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JNU हिंसा: 23 बार PCR पर कॉल, घंटों का इंतजार, लेकिन कैंपस में नहीं दाखिल हुई दिल्ली पुलिस; होती रही तोड़फोड़

JNU Violence, Delhi Police: जेएनयू हिंसा को दिल्ली पुलिस सवालों के घेरे में हैं। आरोप है कि हिंसा वाले दिन दर्जनों बार पर पुलिस कंट्रोल को फोन करने के बाद भी कोई रिस्पांस नहीं मिला। मिला भी तो कई घंटे के बाद।

new delhiजेएनयू में पुलिस (फोटो सोर्स: इंडियन एक्सप्रेस)

JNU Violence, Delhi Police: जवाहर लाल नेहरू युनिवर्सिटी (JNU) हिंसा मामले में दिल्ली पुलिस की कार्यशैली को लेकर विपक्ष लगातार सवाल उठा रहा है। इस बीच खबर है कि हिंसा वाले दिन रविवार को लगभग चार घंटे दोपहर 2.30 बजे से जब नकाबपोश “उपद्रवियों” को पहली बार जेएनयू के अंदर इकट्ठा होते देखा गया तब से कैंपस के अंदर से पीसीआर को 23 बार कॉल किया। लेकिन शाम 7 बजकर 45 मिनट तक तक कुछ भी एक्शन नहीं लिया गया, जब तक कि JNU के रजिस्ट्रार प्रमोद कुमार ने दिल्ली पुलिस को एक आधिकारिक पत्र नहीं सौंपा कि वह कैंपस के अंदर दाखिल हो।

तीन घंटे तक होता रहा उपद्रव: मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, हिंसा वाले दिन की घटना का विवरण देने वाली एक पुलिस रिपोर्ट में में दावा किया गया है कि लगभग 100 नकाबपोश लोग लगभग तीन घंटे तक JNU परिसर के अंदर हंगामा करते रहे, जिसमें 36 छात्र, शिक्षक और कर्मचारी घायल हुए। रिपोर्ट, जो दिल्ली पुलिस कमिश्नर अमूल्य पटनायक को सौंपी गई है, उसे गृह मंत्रालय को भेजे जाने की संभावना है। बताया जा रहा है कि रिपोर्ट में उस दिन हुई घटना के बारे में सुबह 8 बजे से पूरा विवरण है।

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क्या है रिपोर्ट में: जेएनयू प्रशासन ब्लॉक में रात की शिफ्ट में 27 पुलिसकर्मी महिलाओं सहित सादे लिबास में ड्यूटी के लिए पहुंची थी। उनका काम हाईकोर्ट के आदेश के अनुसार में पुलिस को यह सुनिश्चित करना था कि कोई भी धरना या प्रदर्शन ब्लॉक के 100 मीटर के दायरे में न हो। उन्होंने कहा कि टीम का नेतृत्व इंस्पेक्टर आनंद यादव कर रहे थे और उनके पास कोई हथियार या लाठी नहीं थी। 2.30 बजे-3.30 बजे के बीच 1 पीसीआर कॉल JNU से आई। जो कि जेएनयू कॉम्प्लेक्स के अंदर एक “झगड़े” के बारे में चेतावनी थी। फोन करने वाले ने बदमाशों या जेएनयू के छात्रों के बारे में बताया कि, ज्यादातर उनके चेहरे मफलर और कपड़े से ढके हुए थे, जिन्होंने प्रशासन भवन के आसपास छोटे समूहों में इकट्ठा करना शुरू कर दिया था।

कैंपस से की गई कॉल: शाम 4.45 बजे-4.15 बजे पीसीआर पर 8 बार कॉल की गई थी। जो कि मुख्य रूप से पेरियार छात्रावास में छात्रों की पिटाई से संबंधित थी। हॉस्टल में घुसने और छात्रों पर हमला करने पर 40-50 उपद्रवियों को उनके चेहरे ढंके थे और लाठी से लैस थे। इसके बाद 4.15 बजे-शाम 6 बजे तक 14 पीसीआर कॉल की गई। जो कि छात्रों द्वारा झगड़े और एकत्र होने की घटनाओं पर थी।

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