Rajasthan News: राजस्थान के जोधपुर में एक युवती ने आत्महत्या कर ली है। उसने आरोप लगाया था कि पुलिस ने उन लोगों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की, जिन पर उसकी बड़ी बहन के साथ गैंगरेप और ब्लैकमेल करने का आरोप था। उसकी बड़ी बहन ने भी करीब दो महीने पहले आत्महत्या कर ली थी।
पुलिस के अनुसार, बड़ी बहन की मौत 20 मार्च को और छोटी बहन की मौत 15 मई को हुई थी। शुक्रवार को छोटी बहन की मौत के बाद लोगों में भारी गुस्सा भड़क उठा। स्थानीय समुदाय के लोग मथुरादास माथुर अस्पताल के बाहर जमा हो गए और पुलिस की कथित निष्क्रियता के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया।
पुलिस ने दो आरोपियों को हिरासत में लिया
पुलिस ने दो आरोपियों को हिरासत में ले लिया है और सात अन्य से पूछताछ शुरू कर दी है। एएसपी रघुनाथ गर्ग ने सबूत इकट्ठा करने के काम की निगरानी की और एक फोरेंसिक टीम को भी बुलाया गया। अब परिवार के सदस्यों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं, क्योंकि इस मामले की नए सिरे से जांच की जा रही है।
जोधपुर ग्रामीण के एएसपी भोपाल लखावत ने द इंडियन एक्सप्रेस को बताया, “हमने एक FIR दर्ज की है, जिसमें कई आरोपियों के नाम शामिल हैं। हमारे जांच अधिकारी आरोपियों से पूछताछ कर रहे हैं और हम जल्द ही आवश्यक कार्रवाई करेंगे।”
क्या था आरोप?
छोटी बहन और उसके परिवार के सदस्यों द्वारा लगाए गए आरोपों के अनुसार, बड़ी बहन को कथित तौर पर लगभग चार सालों तक गैंगरेप, ब्लैकमेल और शोषण का शिकार होना पड़ा था। FIR के अनुसार, उसकी जान-पहचान के एक व्यक्ति ने उसे प्रेम-संबंध बनाने के लिए फुसलाया, उनके निजी वीडियो रिकॉर्ड किए और उनका इस्तेमाल पैसे ऐंठने और उसका यौन शोषण करने के लिए किया। लंबे समय तक चले इस दुर्व्यवहार और दबाव को सहन न कर पाने के कारण उसने आत्महत्या कर ली।
उसकी मृत्यु के बाद, आरोपियों के उसी समूह ने कथित तौर पर उसकी छोटी बहन को निशाना बनाया और मारपीट व धमकियों का सिलसिला जारी रखा। उसने 11 अप्रैल को पुलिस में शिकायत दर्ज कराई, जिसमें कई लोगों के नाम शामिल थे और उसने अपने साथ हुए दुर्व्यवहार और धमकियों के बारे में बताया। एक महीने से ज्यादा समय तक कोई ठोस कार्रवाई न होने पर, उसने अधिकारियों को लिखित में चेतावनी दी कि अगर उसे न्याय नहीं मिला तो वह आत्महत्या कर सकती है।
राजपूत समुदाय में भारी गुस्सा
इस घटना से लोगों में, विशेष रूप से स्थानीय राजपूत समुदाय में भारी गुस्सा है। इस समुदाय ने पुलिस पर लापरवाही बरतने और आरोपियों को बचाने का आरोप लगाया है। मारवाड़ राजपूत समाज के अध्यक्ष हनुमानगढ़ सिंह ने जोधपुर में कहा, “यह मामला पुलिस की घोर लापरवाही का उदाहरण है। हम तत्काल गिरफ्तारी और समय पर कार्रवाई न करने वाले अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग करते हैं। अगर प्रशासन समय पर कार्रवाई नहीं करता और पीड़ित परिवार की मदद करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार नहीं करता, तो हम पूरे राज्य में व्यापक विरोध प्रदर्शन करेंगे।”
बढ़ते दबाव के चलते, अधिकारियों ने स्थानीय पुलिस चौकी प्रभारी को लाइन हाजिर कर दिया है और स्टेशन हाउस ऑफिसर और डीएसपी के खिलाफ विभागीय जांच शुरू कर दी है।
बूंदी का 300 करोड़ रुपये का बासमती चावल बंदरगाहों पर फंसा
पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के चलते राजस्थान के बूंदी और कोटा का चावल उद्योग भारी दबाव में है। निर्यात ठप होने से लगभग 300 करोड़ रुपये मूल्य का बासमती चावल बंदरगाहों और गोदामों में फंसा हुआ है। पढ़ें पूरी खबर…
