ताज़ा खबर
 

नसबंदी मामला: न्यायिक जांच आयोग गठित, दवा कंपनी के खिलाफ कार्रवाई

रायपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में सरकार संचालित मेडिकल शिविरों में की गई नसबंदी के बाद कुछ महिलाओं की मौत होने और कई अन्य के बीमार पड़ने के मामले की जांच के लिए सेवानिवृत न्यायाधीश अनीता झा की एकल सदस्यता वाले एक आयोग का आज गठन किया गया और उसे तीन महीने के अंदर अपनी […]
Author November 14, 2014 19:00 pm
नसबंदी मामले में राज्य सरकार ने एक न्यायिक जांच आयोग का गठन किया है

रायपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में सरकार संचालित मेडिकल शिविरों में की गई नसबंदी के बाद कुछ महिलाओं की मौत होने और कई अन्य के बीमार पड़ने के मामले की जांच के लिए सेवानिवृत न्यायाधीश अनीता झा की एकल सदस्यता वाले एक आयोग का आज गठन किया गया और उसे तीन महीने के अंदर अपनी रिपोर्ट सौंपने को कहा गया है। नसबंदी मामले में अब तक 13 महिलाओं की जान जा चुकी है और करीब 138 बीमार हैं।

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री रमन सिंह नसबंदी कराने वाली महिलाओं में कुछ की मौत होने और उन्हें नकली दवाइयां दिए जाने को लेकर आलोचनाओं में घिर गए हैं जबकि दवा कंपनी के निदेशक और उनके बेटे को आज यहां गिरफ्तार कर लिया गया। यह कंपनी कथित तौर पर घटिया दवाइयों की आपूर्ति किया करती थी।

यहां एक सरकारी बयान में बताया गया है, ‘‘एक सदस्य वाले आयोग का गठन किया गया है और सेवानिवृत जिला एवं सत्र न्यायाधीश अनीता झा को संकरी (पेंडारी), गौरेला, पेण्ड्रा और मरवाही में महिला नसबंदी शिविरों में ऑपरेशन के बाद 13 महिलाओं की मौत और कई अन्य के बीमार पड़ने की घटनाओं की जांच करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।’’

बयान के मुताबिक आयोग से तीन महीने के अंदर अपनी रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंपने को कहा गया है।

मुख्यमंत्री रमन सिंह ने इन घटनाओं की निष्पक्ष एवं पारदर्शी न्यायिक जांच कराने की कल घोषणा की थी। सामान्य प्रशासन विभाग ने आयोग के गठन के बारे में कल शाम एक अधिसूचना जारी की थी।

हालांकि, मुख्यमंत्री ने कांग्रेस द्वारा की जा रही उनके इस्तीफे की मांग आज खारिज कर दी। ‘‘क्या इस्तीफे से मुद्दा सुलझ जाएगा। यह कोई विकल्प नहीं है। कांग्रेस सिर्फ मामले को राजनीतिक रंग देने की कोशिश कर रही है।’’

तख्तपुर ब्लॉक में पेंडारी गांव के नेमीचंद जैन कैंसर एवं शोध केंद्र में 83 महिलाओं का आठ नवंबर को ऑपरेशन किया गया था, करीब 56 महिलाओं की सर्जरी 10 नवंबर को पेंडरा ब्लॉक के तीन अलग-अलग शिविरों में की गई थी।

आयोग कई बिंदुओं पर मामले की जांच करेगा। क्या इन शिविरों में मानक कार्यप्रणाली का पालन किया गया, इस घटना के लिए जिम्मेदार परिस्थितियां क्या रहीं, क्या शिविरों में इस्तेमाल की गई दवाइयां घटिया गुणवत्ता वाली थीं, इस घटना के लिए कौन जवाबदेह हैं, इस तरह की घटनाओं के दोहराव को रोकने वाले उपाय, जैसे बिंदु जांच के दायरे में शामिल हैं।

रायपुर के पुलिस अधीक्षक ओपी पाल ने पीटीआई भाषा को बताया कि महावर फार्मा प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक रमेश महावर और उनके बेटे सुमित को धोखाधड़ी के आरोप में धारा 420 के तहत गिरफ्तार किया गया है। खाद्य एवं औषधि प्रशासन अधिकारियों की शिकायत के आधार पर यह कार्रवाई की गई।

एफडीए ने कल कंपनी की एक विनिर्माण इकाई को सील कर दिया था जिसने बिलासपुर जिले में नसबंदी में इस्तेमाल के लिए एंटीबॉयोटिक दवा की आपूर्ति की थी।

औषधि नियंत्रण विभाग में मौजूद आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि छापेमारी के दौरान महावर फार्मा के परिसर में भारी मात्रा में दवाइयां जलाई हुई पाई गई।

फार्मा इकाई से एकत्र किए गए दवाओं के नमूने की शुरुआती जांच के बाद औषधि निरीक्षक तृप्ति जैन ने कंपनी के प्रमोटरों के खिलाफ बीती रात एक मामला दर्ज किया जिसके बाद कार्रवाई की गई। विभाग ने कल शाम बिलासपुर स्थित एक अन्य फार्मा कंपनी में भी छापा मारा। इसने भी जिले में नसबंदी शिविरों के लिए कुछ दवाइयां आपूर्ति की थी। कंपनी से जांच के लिए दवाइयों के नमूने एकत्र किए गए।

राज्य सरकार ने इन नसबंदी शिविरों में इस्तेमाल की गई छह दवाइयों की बिक्री पर भी रोक लगा दी है। इस गड़बड़ी के लिए अधिकारियों को जिम्मेदार ठहराते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इन्होंने जारी किए गए दिशानिर्देशों का पालन नहीं किया। ‘‘हम किसी को नहीं बख्शेंगे।’’

उन्होंने कहा, ‘‘सर्जरी अस्वच्छ वातावरण में की गई। हम इस बात की जांच कर रहे हैं कि इनमें दी गई दवाइयां नकली थी या नहीं।’’
बिलासपुर जिला अस्पताल के लैपरोस्कोपिक सर्जन डॉ आरके गुप्ता को बुधवार को गिरफ्तार किया गया। वह पेंडारी गांव में एक शिविर में कुछ ही घंटों के अंदर 83 महिलाओं की नसबंदी की प्रकियाएं करने के आरोपी हैं।

गुप्ता और बिलासपुर के मुख्य मेडिकल एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ आरके भांगे को बाद में राज्य सरकार ने बर्खास्त कर दिया।
इसके अलावा सरकार ने इससे पहले परिवार नियोजन के राज्य कार्यक्रम संयोजक डॉ केसी उराव को और तख्तपुर के ब्लॉक मेडिकल अधिकारी डॉ प्रमोद तिवारी को निलंबित कर दिया तथा स्वास्थ्य सेवा निदेशक डॉ कमलप्रीत सिंह का तबादला कर दिया।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App

  1. No Comments.