केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जेपी नड्डा की 17 अगस्त को नई दिल्ली स्थित एम्स में एंजियोप्लास्टी की गई। अस्पताल ने मंगलवार को बताया कि उनकी हालत स्थिर है और उन्हें निगरानी में रखा गया है।

इससे पहले अस्वस्थ महसूस करने के बाद जेपी नड्डा को एम्स दिल्ली में भर्ती कराया गया था। अस्पताल के मुताबिक, डॉक्टरों ने उनके टेस्ट किए और कोरोनरी एंजियोग्राफी समेत कई जांचें की गईं। जांच के बाद नड्डा को आगे की निगरानी के लिए कार्डियोलॉजी विभाग में भर्ती किया गया।

एम्स की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया, ”केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जेपी नड्डा की 17 अगस्त 2026 को एंजियोप्लास्टी की गई। उनकी हालत स्थिर है और एम्स, नई दिल्ली के कार्डियोलॉजी विभाग में निगरानी में रखा गया है।”

क्या है एंजियोप्लास्टी सर्जरी?

एंजियोप्लास्टी में एक छोटे बैलून कैथेटर का उपयोग किया जाता है जहां आपकी धमनी में रुकावट होती है, वहां इसे डाला जाता है और फुलाया जाता है जिससे धमनी चौड़ी हो जाती है। इससे हृदय में रक्त के प्रवाह को बेहतर बनाने में मदद मिल जाती है। लेकिन इस प्रक्रिया से जुड़े कई जोखिम हैं।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार “स्टेंट थ्रोम्बोसिस, जिसे एब्रप्ट वेसल क्लोजर (Abrupt vessel closure) और एक्यूट स्टेंट थ्रोम्बोसिस (Acute stent thrombosis) के रूप में भी जाना जाता है जो कि एंजियोप्लास्टी की एक सर्जिकल कठिनाई है।