ज्योतिरादित्य सिंधिया की शादी में हुआ था ऐसा पहली बार, जब ग्वालियर नरेश ने अपने बेटे की शादी देखी थी; एक विडंबना ने कई पीढ़ियों तक किया पीछा

ज्योतिरादित्य सिंधिया की शादी साल 1994 में प्रियदर्शनी के साथ हुई थी। परिवार के लिए यह शादी बेहद अहम रही, इस शादी में परिवार के साथ पिछली कई पीढ़ियों से चला आ रहा एक सिलसिला भी टूटा था।

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माधवराव सिंधिया (बाएं), ज्योतिरादित्य सिंधिया अपनी पत्नी प्रियदर्शनी के साथ (दाएं)। Source- Express Archive and Jansatta

ज्योतिरादित्य सिंधिया की शादी साल 1994 में प्रियदर्शनी के साथ हुई थी। परिवार के लिए यह शादी बेहद अहम रही, इस शादी में परिवार के साथ पिछली कई पीढ़ियों से चला आ रहा एक सिलसिला भी टूटा था। दरअसल सिंधिया परिवार के साथ एक विडंबना रही कि उनके मुखिया लंबी आयु नहीं जी पाए, यहां तक कि वह अपने पुत्रों की शादी तक नहीं देख पाए थे। ज्योतिरादित्य सिंधिया की शादी के समय ऐसा पहली बार हुआ था कि कोई सिंधिया नरेश अपने बेटे की शादी खुद देख रहा था।

नमिता भंडारे और वीर सांघवी द्वारा लिखी गई किताब ‘माधवराव सिंधिया: अ लाइफ’ में इसका उल्लेख किया गया है। किताब के अनुसार माधवराव जब स्कूल में थे, तभी उनके पिता जीवाजीराव सिंधिया कैलाशवासी हो गए थे। सिंधिया परिवार में स्वर्गवासी की जगह कैलाशवासी शब्द का इस्तेमाल किया जाता था। जब जीवाजीराव सिर्फ 9 साल के थे तो उनके पिता माधव महाराज का निधन हो गया था। माधव महाराज जब 10 बरस के थे तो उनके पिता जयाजीराव सिंधिया दुनिया को छोड़कर चले गए थे और जब जयाजी राव की उम्र सिर्फ 8 साल थी तो उनके पिता दौलतराव सिंधिया की मौत हो गई थी।

माधवराव सिंधिया ने अपने पुत्र की शादी तो जरूर देखी लेकिन उम्र के मामले में वह ज्यादा भाग्यशाली नहीं रहे। 30 सितंबर 2001 को माधवराव सिंधिया का निधन एक विमान हादसे में हो गया था। उस वक्त उनकी आयु 56 वर्ष थी। इस विमान हादसे से कुछ साल वह एक और प्लेन क्रैश के शिकार होने वाले थे लेकिन बाल-बाल बच गए थे। दरअसल माधवराव सिंधिया को उस जहाज पर संजय गांधी के साथ सवार होना था, जिसे संजय गांधी उड़ा रहे थे। उस दिन सिंधिया को उठने में देरी हो गई थी और वह उड़ान संजय गांधी की अंतिम उड़ान साबित हुई थी।

ज्योतिरादित्य सिंधिया की शादी के बारे में: ज्योतिरादित्य सिंधिया और प्रियदर्शनी की अरेंज मैरिज हुई थी, लेकिन सिंधिया उन्हें पहले ही अपना दिल दे बैठे थे। ‘फ्री प्रेस जर्नल’ में छपी एक रिपोर्ट के मुताबिक, ज्योतिरादित्य सिंधिया और प्रियदर्शनी की पहली मुलाकात साल 1991 में हुई थी। प्रियदर्शनी उन दिनों में मुंबई में रहा करती थीं और सिंधिया अमेरिका में थे। दोनों एक कार्यक्रम में हिस्सा लेने के लिए दिल्ली आए थे, जहां ज्योतिरादित्य ने उन्हें पहली बार देखा था।

देश के उभरते नेता थे माधवराव सिंधिया: किताब के अनुसार, माधवराव अपने आपको राजीव गांधी जैसा आधुनिक लाइन पर चलने वाले नेता मानते थे। वह तेजी से देश के उभरते नेता साबित हो रहे थे। रेलवे मंत्री रहने के दौरान माधवराव सिंधिया ने ही शताब्दी ट्रेनें और कंप्यूटरीकृत टिकट की शुरुआत की थी। सिंधिया परिवार का दस जनपथ से जुड़ाव भी माधवराव सिंधिया के कारण बहुत प्रगाढ़ रहा। साल 2000 में माधवराज लोकसभा में विपक्ष के उपनेता थे और सोनिया गांधी नेता थीं।

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