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कैराना उपचुनाव: ‘रावण’ ने जेल से लिखी चिट्ठी, दलितों से की इस प्रत्याशी को वोट देने की अपील

अपने पत्र में चंद्रशेखर ने आगे लिखा कि जिन लोगों ने हाल ही में भीमा कोरेगांव, पुणे और गुजरात की रैलियों में भाग लिया, उन्हें जेल में डाल दिया गया। कई पढ़े-लिखे नौजवानों पर झूठे केस लगाकर जेल भेजा गया।

भीम आर्मी चीफ ने लिखी जेल से चिट्ठी। (image source-Facebook)

28 मई को होने वाले कैराना उप-चुनाव में हर दिन कुछ ना कुछ नया घट रहा है। हाल ही में रालोद-सपा की संयुक्त प्रत्याशी तब्बसुम हसन के सामने चुनाव लड़ रहे उनके देवर कंवर हसन ने चुनावी मैदान से हटने का फैसला किया था, जिसका रालोद-सपा प्रत्याशी को फायदा मिलना तय है। अब खबर आयी है कि भीम आर्मी के चीफ और सहारनपुर जातीय हिंसा के आरोपी चंद्रशेखर आजाद ‘रावण’ ने भी जेल से चिट्ठी लिखकर रालोद-सपा प्रत्याशी का समर्थन करने का ऐलान किया है। भीम आर्मी के चीफ ने जेल से चिट्ठी लिखकर अपना समर्थन तबस्सुम हसन को देने की बात कही है और साथ ही अपने समर्थकों से भी गठबंधन उम्मीदवार का समर्थन करने की अपील की है।

अपनी इस चिट्ठी में चंद्रशेखर आजाद ‘रावण’ ने समर्थकों से विनती करते हुए लिखा कि उनके वोट बंटने ना पाएं और सभी मिलकर तबस्सुम हसन को वोट करें और संविधान और लोकतंत्र की रक्षा करें। ‘रावण’ ने आगे लिखा कि यह करना बेहद जरुरी है क्योंकि तभी अनुसूचित जाति के लोगों पर हमले रुकेंगे। भीम आर्मी चीफ ने ‘तानाशाही’ और ‘दलित विरोधी’ सरकार को सबक सिखाने की बात कही है। अपने पत्र में चंद्रशेखर ने आगे लिखा कि जिन लोगों ने हाल ही में भीमा कोरेगांव, पुणे और गुजरात की रैलियों में भाग लिया, उन्हें जेल में डाल दिया गया। कई पढ़े-लिखे नौजवानों पर झूठे केस लगाकर जेल भेजा गया। इसलिए बहुजन समाज का हर व्यक्ति गठबंधन के उम्मीदवार को वोट करे।

BHIM ARMY

बता दें कि पिछले साल सहारनपुर में हुई जातीय हिंसा में चंद्रशेखर आजाद ‘रावण’ समेत भीम आर्मी के कई नेताओं को आरोपी बनाया गया था। जिसके बाद जून 2017 में चंद्रशेखर को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था। चंद्रशेखर पर 27 अलग-अलग मुकदमे दर्ज किए गए थे। हालांकि इलाहाबाद हाईकोर्ट ने चंद्रशेखर को जमानत दे दी थी, लेकिन अगले ही दिन सरकार ने उसके ऊपर नेशनल सिक्योरिटी एक्ट के तहत कारवाई कर दी। कैराना चुनाव की बात करें तो यह चुनाव भी भाजपा और गठबंधन के लिए प्रतिष्ठा का प्रश्न बन गया है। भाजपा ने जहां कैराना से सांसद हुकुम सिंह के निधन के बाद उनकी बेटी मृगांका सिंह को अपना उम्मीदवार बनाया है। वहीं सपा और रालोद ने तबस्सुम हसन को टिकट दिया है। सियासी गणित देखें तो कैराना में 5.5 लाख मुस्लिम मतदाता, 2.5 लाख दलित मतदाता, 1.5 लाख जाट, 2 लाख कश्यप, 1.4 लाख गुर्जर और 1.2 लाख सैनी मतदाता हैं। बाकी कुछ ब्राह्मण, बनिया और राजपूत भी हैं। इस सीट पर 28 मई को उप-चुनाव होने हैं, जिसका नतीजा 30 मई को आना है।

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