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शीना हत्याकांड में रुके मीडिया ट्रायल : जूलियो रिबेरो

मुंबई के पूर्व पुलिस आयुक्त जूलियो रिबेरो ने बंबई हाई कोर्ट से अपील की है कि वह मीडिया को शीना बोरा हत्याकांड में ‘ट्रायल’ चलाने से रोके। रिबेरो ने तीन सितंबर ...

Author मुंबई | September 6, 2015 08:44 am
पूर्व आइपीएस अधिकारी ने की बंबई हाई कोर्ट से अपील।

मुंबई के पूर्व पुलिस आयुक्त जूलियो रिबेरो ने बंबई हाई कोर्ट से अपील की है कि वह मीडिया को शीना बोरा हत्याकांड में ‘ट्रायल’ चलाने से रोके। रिबेरो ने तीन सितंबर को बंबई हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति मोहित शाह को एक पन्ने का पत्र लिखकर अदालत के दखल की मांग की ताकि इस मामले में चल रहे ‘मीडिया ट्रायल’ पर लगाम लग सके।

अपने पत्र में रिबेरो ने लिखा, ‘मीडिया हर रोज अपराध की जांच कर रहा है। जांच अभी शुरुआती दौर में है, लेकिन उन्होंने पहले ही आरोपियों को दोषी करार दे दिया। रोज चल रहे इस मीडिया ट्रायल की इजाजत नहीं दी जानी चाहिए’। पूर्व पुलिस आयुक्त ने इस मामले में अदालत से दखल की मांग की और कहा कि वह मीडिया ट्रायल पर रोक लगाए। अदालत यदि चाहे तो पत्र का स्वत: संज्ञान ले सकती है और इसे जनहित याचिका में बदल सकती है।

दूसरी ओर एक स्थानीय अदालत ने शनिवार को शीना बोरा हत्याकांड के मुख्य आरोपियों इंद्राणी मुखर्जी, संजीव खन्ना और श्यामवर राय की पुलिस हिरासत सात सितंबर तक के लिए बढ़ा दी। उधर, अभियोजन का कहना है कि इस मामले में अभी भी ‘एक बड़े दायरे’ को जांच में समेटना बाकी है और इंद्राणी सहयोग नहीं कर रही हैं और उनसे कुछ उगलवाना बहुत मुश्किल है।

तीनों आरोपियों को पुलिस हिरासत की 14 दिन की समयसीमा खत्म होने से दो दिन पहले शनिवार दोपहर कड़ी सुरक्षा के बीच उपनगर बांद्रा में न्यायाधीश एसएम चांदगडे की अदालत में पेश किया गया। अदालती कार्यवाही के बाद उन्हें फिर से आगे की पूछताछ के लिए खार पुलिस थाने ले जाया गया।

हिरासत का अनुरोध करते हुए विशेष लोक अभियोजक वैभव बागडे ने कहा, ‘आरोपी (इंद्राणी) सहयोग नहीं
कर रही हैं। जांच का दायरा बड़ा है। आरोपी से कुछ उगलवाना बहुत मुश्किल है। उन्होंने हत्या की साजिश के लिए ईमेल और इंटरनेट जैसे आधुनिक उपकरणों का प्रयोग किया है। अब तक हुई प्रगति पहले से ही सामने है। हमने एक भी दिन व्यर्थ नहीं किया है। उन्होंने पीड़ित के नाम से झूठे ईमेल भेजे। फर्जी ईमेल आईडी बनाई। जांच के दायरे को देखते हुए हिरासत कम है’।

उन्होंने कहा कि यह पता करने की कोशिश की जा रही है कि और किस-किस ने इंद्राणी की मदद की और पुलिस को जांच के लिए और समय चाहिए। बागडे ने कहा, ‘हमें पता करना है कि और किस ने उनकी मदद की। ईमेल का अध्ययन करना है। अपराध अलग-अलग क्षेत्रों में हुआ। आरोपी संख्या दो (इंद्राणी) और आरोपी संख्या तीन (संजीव खन्ना) के बैंक खाते ब्रिटेन और मुंबई में हैं। हमें इन खातों से हुए भुगतान की जांच करनी है’।

उन्होंने कहा, ‘हमें इंद्राणी का क्रेडिट कार्ड बरामद करना है। आरोपी ने सहयोग को लेकर पूरी तरह से अनिच्छा दिखाई है। धारा 307 (हत्या का प्रयास) के तहत अतिरिक्त आरोप जोड़ा गया है। आरोपी संख्या दो ने जिनके साथ संपर्क किया और उससे जुड़ी सामग्रियों की जांच की जरूरत है। पुलिस को तार्किक समय चाहिए’।

अभियोजन की दलीलों को खारिज करते हुए बचाव पक्ष ने कहा कि इंद्राणी कट्टर अपराधी नहीं है। उन्होंने पुलिस पर ‘मीडिया ट्रायल करने और पूर्वग्रह के साथ कार्यवाही’ का आरोप लगाया। इंद्राणी, उनके पूर्व पति संजीव खन्ना और पूर्व चालक श्यामवर राय को अप्रैल 2012 में शीना की हत्या करने और उसका शव रायगढ़ के जंगलों में फेंकने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। मुंबई पुलिस ने शुक्रवार को कहा था कि पड़ोसी रायगढ़ जिले के एक जंगल से बरामद खोपड़ी के साथ शीना बोरा के प्रोफाइल के ‘डिटिजल सुपरइंपोजीशन’ का मिलान हो गया है।

उधर, रायगढ़ पुलिस विभाग के तत्कालीन अधिकारियों की जांच में शीना हत्याकांड के धागे एक बड़े राजनेता तक जा रहे हैं। इसी नेता के फोन के बाद रायगढ़ पुलिस ने आधी लिखी प्राथमिकी निरस्त कर दी थी। यह नेता अब इस दुनिया में नहीं है। तत्कालीन पुलिस अधीक्षक राव साहेब शिंदे से पूछताछ में इस नेता का नाम सामने आया।

शीना का शव मिलने के बाद अपने कर्तव्य में कोताही बरतनेवाले रायगढ़ पुलिस अधिकारियों की जांच पूरी हो चुकी है। तत्कालीन जिला पुलिस अधीक्षक राव साहेब शिंदे, उपविभागीय पुलिस अधिकारी प्रदीप चव्हाण, पुलिस इंस्पेक्टर सुदेश मिरगे, सहायक पुलिस इस्पेक्टर संदीप धोंडे के अलावा तब पुलिस स्टेशन में कार्यरत सभी पुलिसवालों के खिलाफ पूरी हुई जांच की रिपोर्ट पुलिस आयुक्त मुंबई को भेज दी है।

‘इंद्राणी से कुछ भी उगलवाना मुश्किल’
अभियोजन का कहना है कि इस मामले में अभी भी ‘एक बड़े दायरे’ को जांच में समेटना बाकी है और इंद्राणी सहयोग नहीं कर रही हैं और उनसे कुछ उगलवाना बहुत मुश्किल है। आरोपियों की हिरासत का अनुरोध करते हुए विशेष लोक अभियोजक वैभव बागडे ने कहा, ‘आरोपी (इंद्राणी) सहयोग नहंी कर रही हैं। जांच का दायरा बड़ा है। आरोपी से कुछ उगलवाना बहुत मुश्किल है। उन्होंने हत्या की साजिश के लिए ईमेल और इंटरनेट जैसे आधुनिक उपकरणों का प्रयोग किया है। हमने एक भी दिन व्यर्थ नहीं किया है।

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