सुप्रीम कोर्ट के जज जस्टिस उज्ज्वल भुइयां ने शुक्रवार को एक कार्यक्रम के दौरान सीजेपी प्रदर्शन के दौरान छात्र और अन्य प्रदर्शनकारियों के साथ पुलिसकर्मियों द्वारा मारपीट मामले पर गहरी चिंता जताई। उन्होंने 20 जुलाई को दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों व अन्य प्रदर्शनकारियों के साथ हुए मारपीट मामले को दुखद और चिंता का विषय बताया।

जस्टिस भुइयां का यह बयान ऐसे में समय में आया है, जब गाजियाबाद निवासी नीशु आजाद के पिता संजय के साथ मारपीट को लेकर सीजेपी ने दिल्ली पुलिस पर स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ कार्रवाई करने का दबाव बनाया। स्वतंत्र भारद्वाज ने एक पॉडकास्ट में संजय से मारपीट की बात कबूली थी। पुलिस यूपी के बुलंदशहर से स्वतंत्र को हिरासत में ले लिया है।

एक किताब विमोचन के दौरान कही बात

सुप्रीम कोर्ट के जज जस्टिस उज्ज्वल भुइयां नई दिल्ली में वायसराय हॉल में रिटायर्ड IPS अधिकारी यशोवर्धन आजाद की किताब ‘पुलिसिंग द रिपब्लिक’ के विमोचन के मौके पर पहुंचे थे। यहाँ उन्होंने जंतर-मंतर पर हुई पुलिस की कार्रवाई को बेहद परेशान करने वाला बताया। कुछ दिन पहले ही जस्टिस उज्ज्वल भुइयां ने कहा था कि अलग राय रखने या सवाल पूछने पर छात्रों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई नहीं होनी चाहिए।

न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, जस्टिस उज्ज्वल भुइयां ने कहा, “पुलिसकर्मियों का प्रदर्शनकारियों के साथ मारपीट करना परेशान करने वाला है; यह गंभीर चिंता का विषय है।”

‘प्रदर्शनकारियों और आंदोलनकारियों पर हमला करते हुए देखना दुखद’

उन्होंने कहा, “जब हम इंडियन पुलिस सर्विस के युवा अधिकारियों को खुद जाकर प्रदर्शनकारियों और आंदोलनकारियों पर हमला करते हुए देखते हैं, तो हमें बहुत निराशा होती है। यह देखना बेहद दुखद है। पुलिस अधिकारियों से जिस तटस्थता की उम्मीद की जाती है, वह गायब होती दिख रही है और यह वाकई गंभीर चिंता का विषय है।”

जस्टिस उज्ज्वल भुइयां ने कहा कि पुलिस जरूरत से अधिक बल का इस्तेमाल किए बिना या लोगों के अधिकारों का उल्लंघन किए बिना प्रभावी ढंग से कानून-व्यवस्था बनाए रख सकती है।

‘पुलिस अपनी विश्वसनीयता बनाए रखे’

उन्होंने कहा, “अधिकतर आम लोगों के लिए, सड़क पर सीटी और लाठी के साथ खड़ा पुलिसकर्मी राज्य की शक्ति और लोगों के अधिकार का प्रतीक माना जाता है। जब उन्हें लगता है कि उनके साथ अन्याय हुआ है, तो वे पुलिस के पास जाते हैं और उनसे मदद मांगते हैं, इसलिए यह बेहद जरूरी है कि पुलिस अपनी विश्वसनीयता बनाए रखे।”

उन्होंने आगे कहा, “ऐसा तभी किया जा सकता है जब वे संविधान का सख्ती से पालन करें, एक ईमानदार पेशेवर बल के तौर पर काम करें, निष्पक्ष रहें, साहस और पक्के इरादे के साथ काम करें, ईमानदारी बनाए रखें और धर्मनिरपेक्ष सिद्धांतों का पालन करें और ऐसे ही कानून के शासन को भी बनाए रखें।”

उन्होंने देश में हिरासत में यातना और मौतों के बढ़ते मामलों पर भी चिंता जताई और इसे सभ्य समाज में सबसे बुरे अपराधों में से एक बताया। उन्होंने कहा कि पुलिस व्यवस्था में सुधार की जरूरत है और उन्होंने पुलिस के कामकाज में राजनीतिक दखलंदाजी को लेकर चेताया भी।

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दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के जंतर-मंतर प्रदर्शन से जुड़े एक मामले में कथित हमले के आरोपी और खुद को ‘इन्फ्लुएंसर’ बताने वाले स्वतंत्र भारद्वाज को शुक्रवार शाम पुलिस ने हिरासत में ले लिया। सूत्रों के मुताबिक, भारद्वाज अपने घर से बुलेट मोटरसाइकिल पर निकले थे, लेकिन बाद में पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें