झारखंड में JPSC और JSSC भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर जारी छात्रों के आंदोलन को सोमवार को सीजेपी का समर्थन मिला। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर आंदोलन कर रहे छात्रों के प्रति एकजुटता जताई।

दीपके ने झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (JLKM) के नेता देवेंद्र नाथ महतो का विधानसभा मार्च में शामिल होने का वीडियो साझा करते हुए लिखा, ”झारखंड के छात्रों के साथ एकजुटता में।” वीडियो में महतो को विधानसभा घेराव में शामिल छात्रों के साथ मार्च करते हुए देखा जा सकता है। इस दौरान विधानसभा के आसपास भारी पुलिस बल तैनात रहा और कई जगह बैरिकेडिंग की गई।

दीपके का यह समर्थन ऐसे समय आया है जब छात्र पिछले कई दिनों से राज्य में भर्ती परीक्षाओं में कथित धांधली के विरोध में आंदोलन कर रहे हैं। इससे पहले CJP ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर भी NEET पेपर लीक और अन्य परीक्षा संबंधी मुद्दों को लेकर प्रदर्शन किया था। पार्टी खुद को शिक्षा और परीक्षा से जुड़े मुद्दों पर युवाओं की आवाज के रूप में पेश कर रही है।

नौ दिनों से अनशन पर देवेंद्र नाथ महतो

  • देवेंद्र नाथ महतो पिछले 9 दिनों से जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में आमरण अनशन पर बैठे हैं। वह सोमवार को छात्रों के विधानसभा घेराव में भी शामिल हुए। बताया गया कि नौ दिनों के अनशन में उनका करीब 10.5 किलोग्राम वजन कम हो गया है। खराब स्वास्थ्य के कारण वह एंबुलेंस के साथ प्रदर्शन में शामिल हुए और अपने हाथ में पूर्व मुख्यमंत्री शिबू सोरेन का फोटो भी लेकर चले।

Jharkhand Protest News LIVE: पुलिस ने छात्रों पर लाठीचार्ज के बाद आंसू गैस के गोले दागे

महतो ने कहा कि राज्य सरकार को छात्रों की मांगें माननी चाहिए और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से अपील की कि प्रदर्शन कर रहे छात्रों के खिलाफ पुलिस बल का इस्तेमाल न किया जाए।

JSSC-CGL परीक्षा रद्द करने

छात्रों की मुख्य मांग JSSC-CGL परीक्षा रद्द करने और पूरे मामले की CBI जांच कराने की है। सोमवार को विधानसभा मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज, आंसू गैस के गोले और वाटर कैनन का इस्तेमाल किया।

इस बीच भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की जांच के तहत झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) के पूर्व अध्यक्ष एल. ख्यांगते को गिरफ्तार कर लिया गया। वह 1997 बैच के आईएएस अधिकारी और राज्य के पूर्व मुख्य सचिव भी रह चुके हैं। उन्हें फरवरी 2025 में JPSC का अध्यक्ष नियुक्त किया गया था, लेकिन अपराध अनुसंधान विभाग (CID) द्वारा जांच अपने हाथ में लेने के बाद उन्होंने 22 जुलाई को इस्तीफा दे दिया था।

CID के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक मनोज कौशिक ने उनकी गिरफ्तारी की पुष्टि करते हुए कहा कि भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों के मामले में यह कार्रवाई की गई है।

हालांकि झारखंड सरकार ने छात्र संगठनों के साथ करीब छह घंटे की बातचीत के बाद 14वीं JPSC संयुक्त सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा रद्द करने की घोषणा की है। लेकिन छात्र अभी भी आंदोलन खत्म करने को तैयार नहीं हैं। उनका कहना है कि JSSC परीक्षा भी रद्द होनी चाहिए और पूरे मामले की CBI जांच कराई जाए।