ताज़ा खबर
 

न्यायिक शिष्टाचार से बाहर थे SC जज अरुण मिश्रा के शब्द, पीएम मोदी की तारीफ करने पर BAI ने जताई नाराजगी

एसोसिएशन ने कहा कि इस तरह का आचरण न्यायपालिका की निष्पक्षता और स्वतंत्रता के बारे में लोगों की अवधारणा कमजोर करता है। एसोसिएशन ने एक बयान में कहा कि न्यायाधीशों का यह बुनियादी कर्तव्य है कि वे सरकार की कार्यपालिका शाखा से गरिमामय दूरी बनाकर रखें।

Author Edited By सिद्धार्थ राय नई दिल्ली | Updated: February 26, 2020 4:20 PM
मोदी की प्रशंसा में इस्तेमाल न्यायमूर्ति अरूण मिश्रा के शब्दों के प्रयोग से निराशा बार एसोसिएशन।

बार एसोसिएशन ऑफ इंडिया ने उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश न्यायमूर्ति अरूण मिश्रा द्वारा प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी की प्रशंसा में इस्तेमाल किये गये शब्दों पर निराशा व्यक्त की है। एसोसिएशन ने कहा कि इस तरह का आचरण न्यायपालिका की निष्पक्षता और स्वतंत्रता के बारे में लोगों की अवधारणा कमजोर करता है। एसोसिएशन ने एक बयान में कहा कि न्यायाधीशों का यह बुनियादी कर्तव्य है कि वे सरकार की कार्यपालिका शाखा से गरिमामय दूरी बनाकर रखें।

बार एसोसिएशन आफ इंडिया के अध्यक्ष ललित भसीन ने कहा कि इस तरह का व्यवहार जनता के विश्वास को कम करता है क्योंकि शीर्ष अदालत के न्यायाधीशों से अपेक्षा की जाती है कि वे संविधान के सिद्धांतों को बरकरार रखेंगे तथा कानून के शासन को सर्वोपरि रखते हुये कार्यपालिका के खिलाफ फैसले करेंगे।

भसीन ने कहा, ‘‘बार एसोसिएशन ऑफ इंडिया की कार्य समिति का मत है कि इंटरनेशनल ज्यूडीशियल कान्फ्रेंस में धन्यवाद प्रस्ताव पेश करते समय न्यायमूर्ति मिश्रा ने प्रधानमंत्री की प्रशंसा में जो अतिरेकपूर्ण शब्द इस्तेमाल किये वे औपचारिक शिष्टाचार के नियमों से बाहर थे।’’

सुप्रीम कोर्ट में वरिष्ठता में तीसरे स्थान पर रहे जस्टिस मिश्रा ने सम्मेलन के उद्घाटन के लिए पीएम का आभार व्यक्त करते हुए कहा था कि गरिमापूर्ण मानव अस्तित्व हमारी प्रमुख चिंता है। नरेंद्र मोदी बहुमुखी प्रतिभा के धनी हैं, जो विश्व स्तर पर सोचते हैं और स्थानीय स्तर पर कार्य करते हैं। उनके प्रेरक भाषण के लिए धन्‍यवाद जो विचार-विमर्श शुरू करने और सम्मेलन के लिए एजेंडा सेट करने में उत्प्रेरक के रूप में काम करेंगे।

उन्होंने कहा कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है और लोगों को आश्चर्य है कि यह लोकतंत्र इतनी सफलतापूर्वक कैसे काम कर रहा है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रशंसित दूरदर्शी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत अंतर्राष्ट्रीय समुदाय का एक जिम्मेदार और सबसे दोस्ताना सदस्य है। भारत संवैधानिक दायित्वों के लिए प्रतिबद्ध है और आतंकवाद से मुक्त एक शांतिपूर्ण और सुरक्षित दुनिया के लिए समर्पित है। यहां विकास की प्रक्रिया में पर्यावरण का संरक्षण सर्वोच्च माना जाता है।

Next Stories
1 आप के मंत्री-सांसद ने केंद्र सरकार से लगाई गुहार- हिंसा प्रभावित इलाकों में तैनात करें सेना, बोले- ‘गृह मंत्री जी अब तो जाग जाइए’
2 Kerala Lottery Today Results announced: लॉटरी के नतीजे जारी, इस टिकट नंबर को लगा है 60 लाख का पहला इनाम
3 Delhi Violence: हिंसा शुरू होने के तीन दिन बाद बोले PM मोदी- शांति हमारे संस्कारों में, भाईचारा बनाए रखें
ये पढ़ा क्या?
X