रविवार सुबह तमिलनाडु के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने के बाद सी. जोसेफ विजय ने तीन फाइलों पर हस्ताक्षर किए। जिनमें घरेलू उपभोक्ताओं के लिए 200 यूनिट मुफ्त बिजली , हेल्पलाइन के साथ महिलाओं की सुरक्षा के लिए एक विशेष बल और एक राज्यव्यापी नशा-विरोधी तंत्र।
इसके बाद सी जोसेफ विजय ने अपने समर्थकों के सामने खड़े हुए और अपने युवा प्रशासन का सबसे स्पष्ट राजनीतिक संदेश दिया। विजय ने कहा कि किसी को यह सोचना भी नहीं चाहिए कि सत्ता में आने के बाद हम मनमानी कर सकते हैं। ऐसे विचार मन में भी न रखें। इसे पूरी तरह से मिटा दें। सत्ता का केंद्र केवल एक ही होगा, और वह मैं हूं।
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री के लिए यह एक असामान्य पहला दिन था, जिसमें राजनीतिक परिवर्तन, जन प्रदर्शन और एक स्टार व उसके दर्शकों के बीच दशकों पुराने फिल्मी रिश्ते का भावनात्मक समापन शामिल था। विजय ने खुद को कुछ और ही रूप में प्रस्तुत करने की कोशिश की। एक ऐसा व्यक्ति जिसने एक टूटे हुए राज्य को संभाला है और उसे फिर से संवारने के लिए समय मांग रहा है।
जोसेफ विजय ने कहा कि राज्य की हालत बहुत खराब है। उन्होंने पूर्व डीएमके सरकार के दौरान तमिलनाडु के वित्त पर एक श्वेत पत्र जारी करने का वादा किया। उन्होंने कहा कि मैं सबसे पहले श्वेत पत्र जारी करूंगा। पिछली सरकार ने हम पर 10 लाख करोड़ रुपये का कर्ज छोड़ा है।
विजय के भाषण में व्यक्तिगत अनुभव और प्रशासनिक चेतावनी दोनों का समावेश था। विजय ने सहायक निर्देशक के बेटे के रूप में अपने बचपन, गरीबी और भूख के बारे में बताया और कहा कि उनका संबंध किसी राजकुमार परिवार से नहीं है। उन्होंने श्रोताओं को याद दिलाया कि सिनेमा जगत में आने से पहले उन्हें अपमान और कठिनाइयों का सामना करना पड़ा था। उन्होंने कहा कि मैं आपका बेटा, आपका भाई हूं। आपने मुझे अपने दिलों में जगह दी है।
शपथ ग्रहण समारोह राजनीतिक रैली और फिल्म कार्यक्रम के समभावों के साथ संपन्न हुआ। सुबह 9 बजे तक स्टेडियम टीवीके कार्यकर्ताओं, फिल्म प्रेमियों, समर्थकों और आमंत्रित अतिथियों से भर चुका था। अभिनेत्री त्रिषा भी पहुंचीं। कांग्रेस नेता राहुल गांधी दिल्ली से आए और मंच पर अपनी सीट ग्रहण की। विजय के माता-पिता दर्शकों के बीच बैठे थे। टीवीके के वरिष्ठ नेता लगातार स्टेडियम में आते-जाते रहे और विशाल स्क्रीन पर उत्साहित समर्थकों को दृश्य दिखाए जाते रहे।
सुबह 10.24 बजे राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर ने विजय को पद की शपथ दिलाई। जिन्होंने कुछ समय के लिए तैयार पाठ से हटकर भाषण दिया, जिसके बाद राज्यपाल ने उन्हें विनम्रतापूर्वक आधिकारिक पाठ का पालन करने के लिए कहा।
तमिलनाडु के लिए यह क्षण एक विचित्र राजनीतिक समरूपता लेकर आया। लगभग छह दशकों से राज्य ने सीएन अन्नादुरई, एमजी रामचंद्रन, एम करुणानिधि और जे जयललिता जैसी हस्तियों के माध्यम से सिनेमा और राजनीति के परस्पर प्रभाव को बार-बार देखा है। लेकिन विजय का उदय एक अलग तरह की राजनीतिक ऊर्जा से हुआ, जो कार्यकर्ताओं पर कम, प्रशंसकों पर अधिक आधारित थी, डिजिटल संस्कृति द्वारा बदला हुआ था और पुरानी व्यवस्था से असंतुष्ट युवा मतदाताओं द्वारा समर्थित थी। रविवार को यही प्रशंसक ऊर्जा राज्य सत्ता में तब्दील हो गई।
शपथ ग्रहण करने के तुरंत बाद विजय के साथ नौ विधायकों ने मंत्री पद की शपथ ली। जिनमें टीवीके के वरिष्ठ नेता ‘बुस्सी’ एन आनंद, आधव अर्जुन, केए सेंगोत्तैयान, पी वेंकटरामनन, आर निर्मलकुमार और राजमोहन शामिल थे।
टीवीके के नेतृत्व वाले गठबंधन को 234 सदस्यीय विधानसभा में 120 विधायकों का समर्थन मिलने के बाद राज्यपाल ने शनिवार को विजय को औपचारिक रूप से सरकार बनाने के लिए आमंत्रित किया था। कांग्रेस, सीपीआई, सीपीआई (एम), विदुथलाई चिरुथिगल कच्ची(वीसीके) और आईयूएमएल से समर्थन पत्र प्राप्त होने के बाद बहुमत का अंतिम चरण पूरा हुआ। जिससे सरकार गठन को लेकर कई दिनों से चल रही अनिश्चितता और अटकलों का अंत हुआ। विजय को अब 13 मई से पहले विधानसभा में अपना बहुमत साबित करना होगा।
विजय ने अपनी जीत को केवल चुनावी जीत के बजाय तमिलनाडु की जनता के प्रति भावनात्मक ऋण के रूप में बार-बार प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि मैं राजनीति में इसलिए आया ताकि आपके प्रति अपने कृतज्ञता के ऋण को चुका सकूं। उन्होंने अपने प्रशासन और पिछले प्रशासन के बीच स्पष्ट अंतर बताने का भी प्रयास किया और “पारदर्शी शासन” का वादा किया। विजय ने कहा कि उनकी सरकार “लोगों का पैसा नहीं लूटेगी” और “झूठे वादे” न करने का संकल्प लिया।
साथ ही, उन्होंने राज्य की कल्याणकारी नीतियों पर आधारित राजनीतिक संस्कृति को जारी रखने का संकेत दिया। मुफ्त बिजली का मुद्दा प्रमुख बना रहा। सामाजिक न्याय भी उतना ही महत्वपूर्ण था। उन्होंने घोषणा की, “वास्तविक, धर्मनिरपेक्ष सामाजिक न्याय का एक नया युग अब शुरू होता है।
स्टेडियम में मौजूद भीड़ ने लगभग विजय के हर संबोधन पर नारे लगाकर और तालियां बजाकर उत्साह बढ़ाया। विजय ने उन लोगों को धन्यवाद दिया जिन्हें उन्होंने “आभासी योद्धा” कहा, यानी ऑनलाइन स्वयंसेवक और समर्थक जिन्होंने टीवीके की डिजिटल प्रचार मशीनरी बनाने में मदद की। उन्होंने अपने सहयोगियों- राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे, एमए बेबी, डी राजा, थोल थिरुमावलवन और अन्य का नाम लेकर आभार व्यक्त किया। जिससे उनकी सरकार के गठबंधन स्वरूप का संकेत मिला।
तमिलनाडु की राजनीति वर्षों से दो बड़े द्रविड़ गुटों के इर्द-गिर्द घूमती रही, जो पतन के बावजूद भी स्थायी प्रतीत होते थे। रविवार को राज्य ने एक नए मुख्यमंत्री को फिल्मी अंदाज को प्रशासनिक वैधता में बदलने का प्रयास करते देखा। लोगों ने ज़ोरदार जयकारे लगाए। वादे भी बड़े थे। विजय ने कहा कि ज़िम्मेदारी और भी बड़ी होगी।
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री बने जोसेफ विजय, राज्यपाल ने दिलाई शपथ
टीवीके प्रमुख सी. जोसेफ विजय तमिलनाडु के नए मुख्यमंत्री बने। राज्यपाल ने उनको पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। विजय के बाद उनके 9 विधायकों को भी मंत्री पद की शपथ दिलाई गई। इस दौरान मंच पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी भी मौजूद रहे। तमिलनाडु में सरकार गठन के लिए ज़रूरी विधायकों से ज़्यादा (120) का समर्थन मिलने के बाद टीवीके नेता विजय तमिलनाडु के राज्यपाल राजेंद्र अर्लेकर से मिलने लोक भवन गए थे। पढ़ें पूरी खबर।
