झारखंड में स्टूडेंट प्रोटेस्ट के आगे हेमंत सोरेन सरकार झुक गई है। सरकार ने उनकी मांगों को पूरा करते हुए सोमवार देर रात 2014 से लेकर अब तक की TDPL द्वारा आयोजित कराई जाने वाली सभी परीक्षाओं को रद्द करने का ऐलान कर दिया। जहां एक तरफ सीएम के इस फैसले से छात्रों का एक खेमा खुशी मनाता नजर आया तो वहीं दूसरी तरफ इस फैसले से उन उम्मीदवारों को निराशा हुई जिन्होंने एग्जाम क्लियर करने के बाद नौकरी हासिल की थी या नियुक्ति का इंतजार कर रहे थे।

परीक्षा पास करने वाले उम्मीदवार हुए भावुक

सीएम का फैसला आने के बाद JSSC CGL परीक्षा पास करने वाले उम्मीदवार मीडिया के सामने भावुक नजर आए। न्यूज एजेंसी ANI से बात करते हुए एक उम्मीदवार ने कहा कि सरकार के इस फैसले से मेरे जैसे कई छात्र सड़कों पर आ गए हैं, मैं अपनी अपनी मां और पिताजी से कहना चाहता हूं कि प्लीज सब्र रखिए हम फिर जीतेंगे।

छात्र ने आगे कहा, “हम सरकार से भी अपील करेंगे कि आपने जो यह फैसला लिया है, उसे वापस ले लें। सरकार का यह फैसला माननीय कोर्ट के आदेश का भी अपमान करता है। एक तरह से कोई कह सकता है कि आज न्याय की हार हुई है; माननीय कोर्ट की आज हार हुई है। मैं अपने हक के लिए लड़ूंगा।”

‘मुख्यमंत्री इस फैसले पर फिर से विचार करें’

मीडिया से बात करते हुए एक और छात्र ने कहा, “हाई कोर्ट की डिवीजन बेंच के फैसले के बाद ही हमारी नियुक्ति हुई थी। हमारे पास सुप्रीम कोर्ट की मंजूरी की मुहर थी, फिर भी अचानक सरकार ने ऐसा कर दिया। एक पल में हम बेरोजगार हो गए। हम मुख्यमंत्री से नाराज हैं। सर, प्लीज कम से कम इस मामले पर फिर से विचार करें। हमारे उन सैकड़ों भाइयों का क्या होगा जिन्होंने पिछली नौकरियों से इस्तीफा देकर यह नौकरी ज्वाइन की है? हम पहले भी कोर्ट के जरिए यहां तक पहुंचे थे और हम फिर से कोर्ट जाएंगे।”

एग्जाम कैंसिल होने के बाद देवेंद्र महतो ने क्या कहा?

देवेंद्र महतो ने कहा कि वह अब अपना अनशन तो तोड़ देंगे, लेकिन संघर्ष जारी रहेगा। आजतक से बात करते हुए महतो ने कहा, “मैं एक ऐसा एजुकेशन सिस्टम चाहता हूं जहां छात्रों के साथ ऐसा दोबारा न हो क्योंकि मैं कई बार ऐसे एग्जाम को रद्द होते हुए देखा हूं।”

देवेंद्र महतो ने कहा कि इसी साल जनवरी में भी मैंने एक आंदोलन के जरिए इसी सीजीएल को रद्द कराया था, लेकिन फिर ये सीजीएल हुई और पेपर लीक हुआ। महतो ने कहा कि मैंने की एग्जाम रद्द होते हुए देखे हैं, कई सीबीआई और सीआईडी जांच होती हुई देखी है, इसलिए मैं सरकार की ओर से यह गारंटी चाहता हूं कि आने वाले समय न तो पेपर लीक हो और न ही धांधली हो और अगर सिस्टम बनने के बाद भी कोई धांधली करने की हिम्मत करता है तो उसे सख्त से सख्त सजा दी जाए।

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देवेंद्र महतो ने कहा कि इसी साल जनवरी में भी मैंने एक आंदोलन के जरिए इसी सीजीएल को रद्द कराया था, लेकिन फिर ये सीजीएल हुई और पेपर लीक हुआ। महतो ने कहा कि मैंने की एग्जाम रद्द होते हुए देखे हैं, कई सीबीआई और सीआईडी जांच होती हुई देखी है, इसलिए मैं सरकार की ओर से यह गारंटी चाहता हूं कि आने वाले समय न तो पेपर लीक हो और न ही धांधली हो और अगर सिस्टम बनने के बाद भी कोई धांधली करने की हिम्मत करता है तो उसे सख्त से सख्त सजा दी जाए। यहां पढ़ें पूरी खबर…