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एनडीए में घमासानः यूपी में 200 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारेगी जेडीय़ू, बोले त्यागी- सबको बराबर की हिस्सेदारी चाहिए, समाज में है बेचैनी

के सी त्यागी ने कहा कि जदयू राजग गठबंधन में शामिल है इसलिए पहले बीजेपी के साथ मिलकर ही चुनाव लड़ने पर विचार किया जाएगा। लेकिन सीट बंटवारे को लेकर बात नहीं बनने पर जदयू किसी दूसरी पार्टी के साथ मिलकर चुनाव लड़ सकती है।

जदयू नेता केसी त्यागी ने कहा कि पार्टी आगामी उत्तरप्रदेश विधानसभा चुनाव में 200 सीटों पर अपना उम्मीदवार उतारेगी। (एक्सप्रेस फोटो: प्रेमनाथ पांडेय)

साल 2022 में होने वाले उत्तरप्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा के सहयोगी दलों ने उसके लिए मुश्किलें खड़ी कर दी है। बिहार में भाजपा की सहयोगी जदयू ने उत्तरप्रदेश विधानसभा चुनाव लड़ने का ऐलान किया है। जदयू नेता के सी त्यागी ने कहा है कि पार्टी उत्तरप्रदेश विधानसभा चुनाव में 200 सीटों पर अपना उम्मीदवार उतारेगी। साथ ही उन्होंने योगी सरकार से ब्राह्मणों की नाराजगी को लेकर कहा है कि इस सरकार से समाज में बैचेनी है और सबको अपना हिस्सा चाहिए।

आजतक को दिए इंटरव्यू में जदयू नेता केसी त्यागी ने कहा कि पार्टी आगामी विधानसभा चुनाव में 200 सीटों पर अपना उम्मीदवार उतारेगी। के सी त्यागी ने कहा कि जदयू राजग गठबंधन में शामिल है इसलिए पहले बीजेपी के साथ मिलकर ही चुनाव लड़ने पर विचार किया जाएगा। लेकिन सीट बंटवारे को लेकर बात नहीं बनने पर जदयू किसी दूसरी पार्टी के साथ मिलकर चुनाव लड़ सकती है। जदयू नेता ने कहा कि हम छोटे दलों के साथ मिलकर भी उत्तरप्रदेश विधानसभा का चुनाव लड़ सकते हैं।

इंटरव्यू के दौरान योगी सरकार में ब्राह्मणों की नाराजगी को लेकर जदयू नेता के सी त्यागी ने कहा कि इस सरकार में समाज के अंदर बैचेनी है और सबको बराबर की हिस्सेदारी मिलनी चाहिए। इस दौरान जदयू नेता ने किसानों का मुद्दा भी उठाया। के सी त्यागी ने कहा कि किसानों और पिछड़े समाज के लोगों को न्याय नहीं मिल रहा है। किसानों ने ही वोट देकर उत्तरप्रदेश में योगी आदित्यनाथ और केंद्र में नरेंद्र मोदी की सरकार बनाई है। इसलिए इनके साथ भेदभाव नहीं होना चाहिए।

इसके अलावा के सी त्यागी ने यह भी कहा कि उत्तरप्रदेश विधानसभा चुनाव में जदयू सबसे ज्यादा टिकट किसानों और पिछड़े समुदाय के लोगों को ही देगी। इस दौरान जदयू नेता ने आगामी चुनावों में सपा के साथ जाने के सवाल पर कहा कि उनके और मुलायम सिंह यादव के बीच अच्छे रिश्ते हैं लेकिन हम साथ चुनाव नहीं लड़ सकते। साथ ही उन्होंने मायावती के साथ भी चुनाव लड़ने की संभावनाओं से इंकार किया।

चुनाव से पहले उत्तरप्रदेश में भाजपा की सहयोगी दलों ने उसको परेशान कर दिया है। भाजपा की सहयोगी निषाद पार्टी और अपना दल भी केंद्र और राज्य सरकार में हिस्सेदारी की मांग पर अड़ गई है। निषाद पार्टी के नेता संजय निषाद ने तो आगामी चुनावों में उन्हें उपमुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार बनाने की मांग की है। इतना ही नहीं पिछले विधानसभा चुनाव में भाजपा के सहयोगी रहे ओम प्रकाश राजभर ने तो राष्ट्रीय अध्यक्ष जे पी नड्डा से बात करने से ही मना कर दिया।

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