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ज्योतिरादित्य सिंधिया के कार्यक्रम में बवाल, एक दूसरे पर फेंकी गई कुर्सियां, मंच पर धक्कामुक्की

कार्यक्रम के दौरान पार्टी में अध्यक्ष पद को लेकर चल रही कथित गुटबाजी को लेकर सिंधिया से सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि अपना खून-पसीना बहाकर सूबे में कांग्रेस की सरकार बनवाने वाले पार्टी कार्यकर्ताओं की आन-बान और शान कायम रखना उनका फर्ज है।

ज्योतिरादित्य सिंधिया के कार्यक्रम में जमकर चली कुर्सियां। (पीटीआई फोटो/ फाइल)

कांग्रेस नेता और पार्टी के पूर्व राष्ट्रीय महासचिव ज्योतिरादित्य सिंधिया के इंदौर में आयोजित हुए कार्यक्रम में जमकर हंगामा हुआ। दरअसल कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ता आपस में ही भिड़ गए और इस दौरान जमकर एक-दूसरे पर कुर्सियां फेंकी गई। इस बात से सिंधिया इतने नाराज हुए कि बीच में ही कार्यक्रम छोड़कर चले गए। बता दें कि कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष पद के लिए मध्य प्रदेश में इन दिनों गुटबाजी चल रही है। सिंधिया के कार्यक्रम में हुए हंगामे को भी उसी से जोड़कर देखा जा रहा है।

खबर के अनुसार, ज्योतिरादित्य सिंधिया रविवार को एक दिवसीय दौरे पर इंदौर पहुंचे थे। यहां सिंधिया को पार्टी कार्यकर्ताओं और अपने समर्थकों से मुलाकात करनी थी। जिसके लिए शहर के रंगून गार्डन में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में जब सिंधिया मंच पर मौजूद थे, तो पार्टी कार्यकर्ताओं में भी मंच पर चढ़ने की होड़ लग गई। जिसके चलते धक्का-मुक्की और हंगामा शुरू हो गया। देखते ही देखते पार्टी कार्यकर्ता एक-दूसरे पर कुर्सियां फेंकने लगे।

वहीं इस बात से नाराज ज्योतिरादित्य सिंधिया मंच से उतर आए और फिर बाद में कार्यक्रम बीच में ही छोड़कर चले गए। बता दें कि कार्यक्रम के दौरान पार्टी में अध्यक्ष पद को लेकर चल रही कथित गुटबाजी को लेकर सिंधिया से सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि अपना खून-पसीना बहाकर सूबे में कांग्रेस की सरकार बनवाने वाले पार्टी कार्यकर्ताओं की आन-बान और शान कायम रखना उनका फर्ज है। हालांकि उन्होंने ये भी कहा कि पार्टी अध्यक्ष पद के लिए पार्टी आलाकमान जो भी निर्णय लेगा, वह उन्हें स्वीकार होगा।

बता दें कि मध्य प्रदेश में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष पद के लिए गुटबाजी की खबरें आ रही हैं। दरअसल सीएम कमलनाथ मुख्यमंत्री पद संभालने के बाद प्रदेश अध्यक्ष पद छोड़ने की पेशकश कर चुके हैं। माना जा रहा है कि ज्योतिरादित्य सिंधिया प्रदेश अध्यक्ष पद पर काबिज होना चाहते हैं, लेकिन खबरें आ रही हैं कि उन्हें दिग्विजय सिंह का विरोध झेलना पड़ रहा है। दरअसल दोनों नेताओं के बीच खींचतान पुरानी है। यही वजह है कि अब दोनों नेता अपने-अपने समर्थकों के दम पर जोर-आजमाइश में जुटे हैं। इंदौर में आयोजित हुआ कार्यक्रम भी इसी शक्ति प्रदर्शन का हिस्सा माना जा रहा है। सीएम कमलनाथ दिग्विजय सिंह के करीबी माने जाते हैं।

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