Justice Markandey Katju says - Canot accept jailbird Sasikala puppet Palaniswami as CM, I would rather be dead - जस्टिस काटजू के विवादित बोल- जेल में बंद शशिकला के 'कठपुतली' पलानीस्वामी के राज में रहने से बेहतर है मर जाना - Jansatta
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जस्टिस काटजू के विवादित बोल- जेल में बंद शशिकला के ‘कठपुतली’ पलानीस्वामी के राज में रहने से बेहतर है मर जाना

जस्टिस काटजू ने कहा कि वे पलानीस्वामी को मुख्यमंत्री के तौर पर स्वीकार नहीं कर सकते।

मार्कंडेय काटजू सोशल मीडिया पर विवादित बयानों की वजह से चर्चा में रहते हैं।

अपने बयानों को लेकर विवादों में रहने वाले सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज मार्कंडेय काटजू एक बार फिर अपनी फेसबुक पोस्ट को लेकर चर्चा में हैं। जस्टिस काटजू ने तमिलनाडु के मुख्यमंत्री ई पलानीस्वामी को एआईएडीएमके की महासचिव शशिकला की कठपुतली बताया है। जस्टिस काटजू ने तमिल समुदाय को अपनी फेसबुक पोस्ट में खुला खत लिखा है। उन्होंने लिखा है कि पलानीस्वामी को सीएम के तौर पर स्वीकार करना ‘अपमान’ की बात है। जस्टिस काटजू ने कहा, ‘जेल में बंद शशिकला के कठपुतली को आपका मुख्यंत्री बना दिया गया है और आपने कुछ भी नहीं किया।’

बता दें, जस्टिस काटजू अपने आपको गर्व के साथ तमिल बताते हैं। लेकिन उन्होंने पोस्ट में कहा है कि पलानीस्वामी जब तक तमिलनाडु के सीएम रहेंगे, वे तमिल समुदाय के सदस्य नहीं रहेंगे। फेसबुक पर काटजू ने लिखा, ‘जब तक पलानीस्वामी तमिल लोगों के मुख्यमंत्री रहेंगे, मैं तमिल नहीं रहूंगा। मैं ऐसे लोगों के समुदाय का सदस्य रहना नहीं चाहता, जहां लोग अपमान और जल्लात की जिंदगी जीने पर कोई ऐतराज नहीं जताते।’

बता दें, पलानीस्वामी ने हालही में विधानसभा में बहुमत हासिल किया था। पलानीस्वामी को 122 विधायकों का समर्थन मिला था, जबकि पन्नीरसेल्वम को केवल 11 लोगों का समर्थन मिला था। पलानीस्वामी के बहुमत के दौरान विधानसभा में काफी हंगामा हुआ था। डीएमके के विधायकों ने सदन में काफी हंगामा मचाया था, इस दौरान एक दूसरे पर कुर्सियां फेंकी गई, टेबल तोड़ दिया गया। साथ ही विधानसभा के स्पीकर धनपाल ने दावा किया था कि उसके साथ सदन में बदतमिजी गई थी। इस दौरान दो बार सदन को स्थगित किया गया। बाद में डीएमके के विधायकों को सदन से बाहर कर दिया गया।

सदन से बाहर कर दिए जाने के बाद डीएमके के कार्यकारी अध्यक्ष एमके स्टालिन अपने पार्टी विधायकों के साथ मरीना बीच पर प्रदर्शन कर रहे थे। इसके बाद पुलिस ने स्टालिन और अन्य विधायकों को अपनी हिरासत में ले लिया था, जिन्हें बाद में छोड़ दिया गया था। स्टालिन ने कहा था कि यह लोकतंत्र का मखौल उड़ाया गया है। लोगों की मर्जी के बिना पलानीस्वामी को राज्य मुख्यमंत्री बनाया गया है।

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