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एचएल दत्तू बने देश के मुख्य न्यायाधीश

नई दिल्ली। 2-जी स्पेक्ट्रम घोटाले में जांच पर निगरानी रख रहे पीठ की अगुआई कर रहे न्यायमूर्ति एचएल दत्तू को रविवार को राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने देश के अगले प्रधान न्यायाधीश के रूप में शपथ दिलाई। उनका कार्यकाल 14 महीने का होगा। सुप्रीम कोर्ट के सबसे वरिष्ठ न्यायाधीश 63 साल के एच लक्ष्मीनारायण स्वामी दत्तू […]

Author September 29, 2014 8:33 AM
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष न्यायमूर्ति एचएल दत्तू

नई दिल्ली। 2-जी स्पेक्ट्रम घोटाले में जांच पर निगरानी रख रहे पीठ की अगुआई कर रहे न्यायमूर्ति एचएल दत्तू को रविवार को राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने देश के अगले प्रधान न्यायाधीश के रूप में शपथ दिलाई। उनका कार्यकाल 14 महीने का होगा।

सुप्रीम कोर्ट के सबसे वरिष्ठ न्यायाधीश 63 साल के एच लक्ष्मीनारायण स्वामी दत्तू ने राष्ट्रपति भवन के दरबार हॉल में आयोजित समारोह में शपथ ग्रहण की। उनका कार्यकाल 14 महीने का होगा और वे दो दिसंबर 2015 को सेवानिवृत्त होंगे।

समारोह में उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी, राज्यसभा के उप सभापति पीजे कुरियन, केंद्रीय मंत्रियों राजनाथ सिंह, रविशंकर प्रसाद, एम वेंकैया नायडू, अनंत कुमार और भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी ने भाग लिया। कार्यक्रम में भाग लेने वाले विपक्षी नेताओं में केवल कांग्रेस के अभिषेक मनु सिंघवी और राजीव शुक्ला थे। शनिवार को प्रधान न्यायाधीश के पद से सेवानिवृत्त हुए न्यायमूर्ति आरएम लोढ़ा, सुप्रीम कोर्ट व हाई कोर्ट के वरिष्ठ न्यायाधीश, सेवानिवृत्त न्यायाधीश और बार सदस्य भी समारोह में उपस्थित थे।

न्यायमूर्ति दत्तू 2-जी स्पेक्ट्रम घोटाले में जांच पर निगरानी रख रहे पीठ की अगुआई कर रहे हैं। इस महीने के शुरू में जब न्यायमूर्ति दत्तू की नियुक्ति से जुड़ी फाइल प्रधानमंत्री कार्यालय पहुंची थी तो उन्होंने कहा था-मैं इस देश के सभी नागरिकों से अनुरोध करूंगा कि मेरी इस संस्था को सर्वोच्च स्थान पर ले जाने के लिए मुझे साहस और विश्वास का आशीर्वाद दें। उन्होंने कहा था- मेरा संस्थान दुनिया की सर्वश्रेष्ठ संस्था है। हालांकि उन्होंने उच्च न्यायपालिका के लिए न्यायाधीशों की नियुक्ति की कॉलिजियम प्रणाली को खत्म करने के प्रयासों को लेकर उठे विवाद पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया था।

कर्नाटक से अपना कानूनी कॅरियर शुरू करने वाले न्यायमूर्ति दत्तू दिसंबर 2008 में सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश बने थे। 13 दिसंबर 1950 को जन्मे न्यायमूर्ति दत्तू ने 1975 में वकील के तौर पर पंजीकरण कराया था और बंगलूर में वकालत शुरू करते हुए दीवानी, आपराधिक, कर और संवैधानिक सभी तरह के मामलों पर काम किया। 1983 से वे कर्नाटक हाई कोर्ट में बिक्री कर विभाग के लिए सरकारी वकील, आयकर विभाग के वकील और बाद में सरकारी वकील समेत अनेक भूमिकाओं में पेश हुए। 1995 में आयकर विभाग के लिए वरिष्ठ वकील बनाए जाने के बाद न्यायमूर्ति दत्तू को कर्नाटक हाई कोर्ट के न्यायाधीश के रूप में प्रोन्नत किया गया।

फरवरी 2007 में उन्हें छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के रूप में पदोन्नत किया गया और कुछ दिन बाद वे केरल हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश बने। वे इस साल भारत के प्रधान न्यायाधीश के तौर पर शपथ लेने वाले सुप्रीम कोर्ट के दूसरे न्यायाधीश हैं। न्यायमूर्ति लोढ़ा ने भी इसी साल अप्रैल में शपथ ली थी।

 

 

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