ताज़ा खबर
 

कैराना से हिन्दुओं के ‘पलायन’ पर भाजपा-सपा में छिड़ी जुबानी जंग

अमित शाह ने कहा था, ‘कैराना में हिंसा के कारण होने वाला विस्थापन गंभीर चिंता का विषय है। हिंसा का माहौल है। भारत के विशालतम राज्य यानी उत्तर प्रदेश में विकास का अभाव है।’
Author इलाहाबाद/मथुरा | June 13, 2016 19:13 pm
बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पार्टी की कार्यकारिणी बैठक के दौरान

उत्तर प्रदेश के कैराना से हिन्दुओं के कथित विस्थापन को लेकर सोमवार (12 जून) को वाकयुद्ध शुरू हो गया और भाजपा ने इसे लोकतंत्र के लिए ‘अच्छा नहीं’ बताते हुए कहा कि इस ‘संवेदनशील मामले’ की जांच के लिए पार्टी की एक टीम भेजी जाएगी। वहीं मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि भगवा दल के नेता ‘झूठ’ का सहारा ले रहे हैं। राज्य में अगले वर्ष होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले पश्चिमी उत्तर प्रदेश के शामली जिले के कैराना गांव से हिन्दुओं के कथित विस्थापन को लेकर राजनीतिक तापमान बढ़ने के बीच भाजपा ने वादा किया कि जांच के बाद ‘समुचित कार्रवाई’ की जाएगी। शामली जिले में 2013 में सांप्रदायिक दंगे हुए थे।

कैराना इलाके से हुए ‘विस्थापन’ पर भाजपा अध्यक्ष अमित शाह द्वारा गहरी चिंता जताए जाने के एक दिन बाद केन्द्रीय मंत्री और वरिष्ठ भाजपा नेता नितिन गडकरी ने कहा कि उनकी पार्टी ने इस मुद्दे को पूरी गंभीरता से लिया है। गडकरी ने इलाहाबाद में भाजपा राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक के दूसरे दिन संवाददाताओं से कहा, ‘पार्टी अध्यक्ष ने एक समिति बनायी है जो वहां जाएगी और स्थिति की समीक्षा करेगी। इस तरह का विस्थापन लोकतंत्र के लिए अच्छा नहीं है। पार्टी इसके प्रति संवेदनशील है तथा रिपोर्ट आने के बाद समुचित कदम उठाये जाएंगे।’

सात सदस्यीय समिति में उत्तर प्रदेश के चार सांसद एवं तीन नेता हैं। पूर्व भाजपा अध्यक्ष गडकरी इस प्रश्न के उत्तर को टाल गए कि समाजवादी पार्टी सरकार ने यह दावा किया कि कई हिन्दू काफी पहले ही कैराना से चले गये थे और उनमें से कुछ तो अब मर चुके हैं। गडकरी ने कहा कि भाजपा अध्यक्ष इस मामले पर प्रतिक्रिया दे चुके हैं। उन्होंने अपनी बात दोहरायी, ‘पार्टी इस मुद्दे पर संवदेनशील है तथा समुचित कार्रवाई की जाएगी।’

अखिलेश यादव ने भाजपा नेताओं पर ‘ईमानदार नहीं होने’ और इस मुद्दे पर ‘झूठ बोलने’ का आरोप लगाया तथा कहा कि वह पार्टी से ‘बेहतर कार्य’ की उम्मीद करेंगे। यादव ने मथुरा में संवाददाताओं से कहा, ‘भाजपा आरोप लगा रही है कि समाजवादी पार्टी सरकार ने लोगों को कैराना से जाने के लिए बाध्य किया….भाजपा इस हद तक बेईमान हो सकती है।’ यादव मथुरा में उन दो पुलिस अधिकारियों के परिवारों से मिलने के बाद संवाददाताओं से बातचीत कर रहे थे जिनकी भूमि अतिक्रमण अभियान के दौरान दो जून को हुई हिंसा में मौत हो गई थी। यादव ने दावा किया कि अधिकतर लोगों ने 10 से 15 साल पहले ही गांव छोड़ दिया था जबकि अन्य ने सात या आठ साल पहले काम की तलाश में गांव छोड़ दिया। उन्होंने कहा, ‘घर घर जाकर जांच से भाजपा का झूठ प्रदर्शित होता है।’ उन्होंने दावा किया कि वास्तव में भाजपा के पास विकास जैसा कोई मुद्दा नहीं है।

भाजपा पर निशाना साधते हुए यादव ने कहा कि वह भाजपा से ‘बेहतर’ कार्य की उम्मीद करेंगे। उन्होंने कहा, ‘मैं चाहता हूं कि वे कुछ काम दिखाएं। उन्हें आकर कहना चाहिए कि वे न सिर्फ डिजिटल इंडिया की बात करते हैं बल्कि लोगों को लैपटॉप दिए।’ भाजपा प्रमुख शाह ने रविवार (12 जून) को राष्ट्रीय कार्यकारिणी को संबोधित करते हुए कहा था, ‘कैराना में हिंसा के कारण होने वाला विस्थापन गंभीर चिंता का विषय है। हिंसा का माहौल है। भारत के विशालतम राज्य यानी उत्तर प्रदेश में विकास का अभाव और शासन का अभाव चिंता का कारण बनता जा रहा है।’

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App

  1. No Comments.