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चीनियों को राजीव शर्मा लीक करता था गोपनीय सूचनाएं, डेढ़ साल में पाया 40 लाख रुपए, हर जानकारी पर मिलते थे हजार डॉलर: दिल्ली पुलिस

चीनी खुफिया एजेंसी ने पत्रकार को संवेदनशील सूचनाएं देने और बदले में बड़ी राशि लेने को कहा था।’’ उन्होंने बताया, ‘‘बड़ी संख्या में मोबाइल फोन, लैपटॉप और अन्य आपत्तिजनक/संवेदनशील सामग्री बरामद की गई है।’’

Author नई दिल्ली | Updated: September 19, 2020 10:10 PM
India, China, Delhi Policeपुलिस ने दावा किया कि वे ‘‘चीनी खुफिया एजेंसी’’ को संवेदनशील सूचना देने के एवज में फ्रीलांसर पत्रकार राजीव शर्मा को बड़ी राशि का भुगतान कर रहे थे।

दिल्ली पुलिस ने शनिवार को बताया कि एक चीनी महिला और उसके नेपाली साथी को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने दावा किया कि वे ‘‘चीनी खुफिया एजेंसी’’ को संवेदनशील सूचना देने के एवज में फ्रीलांसर पत्रकार राजीव शर्मा को बड़ी राशि का भुगतान कर रहे थे। पुलिस ने बताया, ‘‘पुलिस के विशेष प्रकोष्ठ ने फ्रीलांसर पत्रकार राजीव शर्मा को चीनी खुफिया एजेंसी को संवेदनशील सूचना देने के आरोप में गिरफ्तार किया है।

पत्रकार को मुखौटा कंपनियों के जरिये बड़ी राशि का भुगतान करने के आरोप में एक चीनी महिला और उसके नेपाली साथी को भी गिरफ्तार किया गया है। चीनी खुफिया एजेंसी ने पत्रकार को संवेदनशील सूचनाएं देने और बदले में बड़ी राशि लेने को कहा था।’’ उन्होंने बताया, ‘‘बड़ी संख्या में मोबाइल फोन, लैपटॉप और अन्य आपत्तिजनक/संवेदनशील सामग्री बरामद की गई है।’’ पुलिस ने बताया कि शर्मा पीतमपुरा के रहने वाले हैं और दिल्ली पुलिस के विशेष प्रकोष्ठ ने उन्हें गिरफ्तार किया है। पुलिस उपायुक्त (विशेष प्रकोष्ठ) संजीव कुमार यादव ने शुक्रवार कहा , ‘‘उनके पास रक्षा से जुड़े कुछ गोपनीय दस्तावेज बरामद हुए है। मामले की जांच चल रही और आगे की जानकारी बाद में दी जाएगी।’’

पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार पत्रकार राजीव शर्मा नियंत्रण रेखा पर सेना की तैनाती और भारत की सीमा रणनीति की जानकारी चीनी खुफिया तंत्र को दे रहा था। चीनियों को गोपनीय सूचना देने के आरोप में गिरफ्तार राजीव शर्मा को गत डेढ़ साल में 40 लाख रुपये मिले। शर्मा को प्रत्येक सूचना के बदले 1000 डॉलर मिलते थे।

शर्मा को केंद्रीय खुफिया एजेंसी की सूचना के आधार पर 14 सितंबर को गिरफ्तार किया गया था। उसके पास से रक्षा मंत्रालय के गोपनीय दस्तावेज मिले हैं। वह चीनी अखबार ‘ग्लोबल टाइम्स’ में रक्षा मामलों पर लिखता था। वर्ष 2016 में चीनी एजेंट के संपर्क में आया।

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