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BCCI में सफाई के लिए लोढ़ा कमिटी की सिफारिश, कोई मंत्री न बने बोर्ड सदस्‍य

जस्टिस लोढ़ा कमिटी ने आईपीएल सीओओ सुंदर रमन को 2013 स्‍पॉट फिक्सिंग और सट्टेबाजी मामले में क्‍लीन चिट दी है।

Author नई दिल्‍ली | January 4, 2016 4:45 PM
जस्टिस आरएम लोढ़ा (फाइल फोटो)

जस्टिस आरएम लोढ़ा कमिटी ने भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) में बड़े बदलावों की सिफारिश की है। कमिटी ने सोमवार को सुप्रीम कोर्ट को अपनी सिफारिशों की रिपोर्ट सौंपी। इसमें बीसीसीआई को सूचना के अधिकार(आरटीआई) के तहत लाने, सट्टेबाजी को कानूनी बनाने और किसी भी मंत्री के बीसीसीआई में पद न लेने जैसी बड़ी सिफारिशें की गई है। जस्टिस लोढ़ा ने बताया कि बीसीसीआई और आईपीएल के लिए अलग अलग गवर्निंग काउंसिल हो। साथ ही प्रत्‍येक राज्‍य की एक एसोसिएशन बीसीसीआई की पूर्ण सदस्‍य हो और उसे वोट डालने का अधिकार हो। जस्टिस लोढ़ा कमिटी ने आईपीएल सीओओ सुंदर रमन को 2013 स्‍पॉट फिक्सिंग और सट्टेबाजी मामले में क्‍लीन चिट दी है।

ये हैं जस्टिस लोढ़ा कमिटी की मुख्‍य सिफारिशें:
* सट्टेबाजी को कानूनी मान्‍यता मिले। खिलाडि़यों और अधिकारियों को छोड़कर अन्‍य लोगों को रजिस्‍टर्ड साइटों पर सट्टा लगाने की अनुमति हो। कमिटी का मानना है कि इससे खेलों में भ्रष्‍टाचार पर काबू पाया जा सकेगा।
* आईपीएल की चीफ गवर्निंग बॉडी को गवर्निंग काउंसिल के नाम से जाना जाए और इसमें नौ सदस्‍य हों। इनमें से दो सदस्‍यों को बोर्ड के पूर्णकालिक सदस्‍य चुने। बीसीसीआई के कोषाण्‍ध्‍यक्ष और सचिव इसके पदेन स‍दस्‍य हों। बाकी पांच में से दो फ्रेंचाइजियों में से, एक प्‍लेयर्स एसोसिएशन का प्रतिनिधि और एक कैग का प्रतिनिधि हो।
* पूर्व गृह सचिव जीके पिल्‍लई, पूर्व क्रिकेटर मोहिंदर अमरनाथ, अनिल कुम्‍बले और डायना एदुलजी की सदस्‍यता में स्‍टीयरिंग कमिटी बने।
* सर्विसेज, रेलवे और यूनिवर्सिटी को एसोसिएट सदस्‍य बनाया जाए और उन्‍हें वोट डालने का अधिकार न मिले।
* बीसीसीआई अध्‍यक्ष दो साल से ज्‍यादा समय तक इस पद पर न रहे। साथ ही बोर्ड में कोई भी अधिकारी लगातार दो बार पद पर न रहे।
* बोर्ड का कोई भी अधिकारी मंत्री या सरकारी पद पर न हो।

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