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‘अयुथा चंडी महायज्ञम्’ कर रहे केसी राव पर अंधविश्वास फैलाने का आरोप

तेलंगाना के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव के मेडक जिला स्थित फार्म हाउस पर लोगों के कल्याण के लिए पांच दिवसीय ‘अयुथा चंडी महायज्ञम’ बुधवार को शुरू हो गया..

Author हैदराबाद | December 24, 2015 9:54 AM
तेलंगाना के मुख्यमंत्री चंद्रशेखर राव (फाइल फोटो)

तेलंगाना के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव के मेडक जिला स्थित फार्म हाउस पर लोगों के कल्याण के लिए पांच दिवसीय ‘अयुथा चंडी महायज्ञम’ बुधवार को शुरू हो गया। इसे लेकर विपक्षी भाजपा और माकपा ने तीखी आलोचना की और उन पर सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग और जनता का पैसा बर्बाद करने का आरोप लगाया। राव ने आरोप को खारिज किया और दावा किया है कि यज्ञ में सरकारी धन का इस्तेमाल नहीं किया जा रहा है।

भाजपा ने ‘निजी कार्यक्रम के लिए धन के अत्यधिक इस्तेमाल और सरकारी मशीनरी के दुरुपयोग’ पर आपत्ति जताई। पार्टी ने हालांकि कहा कि वह व्यापक लोकहित के लिए यज्ञ करने का समर्थन करती है। तेलंगाना भाजपा प्रवक्ता कृष्ण सागर राव ने कहा, ‘भाजपा समाज के व्यापक भलाई के लिए यज्ञ का समर्थन करती है। हमें उनके निजी कार्यक्रम से भी कोई विरोध नहीं है। यद्यपि निजी कार्यक्रम के लिए धनराशि का अत्यधिक इस्तेमाल और सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग अस्वीकार है’।

उन्होंने कहा, ‘भाजपा मांग करती है कि केसीआर के फार्म हाउस तक सड़क निर्माण, सुरक्षा और साजोसामान का खर्च भी मुख्यमंत्री वहन करें’। मुख्यमंत्री ने पिछले हफ्ते कहा था, ‘यह पूरी तरह से मेरा खुद का यज्ञ है। मेरे कुछ मित्र इसमें सहायता करने के लिए आगे आए हैं। मैं अपने खाते से धनराशि खर्च कर रहा हूं। इसमें सरकार से एक पैसा भी इस्तेमाल नहीं किया जाएगा’।

मुख्यमंत्री कार्यालय के जारी एक बयान में बताया गया कि जब मुख्यमंत्री अपने फार्म हाउस पहुंचे तो उनका पारंपरिक स्वागत किया गया। उन्होंने चंडी माता की मूर्ति के सामने गुरु प्रार्थना करने से पहले यज्ञशाला की परिक्रमा की। गुरु प्रार्थना यज्ञ विधि शुरू करने से पहले की जाती है। तेलंगाना और आंध्र प्रदेश के राज्यपाल ईएसएल नरसिम्हा ने भी इस पूजा में हिस्सा लिया।

बयान में बताया गया है कि पहले दिन ‘गौ पूजा’, ‘महा मंडप स्थापनम्’, ‘चंडी यंत्र लेखनम्’ जैसी अन्य विधियां संपन्न की गई। मेडक जिले के एरावेल्ली गांव में राव के फार्महाउस पर यज्ञ के लिए व्यापक इंतजाम किए गए हैं। राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी भी इस यज्ञ में 27 दिसंबर को शामिल होंगे।

तेलंगाना की माकपा इकाई ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री का किया जा रहा यज्ञम संविधान के खिलाफ है क्योंकि यह लोगों में अंधविश्वास को बढ़ावा देता है। माकपा प्रदेश इकाई ने एक बयान में कहा, ‘प्रत्येक व्यक्ति की व्यक्तिगत स्वतंत्रता है। यद्यपि यह भी नहीं भूलना चाहिए कि मुख्यमंत्री एक संवैधानिक जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। सरकार को ऐसे कदमों को बढ़ावा नहीं देना चाहिए जो जाति या सांप्रदायिक भावनाओं को बढ़ावा देती हों। यह सरकार के प्रमुख की जिम्मेदारी है कि वह संवैधानिक धर्मनिरपेक्षता की रक्षा करे’।

उसने कहा, ‘यज्ञम संविधान के ‘धर्मनिरपेक्ष’ भावना के खिलाफ है। वे खुद को निजी पूजा तक सीमित नहीं कर रहे हैं। राष्ट्रपति जो कि संविधान के प्रमुख हैं और अन्य सरकारी नेता इसमें शामिल हो रहे हैं’। जन कल्याण और वैश्विक शांति के लिए आयोजित इस महायज्ञ में तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र, कर्नाटक और तमिलनाडु के लगभग 2000 पुजारी हिस्सा ले रहे हैं। इस कार्यक्रम में तमिलनाडु के राज्यपाल के रोसैया, महाराष्ट्र के राज्यपाल सी विद्यासागर राव, केंद्रीय मंत्रियों एम वेंकैया नायडू और बंडारू दत्तात्रेय अलग-अलग दिन हिस्सा लेंगे। आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू 27 दिसंबर को यज्ञ में हिस्सा लेंगे। तमिलनाडु के राज्यपाल के रोसैया, महाराष्ट्र के राज्यपाल सी विद्यासागर राव, केंद्रीय मंत्री एम वेंकैया नायडू और बंडारू दत्तात्रेय अलग-अलग दिन इस आयोजन में शामिल होंगे। आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू इस यज्ञ में 27 दिसंबर को शामिल हो सकते हैं।

संविधान के खिलाफ: मुख्यमंत्री का किया जा रहा यज्ञ संविधान के खिलाफ है क्योंकि यह लोगों में अंधविश्वास को बढ़ावा देता है। यह नहीं भूलना चाहिए कि मुख्यमंत्री एक संवैधानिक जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। सरकार को ऐसे कदमों को बढ़ावा नहीं देना चाहिए जो जाति या सांप्रदायिक भावनाओं को बढ़ावा देती हों। यह सरकार के प्रमुख की जिम्मेदारी है कि वह संवैधानिक धर्मनिरपेक्षता की रक्षा करे।… तेलंगाना की माकपा इकाई

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