UP News: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से कुछ महीने पहले विधानमंडल के सपा के चीफ व्हिप यानी मुख्य सचेतक के पद से विधायक कमाल अख्तर ने इस्तीफा दे दिया है। कमाल मुरादाबाद की कांठ सीट से निर्वाचित विधायक हैं और सपा के वरिष्ठ नेता माने जाते हैं। अपने इस्तीफे को लेकर कमाल अख्तर का कहना है कि उन्हें इसके लिए पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने आदेश दिया था, इसीलिए उन्होंने ये कदम उठाया है।
दरअसल, कमाल अख्तर की समाजवादी पार्टी की सांसद रुचि वीरा से अनबन की खबरें सामने आईं थी। इसके बाद लखनऊ में सपा अलाकमान की अहम बैठक हुई थी। कथित तौर पर उस दौरान ही अखिलेश यादव ने कमाल को इस्तीफा देने के लिए कह दिया था। बता दें कि कमाल से पहले मनोज पांडे समाजवादी पार्टी के विधानसभा में सचेतक थे, जिन्होंने क्रॉस वोटिंग करके सपा छोड़ दी थी। वे वर्तमान में बीजेपी की योगी आदित्यनाथ सरकार में मंत्री हैं।
कमाल अख्तर बोले- दलाव जरूरी है
रुचि वीरा से अनबन के कुछ दिनों बाद अचानक जब कमाल अख्तर के इस्तीफे की खबर आई है, तो उनसे इस्तीफे के कारणों को लेकर ही सवाल किया गया था। इस पर उन्होंने कहा, “राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के आदेश पर उन्होंने ये इस्तीफा दिया है। उनका आदेश मेरे लिए सर्वोपरि है, बदलाव प्रकृति का नियम है।
किस बात हुई थी रुचि वीरा से अनबन?
जानकारी के मुताबिक, सपा सांसद रुचि वीरा पीडीए मीटिंग में न बुलाए जाने से नाराज थीं। इसको लेकर ही उन्होंने अखिलेश यादव से चीफ व्हिप कमाल अख्तर की शिकायत की थी। इस दौरान ये आरोप भी लगाए गए थे कि दोनों नेताओं के बीच गुटबाजी चल रही है। वहीं अब जब कमाल अख्तर ने अखिलेश यादव के दबाव के आधार चीफ व्हिप का पद त्याग दिया है, तो क्या इस पूरे प्रकरण में रुचि वीरा कमाल अख्तर पर भारी पड़ी हैं?
क्या कम होगी गुटबाजी?
कमाल और रुचि वीरा पर जो गुटबाजी के आरोप लग रहे थे, उसके चलते अब कमाल अख्तर के इस्तीफे के बाद सपा ये उम्मीद भी कर रही है कि मुरादाबाद मंडल में समाजवादी पार्टी के भीतर चल रही गुटबाजी कुछ हद तक कम होगी।
गौरतलब है कि इससे पहले सुभासपा प्रमुख और योगी सरकार में मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने भी रुचि वीरा की नाराजगी को मुद्दा बनाते हुए दावा किया था कि समाजवादी पार्टी में टूट की स्थिति बन सकती है।
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अयोध्या में स्थित श्री राम मंदिर में चढ़ावे के विवाद के मामले में बसपा प्रमुख मायावती ने कहा है कि इसमें शामिल लोगों को कतई बख्शा नहीं जाना चाहिए। उन्होंने कहा है कि चढ़ावे में चोरी, गबन और हेरा-फेरी की खबरें बेहद गंभीर और चिंताजनक हैं। बसपा सुप्रीमो ने यह भी कहा है कि इस मामले का राजनीतिकरण करना ठीक नहीं है। पढ़िए पूरी खबर
