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जिस जज ने CBI निदेशक को हटाने के पक्ष में किया था वोट, ठुकराया मोदी सरकार का ऑफर

जब एक अंग्रेजी वेबसाइट ने बताया कि जस्टिस सीकरी का चयन किया गया है तब जस्टिस सीकरी ने रविवार को इस प्रस्ताव को औपचारिक रूप से रद्द करने के लिए कानून मंत्रालय को खत लिखा।

सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ जज जस्टिस एके सीकरी। (फाइल फोटो)

सुप्रीम कोर्ट के जज जस्टिस अर्जन कुमार सीकरी ने राष्ट्रमंडल देशों के बीच मध्यस्थता के लिए एक अंतरराष्ट्रीय पैनल के नामांकन के लिए अपनी सहमति वापस ले ली है। लंदन में राष्ट्रमंडल सचिवालय पंचाट (CSAT) के इस प्रतिष्ठित पद पर नियुक्ति के लिए सरकार द्वारा नामित किए जाने की खबरें सामने आने के बाद जस्टिस एके सीकरी ने अपनी सहमति वापस ले ली। बता दें कि कुछ दिनों पहले ही उन्होंने सीबीआई निदेशक आलोक वर्मा को हटाने वाली हाई पॉवर सेलेक्ट कमेटी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ-साथ पक्ष में वोट किया था जबकि कमेटी के तीसरे सदस्य कांग्रेस के मललिकार्जुन खड़गे ने विपक्ष में यानी सीबीआई डायरेक्टर को नहीं हटाने के पक्ष में मत दिया था लेकिन 2:1 के फैसले में सीबीआई निदेशक को हटना पड़ा था। इस फैसले के अगले ही दिन जस्टिस सीकरी के इस पंचाट में नामांकित किए जाने की खबरें आई थीं। जस्टिस सीकरी सुप्रीम कोर्ट में दूसरे सबसे वरिष्ठ जज हैं और मार्च में रिटायर होने वाले हैं।

बता दें कि केंद्र सरकार ने एक महीने पहले ही जस्टिस सीकरी को लंदन स्थित पंचाट में अस्थाई पद के लिए नामांकित किया था लेकिन जब एक अंग्रेजी वेबसाइट ने बताया कि जस्टिस सीकरी का लंदन स्थित कॉमनवेल्थ सचिवालय पंचाट (CSAT) के सदस्य के रूप में चयन किया गया है तब जस्टिस सीकरी ने रविवार (13 जनवरी) को इस प्रस्ताव को औपचारिक रूप से रद्द करने के लिए कानून मंत्रालय को खत लिखा।

सूत्रों के मुताबिक सरकार ने पिछले साल (2018) दिसंबर के पहले सप्ताह में जस्टिस सीकरी से संपर्क किया था ताकि उन्हें CSAT में वैकेंसी के बारे में सूचित किया जा सके और बाद में आठ सदस्यीय निकाय के सदस्य के रूप में नामित होने के लिए उनकी सहमति ली थी। एक सदस्य के रूप में उन्हें कभी-कभी विवाद समाधान के लिए पंचाट की बेंचों में उपस्थित होना था। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मोदी सरकार ने जस्टिस सीकरी को पोस्ट रिटायरमेंट पोस्टिंग दी थी। इस बात के कयास लगाए जा रहे थे और सवाल पूछे जा रहे थे कि क्या सरकार “एहसान” के लिए जस्टिस एके सीकरी को “पुरस्कृत” कर रही है? इस तरह के विवाद के बाद जस्टिस सीकरी ने लंदन स्थित प्रतिष्ठित जॉब को पाने का ऑफर ठुकरा दिया है।

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