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1998 के आर्म्स एक्ट मामले में जोधपुर अदालत ने अभिनेता सलमान खान को किया बरी

Salman khan Arms Case: 18 साल पुराने मामले में जोधपुर कोर्ट ने सुनाया फैसला

अनीस ने बताया कि सलमान को नो एंट्री में एंट्री की कहानी काफी पसंद आई।

18 साल पुराने आर्म्स एक्ट मामले में जोधपुर की अदालत ने अभिनेता सलमान को बरी कर दिया है। अब उन्हें जेल नहीं जाना पड़ेगा। कोर्ट ने  सलमान से उनका नाम पूछने के बाद कहा-आप दोषमुक्त किए जाते हैं। कोर्ट ने उन्हें संदेह का लाभ के तहत बरी किया है।  इससे पहले सलमान के वकील ने भी दावा किया था कि वह बरी हो गए हैं। अभियोजन पक्ष के वकील ने कहा है कि वह अदालत के आदेश की कॉपी आने के बाद आगे के कदम के बारे में सोचेंगे। इससे पहले  जज के आने के बाद भी जब सलमान कोर्ट नहीं पहुंचे तो उन्हें आधे घंटे में पेश होने का आदेश दिया गया था। सलमान की बहन अलवीरा खान भी कोर्ट में उनके साथ थीं। सलमान खान के खिलाफ दर्ज 4 मामलों से यह एक था। आरोप था कि सलमान की बंदूक या राइफल का लाइसेंस खत्म हो चुका था।

खान और उनकी बहन अलवीरा मंगलवार शाम यहां पहुंचे थे। सलमान खान अपने बॉडीगार्ड के साथ हरी महल पैलेस होटल में रुके हैं। इस मामले से जुड़े दोनों पक्ष की जिरह नौ जनवरी को पूरी हो गई थी, जिसके बाद मजिस्ट्रेट दलपत सिंह राजपुरोहित ने अभिनेता को अदालत में उपस्थित रहने का निर्देश देते हुए अपने फैसले को 18 जनवरी तक के लिए सुरक्षित रख लिया था।

इससे पहले उनके वकील ने कोर्ट में मजबूती से उनका पक्ष रखा था। सलमान खान के वकील ने पूरे मामले को ही गलत ठहराते हुए दमदार तर्क दिए थे। उनका कहना था कि सलमान खान का पता मुंबई के बजाय जोधपुर का बताया गया है और मुख्य गवाह पूनम चंद के बयान दर्ज नहीं कराए गए हैं। इसके साथ ही वन विभाग के अधिकारियों ने एयरगन बरामद होना बताया है।

गौरतलब है कि 1998 में फिल्म ‘हम साथ-साथ हैं’ की शूटिंग के दौरान सलमान खान पर 3 अलग-अलग जगहों पर हिरणों का शिकार करने का आरोप है। इनमें से दो में उन्हें हाईकोर्ट से बरी किया जा चुका है। जबकि एक अन्य मामले की सुनवाई जोधपुर कोर्ट में 25 जनवरी को है।

जानिए इस मामले में कब क्या हुआ
26-27 सितंबर 1998-भवाद गांव में दो चिंकारा की मौत।
28-29 सितंबर 1998– मथानिया (घोड़ा फार्म) में एक चिंकारा का शिकार।
1 अक्टूबर 1998 की रात सलमान पर कांकाणी गांव की सरहद में दो काले हिरणों के शिकार का आरोप लगा।
17 फरवरी 2006 -निचली अदालत (सीजेएम) ने उन्हें दोनों मामलों में दोषी ठहराते हुए एक साल की सजा सुनाई।
10 अप्रैल, 2006 को इसी मामले में पांच साल के कारावास की सजा सुनाई थी।
2007 में करीब एक सप्ताह तक जेल में रहे थे।
सलमान ने दोषी ठहराए जाने के फैसले को सेशन्स कोर्ट में चुनौती दी थी। सेशन्स कोर्ट ने मथानिया के मामले में याचिका खारिज कर दी थी और भवाद के मामले में याचिका को हाई कोर्ट भेज दिया था।
16 नवंबर 2015 से 13 मई 2016 तक इन दोनों मामले में हाई कोर्ट में सुनवाई चली।
जुलाई 2016 में राजस्थान हाईकोर्ट ने सबूतों के अभाव में सलमान खान को बरी कर दिया था।
-हाईकोर्ट ने दोनों मामलों में सलमान को बरी कर दिया। अब इस फैसले को राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है।
9 जनवरी 2017– आर्म्स एक्ट मामले में दोनों पक्षों की जिरह पूरी हो गई थी, जिसके बाद मजिस्ट्रेट दलपत सिंह राजपुरोहित ने अभिनेता को अदालत में उपस्थित रहने का निर्देश देते हुए अपने फैसला सुरक्षित रखा था।
18 जनवरी 2017 में कोर्ट ने सलमान को बरी किया।

सलमान खान को 18 साल पुराने आर्म्स एक्ट मामले में जोधपुर कोर्ट ने किया बरी, देखें वीडियो :

 

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