसमें वो मध्यस्थता कर सकते हैं। मौजूदा दौर में राजस्थान का संकट बहुत बड़ा होता दिखने लगा है। गांधी परिवार को किसी भी सूरत में इसका हल निकालना होगा, तभी कमलनाथ को दिल्ली में तलब किया गया है।

उधर जयपुर में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से मुलाकात के बाद कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि कल जो भी कुछ हुआ उससे हमने कांग्रेस अध्यक्ष को अवगत कराया है। अंत में जो भी निर्णय लिया जाएगा, उसका सभी को पालन करना होगा। पार्टी को एकजुट रखना है और पार्टी में अनुशासन रहना चाहिए।

ध्यान रहे कि कांग्रेस विधायक प्रताप खाचरियावास और एस धारीवाल ने माकन से मुलाकात की और तीन मांगें रखीं। पहली मांग है कि 19 अक्तूबर को कांग्रेस अध्यक्ष के चुनाव के बाद नया मुख्यमंत्री चुना जाए और प्रस्ताव को इसके बाद ही अमल में लाया जाए। दूसरी शर्त है कि गहलोत खेमा विधायक दल की बैठक में आने के बजाए अलग-अलग समूहों में आना चाहता है। तीसरी शर्त यह थी कि नया सीएम उन 102 विधायकों में से चुना जाना चाहिए, जो गहलोत के प्रति वफादार हैं, न कि सचिन पायलट के।

कांग्रेस के बड़े संकट के बीच शशि थरूर ने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष पद के चुनाव के लिए उन्हें पूरे देश के पार्टी कार्यकर्ताओं का समर्थन है। राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की उम्मीदवारी को लेकर असमंजस के बीच थरूर ने पलक्कड़ में राहुल गांधी से मुलाकात की।

उसके बाद वो बोले कि देश के अलग-अलग हिस्सों से कई लोगों ने उनसे चुनाव लड़ने का अनुरोध किया है। वो उनकी बात मानकर ही मैदान में उतरे हैं। हालांकि राजस्थान में चल रहे राजनीतिक संकट पर शशि थरूर ने टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। उनका कहना था कि ये पार्टी का अंदरुनी मसला है और नेतृत्व की निगाह सारे विवाद पर है।

इसके पहले थरूर ने सोनिया गांधी से भी मुलाकात की थी। उस दौरान उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष का चुनाव लड़ने की इच्छा जताई। गांधी परिवार ने चुनाव में तटस्थ रहने के संकेत दिए हैं। कांग्रेस के अध्यक्ष पद के चुनाव के लिए वोटों की गिनती 19 अक्टूबर को होगी। नौ हजार से अधिक प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रतिनिधि इसके लिए वोटिंग करेंगे। गहलोत को गांधी परिवार का कैंडिडेट माना जा रहा है। चर्चा है कि वो उनके इशारे पर ही मैदान में उतरे।

पढें राष्ट्रीय (National News) खबरें, ताजा हिंदी समाचार (Latest Hindi News)के लिए डाउनलोड करें Hindi News App.

First published on: 26-09-2022 at 04:23:14 pm
अपडेट