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नये हॉस्टल मैनुअल के खिलाफ अदालत का दरवाजा खटखटाएगा JNU छात्र संघ

जेएनयूएसयू ने छात्रों से यह भी अपील की कि वे तब तक परीक्षाओं और कक्षाओं का बहिष्कार करें जब तक उन्हें मानसून सत्र 2019 के शैक्षणिक बैकलॉग को पूरा करने के लिए ‘‘बफर टाइम’’ नहीं मिलता।

Author नई दिल्ली | Updated: January 19, 2020 10:10 PM
जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (फाइल फोटो)

जवाहरलाल नेहरु विश्वविद्यालय छात्र संघ (जेएनयूएसयू) ने रविवार को कहा कि वह 20 जनवरी को अदालत का दरवाजा खटखटाएगा और नये हॉस्टल मैनुअल को रद्द करने का अनुरोध करेगा, जिसमें फीस बढ़ोतरी का प्रावधान है। जेएनयूएसयू ने एक बयान में कहा कि वह इंटर..हॉल एडमिनिस्ट्रेशन मैनुअल के खिलाफ सोमवार को याचिका दायर करेगी।

जेएनयूएसयू ने दावा किया कि इसे छात्र संघ की प्रतिक्रिया लिये बिना अक्टूबर में ‘‘अवैध तरीके’’ से पारित किया गया था। जेएनयूएसयू इस मुद्दे को लेकर करीब तीन महीने से हड़ताल पर है। छात्र संघ ने छात्रों से पंजीकरण और सभी शैक्षणिक गतिविधियों का बहिष्कार जारी रहने का आग्रह किया।

छात्र संघ ने कहा कि अर्जी में ‘‘पुरानी दरों पर बिना किसी विलंब शुल्क’’ के पंजीकरण का अनुरोध किया गया है। इस महीने के शुरू में विश्वविद्यालय में दो छात्र समूहों के बीच पंजीकरण के मुद्दे पर झड़प हुई थी। आंदोलन के बीच पांच जनवरी को नकाबपोश लोगों ने विश्वविद्यालय परिसर में तोड़फोड़ की थी और छात्रावासों में घुसकर छात्रों एवं शिक्षकों पर हमला किया था। इसको लेकर देशभर में तीखी प्रतिक्रिया हुई थी।

जेएनयूएसयू ने छात्रों से यह भी अपील की कि वे तब तक परीक्षाओं और कक्षाओं का बहिष्कार करें जब तक उन्हें मानसून सत्र 2019 के शैक्षणिक बैकलॉग को पूरा करने के लिए ‘‘बफर टाइम’’ नहीं मिलता। छात्र संघ ने यह भी मांग की कि जेएनयू प्रशासन ‘‘अत्यधिक शुल्क वृद्धि के खिलाफ संघर्ष करने वाले छात्रों के खिलाफ सभी दंडात्मक कार्रवाइयों को पूरी तरह से रद्द करे।’’

आंदोलनकारी छात्रों के अनुसार, उन्हें उस बैठक में आमंत्रित नहीं किया गया था जहाँ आईएचए मैनुअल पारित किया गया था। आंदोलनकारी छात्रों के अनुसार उसमें छात्रावास शुल्क वृद्धि के लिए प्रावधान हैं और हाशिए पर रहने वाले वर्गों के छात्रों के लिए छात्रावास सुविधा प्राप्त करने के लिए कोई आरक्षण नीति नहीं है।

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