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Social media पर पत्रकार को महंगा पड़ गया पोस्ट करना, हाथों में लगी हथकड़ी

छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित बस्तर क्षेत्र में सोशल मीडिया में कथित तौर पर आपत्तिजनक पोस्ट करने के आरोप में पुलिस ने एक स्थानीय पत्रकार को गिरफ्तार किया है।

Author रायपुर | March 24, 2016 5:26 AM
पत्रकार प्रभात सिंह

छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित बस्तर क्षेत्र में सोशल मीडिया में कथित तौर पर आपत्तिजनक पोस्ट करने के आरोप में पुलिस ने एक स्थानीय पत्रकार को गिरफ्तार किया है। राज्य के मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने इसे लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर हमला बताया है।
बस्तर जिले के पुलिस अधीक्षक आरएन दास ने बताया कि सोशल मीडिया में आपत्तिजनक टिप्पणी पोस्ट करने के आरोप में प्रभात सिंह को आइटी कानून के तहत गत सोमवार को गिरफ्तार किया गया। सिंह को पुलिस ने अदालत में पेश किया था जिसके बाद उसे 15 दिनों के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। प्रभात सिंह के भाई विष्णु सिंह के मुताबिक प्रभात राष्ट्रीय हिंदी दैनिक से स्ट्रिंगर के तौर पर जुड़ा है। पुलिस के खिलाफ लिखने के आरोप में उसे गिरफ्तार किया गया है।

पुलिस अधीक्षक दास ने बताया कि क्षेत्र के बीजापुर जिले के पत्रकार संतोष तिवारी और अन्य लोगों ने पुलिस से शिकायत की थी कि प्रभात ने सोशल मीडिया वाट्सअप पर इस महीने आपत्तिजनक टिप्पणी पोस्ट की थी। इसे लेकर समूह के अन्य सदस्यों के साथ विवाद भी हुआ था। पुलिस अधिकारी ने बताया कि क्षेत्र के दंतेवाड़ा जिले में प्रभात सिंह के खिलाफ पिछले एक साल में तीन मामले दर्ज किए गए हैं। इनमें गीदम और बारसूर क्षेत्र में ग्रामीणों से पैसे लेकर फर्जी आधार कार्ड बनाने का भी मामला है।

उन्होंने कहा कि उनके पास प्रभात के पत्रकार होने की जानकारी नहीं है। वैसे भी एक पत्रकार आधार कार्ड बनाने का काम कैसे कर सकता है। प्रभात सिंह के भाई विष्णु सिंह ने आरोप लगाया कि पिछले दिनों बस्तर क्षेत्र के पखनार गांव के जंगल में कथित फर्जी मुठभेड़ को लेकर उसके भाई प्रभात ने समाचार बनाया था जिसके बाद से पुलिस उसके खिलाफ हो गई है।

उन्होंने कहा कि प्रभात ने एक मार्च को स्थानीय पत्रकार संतोष तिवारी, महेश राव और सामाजिक एकता मंच के व्यक्ति सुब्बा राव के खिलाफ वाट्सअप समूह में कथित अभद्रता करने के आरोप में पुलिस से शिकायत की थी। पुलिस ने इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की है। अब उसके भाई को फर्जी आरोप में फंसाने की कोशिश की जा रही है।

इधर, राज्य के मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने इस मामले को लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर हमला बताया है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मीडिया विभाग के प्रमुख शैलेष नितिन त्रिवेदी ने कहा कि बस्तर में लगातार पत्रकारों को सरकार प्रताड़ित कर रही है। यह लोकतंत्र की हत्या का प्रयास है। त्रिवेदी ने कहा कि हम सिंह की गिरफ्तारी का विरोध करते हैं।

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