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UP: अपराधियों को संभालने में नाकाम योगी सरकार निर्दोषों को दबा रही है- हिस्ट्रीशीट खुलने पर बोले डॉक्टर कफील

पुलिस सूत्रों ने शनिवार को बताया कि वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जोगेंद्र कुमार के निर्देश पर पुलिस ने विभिन्न मामलों में आरोपी 81 लोगों की हिस्ट्रीशीट खोली है। इनमें डॉक्टर कफील भी शामिल हैं।

BRD national news india newsडॉक्टर कफील खान। (Express photo by Gajendra Yadav)

गोरखपुर पुलिस ने 2017 में गोरखपुर मेडिकल कॉलेज ऑक्सीजन कांड के बाद सुर्खियों में आए बाल रोग चिकित्सक डॉक्टर कफील खान समेत 81 आरोपियों की हिस्ट्रीशीट खोल दी है। कफील ने इसे लेकर राज्य की योगी आदित्यनाथ सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि अपराधियों से निपटने में नाकाम सरकार निर्दोष लोगों पर दबाव बनाने की कोशिश कर रही है।

पुलिस सूत्रों ने शनिवार को बताया कि वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जोगेंद्र कुमार के निर्देश पर पुलिस ने विभिन्न मामलों में आरोपी 81 लोगों की हिस्ट्रीशीट खोली है। इनमें डॉक्टर कफील भी शामिल हैं। उनके खिलाफ गोरखपुर मेडिकल कॉलेज में कथित रूप से ऑक्सीजन की कमी के कारण बड़ी संख्या में हुई बच्चों की मौत से जुड़े मामले समेत कई प्राथमिकियां दर्ज हैं। उन्होंने बताया कि जिले में कुल 1,462 हिस्ट्रीशीटर हैं। धीरे-धीरे करके सभी की हिस्ट्रीशीट खोली जाएगी ताकि उनकी निगरानी की जा सके और आपराधिक गतिविधियों में शामिल लोगों के खिलाफ गैंगेस्टर एक्ट, गुंडा एक्ट के तहत तथा जिला बदर की कार्रवाई की जा सके।

कफील के भाई अदील ने बताया कि उनके भाई के खिलाफ हिस्ट्रीशीट 18 जून, 2020 को ही खोल दी गई थी लेकिन मीडिया को इसकी जानकारी शुक्रवार को दी गई।
इस बीच, डॉक्टर कफील ने एक वीडियो जारी कर इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, ‘‘उत्तर प्रदेश सरकार ने मेरी हिस्ट्रीशीट खोल दी है। कहते हैं कि ताउम्र मेरी निगरानी करेंगे। अच्छा है, दो सिक्योरिटी गार्ड दे दें। वह 24 घंटे मुझ पर निगरानी रखें। कम से कम फर्जी मुकदमों से तो बच सकूंगा।’’ उन्होंने कहा, ‘‘उत्तर प्रदेश में हालत यह है कि अपराधियों की निगरानी नहीं की जा रही है और जो बेगुनाह हैं उनकी हिस्ट्रीशीट खोली गई है।’’

डॉक्टर कफील ने यह भी कहा कि अदालत के आदेश पर उनके खिलाफ लगी रासुका हटाए जाने के बाद वह राज्य सरकार को अनेक बार पत्र लिखकर गोरखपुर मेडिकल कॉलेज में अपनी नौकरी बहाल करने की मांग कर चुके हैं लेकिन उस पर सुनवाई करने के बजाय उन्हें परेशान करने के लिए हिस्ट्रीशीट खोली जा रही है। गौरतलब है कि अगस्त 2017 में गोरखपुर मेडिकल कॉलेज में कथित रूप से ऑक्सीजन की आपूर्ति बाधित होने से 60 से ज्यादा बच्चों की मौत के मामले में मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य समेत कई लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। उनमें डॉक्टर कफील भी शामिल थे। कफील पर 2019 में राष्ट्रीय सुरक्षा कानून की तामील की गई थी जिसे पिछले साल उच्च न्यायालय और बाद में उच्चतम न्यायालय ने भी गलत करार देते हुए उन्हें रिहा करने का आदेश दिया था। सितंबर, 2020 में जेल से रिहाई के बाद वह पूरे परिवार के साथ राजस्थान में रह रहे हैं।

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