तमिलनाडु में नई सरकार बनने को लेकर सस्पेंस बरकरार है और पिछले चार दिनों से जोड़-तोड़ की राजनीति तेज हो गई है। विधानसभा चुनाव में सबसे बड़ी पार्टी उभरी सी. जोसेफ विजय की टीवीके ने 234 में से 108 सीटों के साथ राज्य में ‘द्रविड़ियन राजनीति’ के परचम को ध्वस्त कर दिया है। 4 मई के बाद से ही टीवीके, कांग्रेस, डीएमके, एआईएडीएमके के नेता लगातार नई सरकार को लेकर लगातार अलग-अलग बयान दे रहे हैं। अब AIADMK के राष्ट्रीय प्रवक्ता कोवाई सत्यन ने TVK के खुद को सबसे बड़ी पार्टी बताने के दावे और कांग्रेस के साथ उसके गठबंधन की आलोचना की है।

समाचार एजेंसी एएनआई के साथ बीतचीत में सत्यन ने शुक्रवार को कहा, ”TVK ने खुद यह स्वीकार किया है कि हम 108 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी हैं और हमें 5 अन्य सदस्यों का समर्थन मिला हुआ है है। इसलिए राज्यपाल का यह पूछना कर्तव्य है कि बाकी 5 कहां हैं?”

‘कांग्रेस ने जहाज में छेद कर दिया है’

TVK और कांग्रेस के गठबंधन पर उन्होंने आगे कहा, ”118 सीटों की जरूरत है और कांग्रेस की 5 सीटें जोड़ने से भी TVK नहीं बचेगी। कांग्रेस ने जहाज में छेद कर दिया है और यह ऐसा है जैसे जहाज को और तेजी से डुबाने में मदद करना।”

आपको बता दें कि तमिलनाडु में हुए विधानसभा चुनाव में टीवीके ने 108 सीटों पर जीत हासिल की थी। वहीं कांग्रेस को 5 सीटों पर जीत मिली और नए गठबंधन के पास अभी 112 सीटें हैं। टीवीके के नेतृत्व वाले इस संभावित गठबंधन में अभी भी 5 सीटें कम पड़ रही हैं। 234 सीटों वाली विधआनसभा में बहुमत साबित करने के लिए 118 का आंकड़ा जरूरी है।

सूत्रों के मुताबिक, राज्यपाल ने सरकार गठन के लिए आवश्यक ‘मैजिक नंबर’ पर स्पष्टता मांगी और विजय से तमिलनाडु में सरकार बनाने के TVK के दावे का समर्थन करने वाले विधायकों का जानकारी पेश करने को कहा।

राज्यपाल पर बीजेपी के इशारों पर काम करने का आरोप

अब जबकि कांग्रेस खुलकर कांग्रेस के समर्थन में आ गई है। ऐसे में राज्यपाल सी. पी. राधाकृष्णन आर्लेकर द्वारा विजय को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित न किए जाने पर उसके नेताओं ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। कई नेताओं ने आरोप लगाया है कि आर्लेकर BJP के इशारों पर काम कर रहे हैं ताकि निर्धारित प्रक्रिया को रोका जा सके और संविधान को कमजोर किया जा सके।

TVK के संयुक्त महासचिव सीटीआर निर्मल कुमार ने गुरुवार को पार्टी नेताओं के साथ कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया के नेताओं से चेन्नई स्थित CPI कार्यालय में मुलाकात की ताकि तमिलनाडु में सरकार बनाने के लिए समर्थन जुटाया जा सके।

मीडिया से बातचीत में निर्मल कुमार ने कहा कि VCK और CPI दोनों ही TVK को समर्थन देने के मुद्दे पर आपसी बैठकें करेंगी और उसके बाद अपना फैसला बताएंगी। चुनाव में CPI और VCK दोनों ने दो-दो सीटें जीती हैं।

राज्यपाल के अधिकार और जनता के जनादेश को लेकर बहस तेज

तमिलनाडु के राज्यपाल राजेंद्र अर्लेकर द्वारा तमिलगा वेट्री कड़गम (TVK) नेता विजय को मुख्यमंत्री पद की शपथ दिलाने में देरी किए जाने के फैसले ने फिर से इस बहस को तेज कर दिया है कि राज्यपाल का अधिकार बड़ा है या जनता का जनादेश। TVK चीफ विजय के शपथ ग्रहण में देरी हो रही है और इस बीच राज्यपाल की भूमिका पर सवाल उठे हैं और सुप्रीम कोर्ट के पुराने फैसलों की चर्चा भी हो रही है। आमतौर पर सबसे बड़ी पार्टी अपना दावा पेश करती है और उसे सरकार बनाने के लिए आमंत्रित किया जाता है, तथा सदन में उसे अपना बहुमत साबित करना होता है।