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सिंधिया के प्रोफाइल से ‘कांग्रेस’ गायबः दिग्विजय ने किया समर्थन, हड़कंप मचाने वाली खबर पर बोले- कोई दिक्कत नहीं

Scindia Removed Congres from Profile: सिंधिया के प्रोफाइल से कांग्रेस शब्द हटते ही बवाल मचा और उन्होंने खुद इस मसले पर सफाई भी दी। इस मसले पर दिग्विजय सिंह समेत कई कांग्रेसी नेताओं ने बयान दिया है।

ज्योतिरादित्य सिंधिया। (इमेज सोर्स- ट्विटर)

मध्य प्रदेश कांग्रेस के बड़े नेताओं में शुमार ज्योतिरादित्य सिंधिया (Jyotiraditya Scindia) के ट्विटर प्रोफाइल से ‘कांग्रेस’ हटाने पर मचे हड़कंप पर कांग्रेस नेताओं की प्रतिक्रियाओं का दौर जारी है। राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह (Digvijay Singh) ने भी बयान दिया है। उन्होंने सिंधिया का समर्थन करते हुए कहा कि इसमें कोई दिक्कत नहीं है। कांग्रेस नेताओं ने शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chaouhan) के ट्विटर हैंडल को भी निशाने पर लिया। बता दें कि सिंधिया ने थोड़े समय पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) से भी मुलाकात की थी, जिसके चलते कयासों हवा मिली। आखिरकार सिंधिया खुद सफाई देते हुए खबरों का खंडन कर दिया।

प्रोफाइल से कांग्रेस हटा तो बवाल हुआः मध्य प्रदेश में कमल नाथ के मुकाबले मुख्यमंत्री पद की दौड़ में शामिल रहे सिंधिया लोकसभा चुनाव में अपनी ही सीट भी हार गए थे। पिछले दिनों उन्होंने अपने ट्विटर हैंडल से ‘कांग्रेस’ शब्द हटा लिया था। उनके खेमे के माने जाने वाले नेताओं ने दिग्विजय और कमल नाथ के खिलाफ कई बयान दिए थे, जिसे लेकर माना जा रहा था कि वे कांग्रेस छोड़ बीजेपी में जा सकते हैं।

Hindi News Today, 26 November 2019 LIVE Updates: देश-दुनिया की हर खबर पढ़ने के लिए यहां करें क्लिक

शिवराज का जिक्र कर साधा निशानाः द प्रिंट के मुताबिक दिग्विजय सिंह ने कहा, ‘अगर वह अपना स्टेटस बदलते हैं तो इसमें कोई समस्या नहीं है। इसे बढ़ा-चढ़ाकर नहीं पढ़ा जाना चाहिए।’ प्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता पंकज चतुर्वेदी ने कहा, ‘उन्होंने कुछ भी गलत नहीं किया।’ वहीं प्रवक्ता नरेंद्र सलूजा ने तो पलटवार करते हुए सीधे शिवराज को निशाने पर ले लिया। उन्होंने कहा, ‘सिंधिया के प्रोफाइल पर सवाल उठाने वाले बीजेपी नेताओं को याद करना चाहिए कि कुछ दिनों पहले शिवराज सिंह ने भी स्टेटस बदलकर कॉमन मैन ऑफ एमपी कर दिया था।’

विधानसभा चुनाव के बाद सिंधिया का नाम कमल नाथ की जगह प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के लिए भी सुर्खियों में था। इसी बीच उन्हें लोकसभा चुनाव में पश्चिमी उत्तर प्रदेश का प्रभारी भी बनाया गया। उनके क्षेत्र में कांग्रेस खाता भी नहीं खोल पाई, वहीं मध्य प्रदेश में भी वह अपनी ही गुना लोकसभा सीट से चुनाव हार गए थे।

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