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मध्य प्रदेश कांग्रेस के अंदर गहराया तकरार? बीच मीटिंग छोड़ निकले ज्योतिरादित्य सिंधिया

सिंधिया के मीटिंग से जल्द निकाल जाने के बाद कांग्रेस ने इस मामले में सफाई दी। पार्टी ने स्पष्ट किया कि सिंधिया ने पहले ही सूचित कर दिया था कि वह बैठक को जल्दी छोड़ देंगे और राज्य में सब ठीक है।

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ और ज्योतिरादित्य सिंधिया।

मध्य प्रदेश में सत्तारूढ़ कांग्रेस के अंदर की नाराजगी एक बार फिर खुलकर सामने आ गई है। हालही में एआईसीसी के महासचिव ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि अगर मध्य प्रदेश सरकार द्वारा घोषणा पत्र पूरे नहीं किए गए तो वह सड़कों पर उतरेंगे और प्रदर्शन करेंगे। उनके इस बयान के बाद कयास लगाए जा रहे थे कि उनके और राज्य के मुख्यमंत्री कमलनाथ के बीच रिश्तों में दरार आ गई है। शनिवार को राज्य कांग्रेस की समीक्षा बैठक से उनके जल्दी प्रस्थान ने दरार की छाप को और गहरा कर दिया। लोगों का मानना है कि सिंधिया बैठक से नाराज होकर निकले थे।

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक सिंधिया के मीटिंग से जल्द निकाल जाने के बाद कांग्रेस ने इस मामले में सफाई दी। पार्टी ने स्पष्ट किया कि सिंधिया ने पहले ही सूचित कर दिया था कि वह बैठक को जल्दी छोड़ देंगे और राज्य में सब ठीक है। हालांकि, एमपी कांग्रेस में सब ठीक नहीं है इस बात का अंदाज़ा सीएम कमलनाथ के सिंधिया की धमकी पर दिये गए जवाब से लगाया जा सकता है। सिंधिया के बयान पर जब पत्रकारों द्वारा नाथ से सवाल किया गया तो उन्होंने कहा, ‘तो उतर जाएं।’

शनिवार सुबह दिल्ली में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ के आवास पर मध्य प्रदेश सरकार और प्रदेश कांग्रेस संगठन में समन्वय के लिए हुई बैठक में ज्योतिरादित्य सिंधिया और कमलनाथ के अलावा प्रभारी दीपक बावरिया, दिग्विजय सिंह, मंत्री जीतू पटवारी, मीनाक्षी नटराजन शामिल हुए थे। सीएम कमलनाथ और सिंधिया के बीच मतभेद लगभग पिछले आठ महीने से चल रहा है। ये मतभेद सिंधिया द्वारा मध्य प्रदेश में कांग्रेस सरकार की आलोचना करने के बाद शुरू हुआ। सिंधिया ने फसल क्षति सर्वेक्षण, कृषि ऋण माफी और संविदा शाला शिक्षकों के रोजगार को नियमित करने की मांग की थी।

गुरुवार को सिंधिया ने अतिथि शिक्षकों को संबोधित करते हुए कहा था, “मेरे अतिथि शिक्षकों को मैं कहना चाहता हूं। आपकी मांग मैंने चुनाव के पहले भी सुनी थी। मैंने आपकी आवाज उठाई थी और ये विश्वास मैं आपको दिलाना चाहता हूं कि आपकी मांग जो हमारी सरकार के घोषणापत्र में अंकित है वो घोषणापत्र हमारे लिए हमारा ग्रंथ है।”

उन्होंने आगे कहा “अगर उस घोषणापत्र का एक-एक अंग पूरा न हुआ तो अपने को सड़क पर अकेले मत समझना। आपके साथ सड़क पर ज्योतिरादित्य सिंधिया भी उतरेगा। सरकार अभी बनी है, एक साल हुआ है। थोड़ा सब्र हमारे शिक्षकों को रखना होगा. बारी हमारी आएगी, ये विश्वास, मैं आपको दिलाता हूं और अगर बारी न आये तो चिंता मत करो, आपकी ढाल भी मैं बनूंगा और आपकी तलवार भी मैं बनूंगा।”

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