JPSC Student Protest: झारखंड में भर्ती परीक्षा में धांधली, पेपर लीक और परीक्षा सुधारों की मांगों को लेकर अभ्यर्थियों के विरोध प्रदर्शन का शुक्रवार को 14वां दिन है। लेफ्ट के छात्र संगठन AISA ने ऐलान किया है कि वे 7 अगस्त को संगठन छात्रों के विरोध प्रदर्शन को समर्थन देने के लिए छात्र विधानसभा तक मार्च करेंगे। इस पर अब प्रदर्शनकारियों की तरफ से कहा गया कि AISA के मार्च से उनका कोई लेना देना नहीं है।

दरअसल, AISA के मार्च को लेकर प्रदर्शनकारी छात्रों की कोर कमेटी के सदस्य द्वारा एक बयान जारी किया गया है। इसमें उन्होंने कहा, “7 अगस्त को AISA के नेतृत्व में झारखंड विधानसभा तक जो मार्च प्रस्तावित है, उससे हमारा कोई भी लेना देना नहीं है। हम 10 तारीख को विधानसभा का घेराव करेंगे, और हम अपनी इस बात पर अडिग हैं।”

प्रदर्शनकारी छात्र बोले- हम तटस्थ हैं

प्रदर्शनकारी छात्रों की कोर कमेटी के सदस्य ने अपनी स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा, “हम किसी भी राजनीतिक दल का न तो समर्थन कर रहे हैं, और न ही किसी का विरोध। हमारा किसी भी राजनीतिक दल, राजनीतिक छात्र संगठन AISA से कोई लेना देना नहीं है। हम तटस्थ हैं। हमारा मार्च 10 अगस्त को होगा।”

एक प्रदर्शनकारी की बिगड़ी तबीयत

झारखंड के विरोध में प्रदर्शन के दौरान भूख हड़ताल पर बैठे एक प्रदर्शनकारी की तबीयत बिगड़ गई, जिसके चलते उसे रांची के अस्पताल ले जाया गया है। छात्र का नाम राहुल क्रांति है, जो कि भूखहड़ताल पर बैठे 6 प्रदर्शनकारियों में से एक है।

क्या है AISA का विधानसभा मार्च का प्लान

बता दें कि AISA ने 7 अगस्त को लेकर ऐलान कर रखा है, कि वह छात्रों के विरोध प्रदर्शन के मुद्दे पर उनका समर्थन करने के लिए झारखंड विधानसभा का घेराव करेगी। AISA के मुताबिक, प्रदर्शनकारी बिरसा चौक पर एकत्र होकर विधानसभा की ओर मार्च करेंगे।

इस मार्च में AISA के अलावा रिवोल्यूशनरी यूथ एसोसिएशन (RYA) और राज्यभर से बड़ी संख्या में अभ्यर्थी व युवा हिस्सा ले रहे हैं। इसमें जंतर-मंतर पर छात्र आंदोलन का चेहरा रहीं AISA की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा भी शामिल होने पहुंची हैं।

अभी तक नहीं हुई छात्रों और सरकार की बात

AIR की रिपोर्ट के मुताबिक, छात्र नेताओं ने दावा किया है कि उन्‍हें कल शाम तक राज्‍य सरकार की ओर से बातचीत का कोई निमंत्रण नहीं मिला है। विरोध प्रदर्शन का असर कल झारखंड विधानसभा में भी देखा गया, जहां विपक्षी विधायकों ने मॉनसून सत्र के पहले दिन ही नारेबाजी की।

मुख्‍यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा है कि सरकार आंदोलनकारियों के साथ बातचीत के लिए तैयार है। इसके बाद आंदोलनकारी छात्रों ने राज्‍य सरकार से बातचीत के लिए 11 सदस्‍यों का प्रतिनिधिमंडल बनाया है। बता दें कि छात्र आंदोलन 25 जुलाई को रांची में जयपाल सिंह मुंडा स्‍टेडियम में शुरू हुआ था और हाल के वर्षों में सबसे बड़े छात्र आंदोलन के रूप में उभरा है।

क्या है प्रदर्शनकारियों की मांग

प्रदर्शनकारियों की मांग है कि झारखंड प्रांतीय सिविल सेवा की 14वीं परीक्षा रद्द की जाए और भर्ती परीक्षा में हुई अनियमितताओं की जांच सीबीआई या उच्‍च न्‍यायालय के सेवानिवृत्‍त न्‍यायाधीशों की स्‍वतंत्र समिति से राज्‍य के बाहर कराई जाए। छात्रों की झारखंड लोक सेवा आयोग और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग में व्‍यापक सुधार कराए जाने की भी मांग है।

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सीबीआई की जांच में सामने आया है कि नीट (यूजी) पेपर लीक मामले में तीन विषय विशेषज्ञों ने दिल्ली स्थित नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) के दफ्तर से परीक्षा के सवाल अलग-अलग तरीकों से बाहर निकाले। पढ़िए पूरी खबर…